पटना : विभागों के पास 40 हजार करोड़ के उपयोगिता प्रमाणपत्र बकाया

Updated at : 20 Nov 2018 8:33 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : विभागों के पास 40 हजार करोड़ के उपयोगिता प्रमाणपत्र बकाया

योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद इनका उपयोगिता प्रमाणपत्र देने में कई विभाग हैं उदासीन पटना : योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद इससे संबंधित उपयोगिता प्रमाणपत्र देने में कई विभाग काफी उदासीन हैं. पैसे खर्च करने के बाद इसका हिसाब देने में लापरवाही बरती जा रही है. इसी का नतीजा […]

विज्ञापन

योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद इनका उपयोगिता प्रमाणपत्र देने में कई विभाग हैं उदासीन

पटना : योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद इससे संबंधित उपयोगिता प्रमाणपत्र देने में कई विभाग काफी उदासीन हैं. पैसे खर्च करने के बाद इसका हिसाब देने में लापरवाही बरती जा रही है.

इसी का नतीजा है कि विभागों के पास 40 हजार करोड़ से ज्यादा के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी- यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट) लंबित पड़े हुए हैं. वित्त विभाग के स्तर पर बार-बार कहने के बाद भी करीब आधा दर्जन विभागों ने अब तक अपना यूसी जमा नहीं किया है. कुछ विभागों का यूसी तो पिछले चार-पांच साल से बकाया चला आ रहा है. इस वजह से महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में राज्य सरकार को काफी फजीहत उठानी पड़ती है.

बार-बार रिपोर्ट की मांग करने के बाद भी विभाग के स्तर पर इसे समय पर जमा नहीं किये जाने से बकाये का यह बोझ लगातार बढ़ता ही जा रहा है. सबसे ज्यादा बकाया जन कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल जैसी अन्य योजनाओं में है.

शिक्षा विभाग का आठ हजार करोड़ से ज्यादा का यूसी बकाया : अकेले शिक्षा विभाग का आठ हजार करोड़ से ज्यादा का यूसी बकाया है. सभी विभागों में सबसे ज्यादा बकाया शिक्षा विभाग का ही है.

इसके कुछ यूसी तो पिछले तीन-चार साल से बकाया चले आ रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा रुपये साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति के रुपये के ही हैं. इन योजनाओं के रुपये का वितरण जिला स्तर पर छात्रों के बीच तो कर दिया जाता है, लेकिन इसके खर्च से संबंधित यूसी विभाग को जमा नहीं करते. हाल में शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित जिलों को सख्त हिदायत दी है कि वे जल्द से जल्द इसे जमा करवा दें.

इसके साथ ही विभाग ने 13 जिलों के डीपीओ का वेतन भी इस वजह से रोक दिया है. जिन जिलों के डीपीओ का वेतन रोका गया है, उसमें अरवल, औरंगाबाद, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, मधुबनी, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, वैशाली, सीवान और पूर्वी चंपारण शामिल हैं. इन्हें साइकिल और पोशाक योजना से संबंधित उपयोगिता प्रमाणपत्र भी भेजने के लिए कहा गया है.

शिक्षा विभाग के अलावा पंचायती राज, नगर विकास विभाग, स्वास्थ्य, समाज कल्याण विभाग, एससी-एसटी कल्याण, पिछड़ा-अतिपिछड़ा कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के यूसी सबसे ज्यादा बकाया हैं.

इसके अलावा भी कुछ अन्य विभाग भी हैं, जिनके पास 50 से 200 करोड़ रुपये के यूसी का बकाया है. वित्त विभाग के स्तर से सभी विभागों से बकाया का भुगतान जल्द करवाने के लिए व्यापक स्तर पर कवायद शुरू हो गयी है.इस मामले में सभी विभागों को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं. जल्द ही इसे लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी विभागीय स्तर पर होने जा रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन