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मोकामा : बहन को बचाने में गंगा में डूबे दो भाई

Updated at : 27 Nov 2018 9:27 AM (IST)
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मोकामा : बहन को बचाने में गंगा में डूबे दो भाई

मोकामा : गंगा नदी में डूबकर सोमवार की दोपहर दो चचेरे भाइयों की जान चली गयी. यह हादसा मोकामा थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ गंगा घाट पर हुआ. मृतकों में मोकामा के ही लखनचंद निवासी विक्रम कुमार (20 वर्ष) पिता राजकुमार पासवान और विवेक कुमार उर्फ कल्लू (14 वर्ष) पिता संजय पासवान के रूप में हुई. […]

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मोकामा : गंगा नदी में डूबकर सोमवार की दोपहर दो चचेरे भाइयों की जान चली गयी. यह हादसा मोकामा थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ गंगा घाट पर हुआ. मृतकों में मोकामा के ही लखनचंद निवासी विक्रम कुमार (20 वर्ष) पिता राजकुमार पासवान और विवेक कुमार उर्फ कल्लू (14 वर्ष) पिता संजय पासवान के रूप में हुई.
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया. अंचलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नान के दौरान विक्रम की छोटी बहन स्वीटी गहरे पानी में डूबने लगी. विक्रम ने गंगा में छलांग लगाकर बहन की जान तो बचा ली, लेकिन वह खुद डूबने लगा. यह देखकर विवेक ने पानी में कूदकर चचेरे भाई को बचाने की कोशिश की. वहीं बारी–बारी से दोनों भाई गंगा में समा गये.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मौके पर मौजूद महिला ने साड़ी का पल्लू फेंककर स्वीटी को पानी से बाहर निकाला. वहीं, दोबारा पल्लू फेंककर पानी में डूब रहे भाइयों को भी बचाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका. घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी व स्थानीय पुलिस गंगा घाट पर पहुंची. वहीं, नाविकों व महाजाल की मदद से शवों की तलाश शुरू की. तकरीबन दो घंटे तक मशक्कत के बाद दोनों शवों को बरामद कर लिया गया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों चचेरे भाइयों के साथ बहन स्वीटी व जीजा सूरज पासवान (लखीसारय के पहाड़पुर निवासी) स्नान के लिए गंगा घाट गये थे. सूरज स्नान के बाद गंगा तट पर पत्नी स्वीटी व दोनों सालाें का इंतजार कर रहा था. अचानक स्वीटी डूबने लगी. स्वीटी की जान तो किसी तरह बच गयी, लेकिन बचाने के चक्कर में दोनों भाइयों की डूबने से मौत हो गयी. यह दृश्य देखकर सूरज को गहरा सदमा पहुंचा. वह बहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा. उसका इलाज मरांची के निजी अस्पताल में चल रहा है.
गंगा तट पर मचा कोहराम
दर्दनाक हादसे के बाद गंगा तट पर कोहराम मच गया. मृतकों के परिवार की महिलाओं का रो–रोकर हाल बेहाल था. थोड़ी ही देर में गंगा किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गयी. कई लोग बिलख रही महिलाओं को ढ़ाढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे. दो बड़े भाइयों में छोटा विक्रम हार्डवेयर की दुकान में काम करता था. उसकी मौत के बाद उसकी मां सोना देवी बार–बार बेहोश हो रही थी. दूसरी ओर, सातवीं वर्ग का छात्र विवेक उर्फ कल्लू घर का इकलौता चिराग था.
बेटे की मौत की सूचना से उसकी माता रंजू देवी सुधबुध खो बैठी. उसकी तीन बहनों का भी हाल बेहला था. गंगा का जल स्तर घटने के दौरान सीआरपीएफ गंगा घाट पर लगातार तीन वर्षों से हादसे हो रहे हैं. पिछले वर्ष सिखारीचक के दो ममेरे–फुफेरे भाइयों की एक साथ डूबकर मौत हो गयी थी. इससे पहले औंटा हॉल्ट के पास के मुहल्लेे के तीन दोस्त एक दूसरे को बचाने के चक्कर में गंगा में डूब गये थे.
स्थानीय लोगों का कहना था कि सिल्टेशन की वजह से गंगा घाट खतरनाक बना है. कहीं काफी अधिक गहराई है. तो कहीं बालू का उंचा टीला बन जाता है. जल स्तर घटने व बढ़ने के दौरान जल स्तर का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है.
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