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पटना से रोसड़ा, समस्तीपुर जा रही थी बस, गांधी सेतु पर गड्ढे में गिरी

Updated at : 27 Oct 2018 2:55 AM (IST)
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पटना से रोसड़ा, समस्तीपुर जा रही थी बस, गांधी सेतु पर गड्ढे में गिरी

पटना सिटी : अगमकुआं थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी सेतु धनुकी मोड़ पर शुक्रवार की दोपहर लगभग 12:15 बजे तेज रफ्तार बस असंतुलित होने के बाद पलट गयी. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गयी. जबकि, दो दर्जन से अधिक यात्री जख्मी हो गये हैं. मृतकों में दो बस सवार और एक राहगीर […]

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पटना सिटी : अगमकुआं थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी सेतु धनुकी मोड़ पर शुक्रवार की दोपहर लगभग 12:15 बजे तेज रफ्तार बस असंतुलित होने के बाद पलट गयी. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गयी. जबकि, दो दर्जन से अधिक यात्री जख्मी हो गये हैं. मृतकों में दो बस सवार और एक राहगीर शामिल हैं.
घायलों को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दरबार रथ नामक यह बस पटना से रोसड़ा, समस्तीपुर जा रही थी. बस में लगभग 50 यात्री सवार थे. बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह धनुकी मोड़ के पास रेलिंग को तोड़ती हुई करीब 50 फुट गड्ढे में पलट गयी.
यह बस फतुहा से गायघाट ग्रिड में आने वाली संचरण लाइन बिजली के खंभा से टकराते हुए नीचे गिरी, जिससे खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया. घटना स्थल पर पहुंची अगमकुआं व यातायात थानाें की पुलिस ने बस को क्रेन से सीधा कर उसमें फंसे यात्रियों व शवों को निकाला. बताया जाता है कि स्टेरिंग फेल होने से घटना घटी है. कुछ ने कहा कि चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है.
मृतकों में समस्तीपुर, दरभंगा व पीलीभीत के निवासी : बस पलटने की घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी. मृतकों में समस्तीपुर के महेश सिंधया निवासी शिबू पासवान के 30 वर्षीय पुत्र जयश्री पासवान (यात्री), दरंभगा के कलौजी के गांव रायुपर निवासी चंद्रकिशोर झा के 35 वर्षीय पुत्र कन्हैया झा (यात्री) और पीलीभीत, उत्तर प्रदेश के निवासी 65 वर्षीय मो अयूब (राहगीर) शामिल हैं.
गोद में था बच्चा, पत्नी को खिड़की तोड़ निकाला
बस तेज रफ्तार से जा रही थी, अचानक ब्रेक लेने के बाद संभलने का मौका दिये बगैर तेजी से पटल गया. बस जब पलटा तब एक साल का बेटा मां की गोद से छिटक कर दूर बस में चला गया, जबकि पत्नी बस के दरवाजा के पास गिरी, उस खौफनाक मंजर को याद कर डबडबायी आंखों से आपबीती सुना रहे दरंभगा के कुशेश्वर स्थान निवासी जगमोहन चौधरी बताते हैं कि दुर्घटना के बाद खिड़की का शीशा तोड़ कर पत्नी को बस से बाहर निकाला.
इसके बाद खुद बेटा को गोद में लेकर बाहर खिड़की से निकले, जहां से पुलिस व स्थानीय लोग उपचार के लिए अस्पताल लेकर आये. जगमोहन बताते हैं कि वो पत्नी नेहा देवी व एक वर्षीय पुत्र सत्यम चौधरी को लेकर बेंगलुरु से पटना आया था. दानापुर स्टेशन पर वे संघमित्रा एक्सप्रेस से उतरे. इसके बाद वे पत्नी- बच्चे को लेकर मीठापुर बस स्टैंड पहुंचे. जहां से रोसड़ा जाने वाले दरबार रथ नामक बस पर सवार हुए. बस स्टैंड से लगभग साढ़े 11 बजे खुली. इसके बाद जब बस पुल के पास पहुंची, तभी चालक की ओर से संतुलन खोने की स्थिति में पलट गयी. बस ने दो चक्कर काटा और गड्ढे में जा गिरी.
