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पटना : आयोग के नये सॉफ्टवेयर से आसान होगी ईवीएम और वीवीपैट की ट्रैकिंग

Updated at : 17 Oct 2018 8:26 AM (IST)
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पटना : आयोग के नये सॉफ्टवेयर से आसान होगी ईवीएम और वीवीपैट की ट्रैकिंग

बिहार में 72.7 लाख मतदान केंद्रों के लिए एक लाख ईवीएम व वीवीपैट का होगा इस्तेमाल पटना : लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम (बैलेट व कंट्रोल यूनिट) तथा वीवीपैट (वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रायल) के मैनेजमेंट को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने नया सॉफ्टवेयर (मोबाइल एप) विकसित किया है. […]

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बिहार में 72.7 लाख मतदान केंद्रों के लिए एक लाख ईवीएम व वीवीपैट का होगा इस्तेमाल
पटना : लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम (बैलेट व कंट्रोल यूनिट) तथा वीवीपैट (वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रायल) के मैनेजमेंट को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने नया सॉफ्टवेयर (मोबाइल एप) विकसित किया है. इस सॉफ्टवेयर की मदद से न सिर्फ इन मशीनों की ट्रैकिंग आसान हो गयी है, बल्कि उनका रखरखाव व इस्तेमाल भी काफी बेहतर तरीके से संभव हो पा रहा है.
बिहार के लगभग 72.7 हजार मतदान केंद्रों पर इस्तेमाल होने वाले करीब एक लाख ईवीएम व वीवीपैट के मैनेजमेंट में भी साॅफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
पिंक पेपर का यूनिक नंबर बनेगा पहचान : जिलों में उपलब्ध ईवीएम व वीवीपैट की पहचान उन पर लगे पिंक पेपर के यूनिक नंबर से होगा. निर्वाचन विभाग के मुताबिक जिलों में उपलब्ध ईवीएम के फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) व उसे सर्टिफाई करने का दायित्व बेल (भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड) व ईसीआइएल (इलेक्ट्रॉनिक्स काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के इंजीनियरों को सौंपा गया है.
सर्टिफिकेशन के दौरान इंजीनियर ‘ एफएलसी ओके ‘ कर ईवीएम पर नागपुर सिक्यूरिटी प्रेस का स्पेशल पिंक पेपर स्लिप लगा रहे हैं. इस पिंक पेपर का यूनिक नंबर ही ईवीएम की पहचान है. इसी यूनिक नंबर को ईवीएम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर पर डाल कर ट्रैकिंग व रैंडेमाइजेशन में उसका इस्तेमाल किया जायेगा.
हर विस क्षेत्र के एक बूथ की वीवीपैट पर्ची की होगी गिनती
भारत निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट को लेकर मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि दिसंबर 2017 से लेकर अब तक हुए सात राज्यों के चुनावों में 100 फीसदी बूथों पर वीवीपैट का सफल प्रयोग हुआ है.
लोकसभा चुनाव में भी सूबे के सभी बूथों पर मतदाता वोट देने के बाद वीवीपैट स्क्रीन पर सात सेकंड तक पर्ची को देख सकेंगे कि उन्होंने किसे अपना वोट दिया. आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र के किसी एक बूथ को रैंडमली सेलेक्ट कर उसकी वीवीपैट पर्ची भी गिनती कराने का निर्णय लिया है, ताकि शंकाएं दूर हो सकें. अब तक देश भर में रैंडमली सेलेक्ट 873 बूथों के वीवीपैट पर्ची की गिनती करायी गयी, जिसमें पर्ची की संख्या ईवीएम के वोटों के बराबर पायी गयी. आयोग ने ईवीएम व वीवीपैट के टैंपर प्रूफ होने का दावा भी किया है.
मैनुअली भी रखा जायेगा रिकॉर्ड
एफएलसी के दौरान इस यूनिक नंबर को एक रजिस्टर पर भी अंकित किया गया है, ताकि उसका मैनुअल रिकॉर्ड भी रखा जा सके. बाद में राजनीतिक दलों को इस रजिस्टर के पन्नों की छाया प्रति नि:शुल्क उपलब्ध करायी जायेगी. चुनाव आयोग एफएलसी में चल रहे मॉक पोल सेशन के माध्यम से ईवीएम व वीवीपैट का लाइव डेमो देकर राजनीतिक दलों की शंकाओं का समाधान भी कर रहा है.मतदान केंद्रों की संख्या केमुकाबले 33 फीसदी अधिक ईवीएम व वीवीपैट का रिजर्व स्टोरेज रखा जा रहा है, ताकि समय पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके.
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