पटना : संघर्ष से ही बचेगी सार्वजनिक शिक्षा की तस्वीर

Updated at : 03 Sep 2018 1:22 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : संघर्ष से ही बचेगी सार्वजनिक शिक्षा की तस्वीर

एआईएसएफ का राज्य कन्वेंशन, सार्वजनिक शिक्षा पर बढ़ते हमले पर चिंता पटना : अॉल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की बिहार इकाई ने रविवार को जमाल रोड स्थित माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में राज्य कन्वेंशन का आयोजन किया. इस मौके पर ‘सार्वजनिक शिक्षा पर बढ़ते हमले’ विषय पर सेमिनार हुआ. सेमिनार का उद्घाटन करते हुए विधान परिषद […]

विज्ञापन
एआईएसएफ का राज्य कन्वेंशन, सार्वजनिक शिक्षा पर बढ़ते हमले पर चिंता
पटना : अॉल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की बिहार इकाई ने रविवार को जमाल रोड स्थित माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में राज्य कन्वेंशन का आयोजन किया. इस मौके पर ‘सार्वजनिक शिक्षा पर बढ़ते हमले’ विषय पर सेमिनार हुआ. सेमिनार का उद्घाटन करते हुए विधान परिषद सदस्य सह शिक्षक नेता केदार पांडेय ने एआईएसएफ द्वारा आयोजित सेमिनार को वर्तमान समय के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा कि शिक्षा को बाजार ने शिकंजे में ले लिया है. शिक्षा में बाजार है या फिर बाजार में शिक्षा, कह पाना काफी मुश्किल है.
सबके शिक्षा पाने का सपना अधूरा : केदार पांडेय ने कहा कि सार्वजनिक शिक्षा की गैर मौजूदगी में सबके शिक्षा पाने का सपना अधूरा रहेगा.
अतिथि शिक्षकों की बहाली को शिक्षकों के साथ मजाक बताते हुए उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन की आवश्यकता पर बल दिया. कन्वेंशन में मौजूद राज्य भर से आये हुए छात्रों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही शिक्षा की तस्वीर बचायी जा सकती है. वहीं द्वितीय सत्र में एआईएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद वली उल्ला कादरी ने स्नातक नामांकन में बिहार बोर्ड के दखल के फैसले को अजूबा बताते हुए अविलंब राज्य सरकार से इस छात्र और शिक्षा विरोधी फैसले को वापस लेने की मांग की.
यूजीसी समाप्त करने का फैसला खतरनाक : राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार के यूजीसी को समाप्त करने के फैसले को खतरनाक बताते हुए कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी है, शिक्षा पर हमले तेज हुए हैं. समान स्कूल प्रणाली लागू करने के लिए संघर्ष तेज करने को उन्होंने आवश्यक बताया.
एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्रनाथ राय ने आजादी से पूर्व और बाद के एआईएसएफ के संघर्षों का जिक्र करते हुए वर्तमान परिस्थिति से मुकाबले के लिए एक मजबूत संगठन को आवश्यक बताया. पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विजेंद्र केसरी ने कहा कि सरकार की नीयत जब जनपक्षीय नीति बनाने की नहीं हो तब क्रांतिकारी जमात के लिए जरूरी हो जाता है कि ऐसी सरकार को धक्के मार कर बाहर करे.
उन्होंने आगामी 25 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित लोकतंत्र व संविधान बचाने को विशाल रैली का जिक्र करते हुए आये छात्रों से व्यापक अभियान चलाये जाने की अपील की. कन्वेंशन में विगत दिनों में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. अध्यक्षता परवेज आलम, अमीन हमजा व पिंकी कुमारी ने संयुक्त तौर पर किया. कार्य प्रतिवेदन राज्य सचिव सुशील कुमार ने रखा.
राज्य परिषद पुनर्गठित, रंजीत बने राज्य अध्यक्ष : कंवेंशन में एआईएसएफ बिहार राज्य परिषद पुनर्गठित की गयी. 71 सदस्यीय राज्य परिषद, 25 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी और 9 सदस्यीय राज्य सचिव मंडल गठित किया गया. जिसमें सर्वसम्मति से रंजीत पंडित को राज्य अध्यक्ष, सुशील कुमार को राज्य सचिव, अमीन हमजा, हर्षवर्धन सिंह राठौर व राहुल कुमार यादव को राज्य उपाध्यक्ष, विकास झा व कुमार जितेंद्र को राज्य सह सचिव चुना गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन