पटना : सीएनएस अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, डॉक्टर पर गलत इलाज का केस दर्ज

Updated at : 01 Oct 2018 9:22 AM (IST)
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पटना : सीएनएस अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, डॉक्टर पर गलत इलाज का केस दर्ज

परिजनों का आरोप, 10 मिनट में दो बार दिया गया इंजेक्शन, इसके बाद मरीज की हुई मौत पटना : शहर के एक बड़े व नामी अस्पतालों में शुमॉर पाटलिुपत्रा एंडस्ट्रियल ऐरिया स्थित सीएनएस हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही सामने आयी है. अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन के खिलाफ परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों […]

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परिजनों का आरोप, 10 मिनट में दो बार दिया गया इंजेक्शन, इसके बाद मरीज की हुई मौत
पटना : शहर के एक बड़े व नामी अस्पतालों में शुमॉर पाटलिुपत्रा एंडस्ट्रियल ऐरिया स्थित सीएनएस हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही सामने आयी है. अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन के खिलाफ परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है.
परिजनों के मुताबिक उनकी महिला मरीज बल्किुल ठीक हो गयी थी, लेकिन डिस्चार्ज करने से पहले डॉक्टरों व मैनेजमेंट के एक लड़के ने गलत इंजेक्शन दे दी जिसके बाद हार्ट अटैक हो गया और उनके मरीज की मौत हो गयी. घटना से गुस्साये परिजनों ने शनिवार की रात अस्पताल परिसर में परिजनों के काफी संख्या में इकट्ठे होने के बाद हंगामा किया. हंगामा कर रहे लोगों को अस्पताल संचालकों ने बाउंसर बुलाकर जबरिया हटा दिया. मौके पर भारी पुलिस भी पहुंच गयी. फिलहाल परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर केस की छानबीन शुरू कर दी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया. इधर मरीज को देखने के लिए सांसद रामकृपाल यादव, विधायक सिद्धार्थ अस्पताल पहुंचे और मरीज के परिजनों को संत्वना दी.
इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौत
शहर के रानी तालाब थाना क्षेत्र के पकरंधा गांव की रहने वाली 62 वर्षीय उम्दा देवी को कमर दर्द के बाद परिजनों ने 13 सितंबर को सीएनएस अस्पताल में इलाज को लेकर अाये. डॉक्टरों ने तुरंत मरीज को भर्ती कर दिया.
थाने में दर्ज केस के मुताबिक परिजनों ने आरोप लगाया है कि डिस्चार्ज से पहले मरीज पूरी तरह से अच्छी हो गयी थी. बातचीत करने के साथ ही खाना-पीना भी अच्छे से हो रहा था. लेकिन एक मैनेजमेंट का लड़का जो डॉक्टर भी नहीं था आया और बीपी चेक करने के बाद तुरंत इंजेक्शन लगा दिया. इससे अचानक बीपी बढ़ गया. इसके बाद लड़के ने तुरंत बीपी कम करने के लिए दूसरा इंजेक्शन लगाया.
10 मिनट के अंतराल में दो बार इंजेक्शन दिया गया. इसके बाद अचानक मरीज की तबीयत खराब हुई. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रख दिया गया. परिजनों का आरोप है कि मरीज की रात को मौत हो गयी थी, लेकिन बिल बढ़ाने के लिए डॉक्टरों ने सुबह मौत होने की पुष्टि किया.
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