कटिहार के कोढ़ा में बच्चों को अपराधी बनने का मां देती हैं प्रशिक्षण, यहां बच्चे पढ़ते हैं अपराध का पाठ
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :13 Oct 2018 2:36 AM
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पटना : बिहार में ऐसे कई इलाके हैं जहां अपराधियों की फसल तैयार होती है. वहां बच्चों या युवकों को पढ़ाने के बजाये अपराधी बनने के प्रशिक्षण दिये जाते है. खास बात यह है कि इन इलाके के अपराधियों ने पूरे देश की पुलिस को परेशान कर रखा है. और, हर राज्य में उन लोगों […]
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पटना : बिहार में ऐसे कई इलाके हैं जहां अपराधियों की फसल तैयार होती है. वहां बच्चों या युवकों को पढ़ाने के बजाये अपराधी बनने के प्रशिक्षण दिये जाते है. खास बात यह है कि इन इलाके के अपराधियों ने पूरे देश की पुलिस को परेशान कर रखा है. और, हर राज्य में उन लोगों के खिलाफ दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं.
लेकिन इनका सिस्टम इतना मजबूत है कि ये पकड़े नहीं जाते है. अगर पकड़े भी गये तो दो-तीन से ज्यादा संख्या नहीं होती है. इसके बाद पुलिस एक कदम आगे नहीं बढ़ पाती है. क्याेंकि पुलिस की टीम अगर इनके ठिकाने पर पहुंचती है तो वहां कोई नहीं मिलता है. इन गिरोहों की प्रवृत्ति घुमंतु भी है.
स्कूल में नहीं भेज कर मां ही अपराध करने का देती है प्रशिक्षण : कटिहार जिला में कोढ़ा इलाका काफी चर्चित है. कोढ़ा इलाके के अपराधी बिहार के साथ ही देश के कई राज्यों की पुलिस को परेशान कर चुके है और उन राज्यों में उनके खिलाफ केस भी दर्ज है. पटना पुलिस भी इस गिरोह से परेशान रही है. इस गिरोह के सदस्यों को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया और जेल भी भेजा, लेकिन फिर भी घटनाएं नहीं थमी. क्योंकि फिर से कोढ़ा इलाके का ही दूसरा गिरोह सक्रिय हो गया.
इस कोढ़ा गिरोह के संबंध में जानकारी लेने के लिए पटना पुलिस के एक इंस्पेक्टर वहां गये थे. जहां उन्होंने खोजबीन की तो गिरोह का कोई सदस्य नहीं मिला. लेकिन उन्हें कुछ चौंकाने वाली जानकारी हासिल हुई. मसलन जब भी कोई बच्चा जन्म लेता है और बड़ा होने लगता है तो उसे स्कूल में नहीं भेजा जाता है. उसकी मां ही उसे अपराध करने का प्रशिक्षण देती है. और, बड़ा होने पर अपराध करने के लिए घर से बाहर भेज दिया जाता है. इंस्पेक्टर को कोढ़ा इलाके में एक भी पुरुष सदस्य नहीं मिला. केवल बुजुर्ग, महिलाएं या बच्चे ही मौजूद थे.
क्या है अपराध का तरीका
1. सड़क पर मोबाइल से
बात करते हुए जाने के क्रम में बाइकर्स द्वारा झपट्टा मार कर मोबाइल को छीन लेना
2. दस-दस के नोट को गिरा कर लालच देंगे और जब उसे उठाने के लिए नीचे उतरेंगे तो गाड़ी से लैपटॉप या मोबाइल लेकर भाग जाना
3. पुलिस बन कर आगे लूटपाट की जानकारी देने की जानकारी देकर महिलाओं से गहने ले लेना
4. पुलिस बन कर चेकिंग करने के नाम पर पैसा व गहने ले लेना
5. टेंपो में चढ़ने के दौरान हाथ में रहे मोबाइल, गले में चेन या फिर पर्स को लेकर भाग जाना
पूरे देश में कर रहे ऑपरेट: नवादा का यह गिराेह मूल रूप से बैंक अधिकारी बन कर पिन कोड पूछ कर पैसा निकालने के धंधा में सक्रिय हैं. इसके लिए गिरोह ने नवादा में चोरी-छुपे अपना कार्यालय भी बना रखा है और वहां से पूरे देश में ऑपरेट कर रहे हैं. इसके अलावा एटीएम के पास चालाकी से किसी का एटीएम बदल लेने का भी काम करते हैं. इतना ही नहीं लॉटरी जीतने का प्रलोभन देकर ठगी करने का भी काम इस गिरोह द्वारा किया जाता है.
गया जिले में एटीएम फ्रॉड करने का प्रशिक्षण देने वाला स्कूल : गया का फतेहपुर इलाका एटीएम फ्रॉड करने वाले जालसाजों के कारण पूरे देश में चर्चित है. यहां तक की इस इलाके में एटीएम फ्रॉड करने के प्रशिक्षण भी दिये जाते है. पुलिस ने कुछ एटीएम फ्रॉड करने वाले जालसाजों को पकड़ा था, जिसने यह जानकारी दी थी कि एटीएम फ्रॉड के प्रशिक्षण के लिए स्कूल भी चोरी-छुपे चलाये जाते है. इसे कारु सिंह का नाम का व्यक्ति चलाता है. विज्ञापन भी देकर युवाओं को बुलाया जाता है. इस गिरोह के सदस्यों द्वारा एटीएम के इर्द-गिर्द सक्रिय रह कर वारदात को अंजाम दिया जाता है.
इस तरह से अपराध को देते
हैं अंजाम: एटीएम के इर्द-गिर्द सक्रिय रहते हैं और अगर कोई पैसा निकालने के लिए आता है तो उसके एटीएम पिन कोड को देख लेते हैं. इसके अलावा ये लोग एटीएम क्लोन भी कर लेते है और पैसा निकाल लेते है. जिसके कारण कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिसमें व्यक्ति का एटीएम का पॉकेट में रह जाता है और पैसे खाता से निकल जाते हैं. गया के फतेहपुर इलाके से प्रशिक्षण प्राप्त जालसाजों के कई गिरोह सक्रिय है.
चोरी-छिपे चलाते हैं एटीएम फ्रॉड करने का कार्यालय : एटीएम से जुड़े अपराध करने वाले गिरोह नवादा में काफी संख्या में हैं. ये नवादा जिला के वारसलिगंज, हिसुआ, गोविंदगंज आदि कई इलाकों में सक्रिय है. यह गिरोह पूरे देश की पुलिस को परेशान कर चुकी है. कई बार नवादा के एटीएम फ्रॉड करने वाले जालसाजों को पकड़ने के लिए बिहार के बाहर के राज्यों मसलन, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली आदि की पुलिस आ चुकी है.
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