बिजली का तार बस पर गिरता तो होता और बड़ा हादसा
बस ने सीधे जा कर बिजली के टावर के टावर से टकरा गयी. गनीमत यह रही कि टावर से जुड़ा कोई तार बस पर टूट कर नहीं गिरा. अगर गिर जाता तो पूरे बस में करेंट प्रवाहित हो जाती और फिर और भी बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन यात्रियों की किस्मत अच्छी थी और तार टूट कर बस पर नहीं गिरा, जिसके कारण करेंट प्रवाहित नहीं हुई अौर सभी को बाहर निकाल लिया गया.
सात घंटे तक बंद रहा ट्रैफिक का परिचालन : धनुकी मोड़ पर बस दुर्घटना के कारण सात घंटे तक बाइपास के बांये फ्लैंक में वाहनों का आनाजाना पूरी तरह बंद रहा. इस दौरान दाहिने फ्लैंक से अप और डाउन दोनों ट्रैफिक के आने-जाने से वाहनों के आने-जाने की गति बहुत धीमी रही और रह-रह कर जाम लगता रहा. शाम सात बजे में दुर्घटनाग्रस्त बस को गड्डे से बाहर निकाला गया और उसे क्रेन से टो कर ले जाया गया.
उसके बाद सड़क खाली हुआ और उसे परिचालन के लिए खोला गया. रात नौ बजे के बाद ही ट्रैफिक पूरी तरह सामान्य हो सका.
बंद रही आधे शहर की बिजली : 132 केबी का टावर गिरने से शहर के एक बड़े हिस्से की बिजली दो घंटे तक पूरी तरह बंद रही और देर रात तक कई फीडरों की बिजली आती जाती रही.
सुबह 11.50 में नियंत्रणहीन बस द्वारा 132 केवीए के टावर को ठोकर मारने के साथ ही गायघाट, एनएमसीएच, मीना बाजार, सैदपुर और मंगल तालाब पीएसएस की बिजली पूरी तरह गुल हो गयी. मीठापुर ग्रीड से 33 केबी के माध्यम से बिजली गायघाट ग्रिड तक लाकर दोपहर दो बजे तक कुछ क्षेत्रों की बिजली रीस्टोर हुई. बिजली बंद रहने से पानी का संकट भी हुआ.
मृतक के परिजनों को मिलेगा चार लाख : डीएम
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे डीएम कुमार रवि ने कहा कि मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख की सहायता राशि दी जायेगी. बस पलटने की घटना में तीन लोगों की मौत हुई है. दो दर्जन से अधिक जख्मी हुए हैं. वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि बस दुर्घटना की जांच की जायेगी. इधर,दरबार बस के चालक नागेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
उत्तरप्रदेश से आये थे मो युनुफ, टक्कर से हुई मौत
पटना : धनुकी मोड़ पर बस से हुए सड़क दुर्घटना में मौत के शिकार बने मो युनुफ (65) मूल रूप से उत्तरप्रदेश के पुरनपुर, पीलीभीत के रहने वाले हैं. वे अपने दो बेटे मो गुड्डु व मो अयुब के साथ पटना सिटी में होलसेल रेट में चादर लेने के लिए आये थे. दोनों बेटे मैकेनिक हैं और वे लोग मशीन बनाते हैं. पटना आने के बाद दोनों बेटे मशीन बनाने के काम में लग गये और मो युनुफ अपने एक और साथी के साथ धनुकी मोड़ की ओर जा रहे थे. इसी बीच बस ने उन्हें टक्कर मार दी और वे बाइपास पर लोहे के बैरिकेटिंग के बीच में फंस गये और उनकी मौत हो गयी. पहचान पॉकेट में रखे आधार कार्ड से हुई. परिजनों शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों के हवाले कर दिया गया.
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