मुजफ्फरपुर बाल गृह में घटना के बाद बिहटा में मची खलबली, प्रयास भारती संस्था पुनर्वास गृह में लटका ताला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Aug 2018 10:50 PM
पटना : राजधानी के सटे बिहटा के प्रयास भारती पुनर्वास संस्था में रह रहीं सभी युवतियों और महिलाओं को अन्यत्र जगह शिफ्ट करने का मामला प्रकाश में आया है. अचानक संस्था से महिला और युवती को बाहर जाते देख ग्रामीणों में हलचल मच गयी. सूचना पर जब तक लोग संस्था पहुंच पाते उसके पहले संस्था […]
पटना : राजधानी के सटे बिहटा के प्रयास भारती पुनर्वास संस्था में रह रहीं सभी युवतियों और महिलाओं को अन्यत्र जगह शिफ्ट करने का मामला प्रकाश में आया है. अचानक संस्था से महिला और युवती को बाहर जाते देख ग्रामीणों में हलचल मच गयी. सूचना पर जब तक लोग संस्था पहुंच पाते उसके पहले संस्था पूरी तरह से खाली हो चुकी थी. संस्था में पूर्व से केयर टेकर के रूप में तैनात परमेश्वर राम और धर्मशीला देवी अचानक भीड़ के आक्रोश को देख घबरा गये.
लोगों का कहना था कि इस संस्था में भी आपत्तिजनक कार्य होता है. बीते दस साल पूर्व में भी कुछ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता देख ग्रामीणों ने विरोध किया था, इसके बाद शोर होने पर संस्था द्वारा जबरदस्ती घर में घुस कर मारपीट करने का मामला बिहटा थाने में दर्ज करवाया गया था. वहीं, सन 2011 में संस्था से आधा दर्जन और सन 2013 में करीब एक दर्जन महिला और युवती अचानक लापता हो गयी थीं. बिहटा थाने में लापता होने का मामला दर्ज करवाया गया था. लापता लड़कियों में मात्र दो की बरामदगी हुई थी शेष का आज तक पता नहीं चल पाया है. प्रारंभ से ही यह संस्था शक के दायरे में रही है. वहीं, मामले की लीपा-पोती करते हुए केयर टेकर के रूप में तैनात परमेश्वर राम और धर्मशीला देवी का कहना है कि सदिसोपुर के मकान काफी जीर्ण शीर्ण हो चुका था. रिपेयरिंग करने के वास्ते सभी लोगों को बीते तीन दिनों पूर्व पटना में शिफ्ट कर दिया गया. संस्थान से महिला को सप्ताह पूर्व हटा लिया गया है, लेकिन लिखित शिकायत बिहटा थाने में शनिवार को दिया गया है.
इस संबंध में थाना प्रभारी रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि चार अगस्त शनिवार को बिहटा के सदिसोपुर स्थित प्रयास घरौंदा पुनर्वास केंद्र के संचालक सदस्य सीमा कुमारी द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है कि इस संस्था में प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को यहां पुनर्वास दिया जाता रहा है. इनमें ज्यादातर मानसिक रोग से ग्रसित महिलाएं रह रही थीं, जिनका इलाज पटना पीएमसीएच में कराया जा रहा है. अब पटना में भी कई आसरा गृह खोल दिये गये हैं. सरकार के पत्रांक 601/02.08.18 के अनुसार बिहटा के सदिसोपुर में रह रहीं सभी आठ मानसिक दिव्यांगों को पटना के कर्पूरी वाटिका ग्रामीण विकास संस्थान आसरा गृह मगध बिहार कॉलोनी, अयोध्या धाम के सामने में विजय नगर रुकनपुरा के आसरा गृह में तीन अगस्त को स्थानांतरित किया गया है.
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इस संबंध में संस्था की जांच कर रहे अनिल कुमार कामत का कहना है कि बिहटा के सदिसोपुर में बीते सात साल से प्रयास भारती संस्था संचालित थी. प्रयास भारती का मुख्य कार्यालय पटना में है. इसके निदेशिका डॉ सुमन लाल हैं जो पटना में रहकर इस संस्था को संचालित करती हैं. सदिसोपुर में इनका पैतृक घर है. घर पर कोई नहीं रहता है घर खंडहर होने पर एक ब्रांच यहां डाल दिया है. जांच में पता चला है कि इनकी संस्था का निबंधन चार माह पूर्व समाप्त हो गया है, समय रहते उसका नवीकरण नहीं करवा सकी हैं.
जांच में जुटे पदाधिकारी
सादिसोपुर में प्रयास भारती संस्था नामक गृह में ताला बंद होने की सूचना मिली. जिसके बाद बाल संरक्षण विभाग के पदाधिकारियों की टीम ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है. वहीं, गृह में किसी के नहीं रहने और ताला बंद रहने पर लोगों के बीच कई तरह की चर्चा है. इस संबंध में दानापुर प्रभारी एसडीओ कुमार राकेश ने बताया कि बिहटा प्रखंड के सादिसोपुर स्थित चल रहे प्रयास भारती गृह में ताला बंद की सूचना मिली थी, जिसकी जांच बाल संरक्षण विभाग के पदाधिकारी की टीम संस्था के कागजात की जांच पटना में कर रहे हैं. इस मामले को गंभीरता से लिया गया है.
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