मॉनसून सत्र : विप में मंत्री ने कहा, इसी साल होगी अभियंताओं की बहाली

Updated at : 24 Jul 2018 7:24 AM (IST)
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मॉनसून सत्र : विप में मंत्री ने कहा, इसी साल होगी अभियंताओं की बहाली

तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग से होगी नियुक्ति पटना : भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी ने विधान परिषद में सोमवार को कहा कि तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से इसी साल अभियंताओं की बहाली कर ली जायेगी. उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग में सहायक अभियंताओं के 171 रिक्त पदों के लिए काफी पहले ही बीपीएससी […]

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तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग से होगी नियुक्ति
पटना : भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी ने विधान परिषद में सोमवार को कहा कि तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से इसी साल अभियंताओं की बहाली कर ली जायेगी. उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग में सहायक अभियंताओं के 171 रिक्त पदों के लिए काफी पहले ही बीपीएससी को अधियाचना भेजी गयी है, जो अधर में पड़ी हुई है.
वे प्रो नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे. मंत्री ने बताया कि सहायक अभियंता के 65 पदों पर संविदा के माध्यम से सेवानिवृत्त अभियंताओं का नियोजन किया गया है. उनके इस जवाब पर विपक्ष के सुबोध कुमार के साथ ही सत्ता पक्ष के नीरज कुमार और प्रो नवल किशोर यादव ने भी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि बेरोजगार नौजवान इंजीनियरों की जगह सेवानिवृत्त कर्मियों की संविदा पर बहाली सही नहीं है. इसकी वजह से विभागों में रिटायर्ड लोगों की जमात खड़ी हो रही है.
बिहार बोर्ड के अधिकारी कर रहे मनमानी : सीपी सिन्हा ने राजधानी के प्रेमचंद रंगशाला में निर्माणाधीन स्टेज को खराब गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाया.
इस पर सदस्यों की टोका-टोकी के बीच भवन निर्माण मंत्री ने प्रधान सचिव से जांच करा लेने का भरोसा दिलाया. इसके बाद शून्यकाल में सदस्य नवल किशोर यादव ने स्नातक के नामांकन में छात्रों को हो रही परेशानी को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अधिकारी राज्य सरकार को भ्रमित कर रहे हैं.
इन अधिकारियों को विश्वविद्यालय अधिनियम से जुड़े नियमों की जानकारी तक नहीं है. शून्यकाल में ही आईजीआईएमएस में इंडोस्कोपी व अल्ट्रासाउंड जांच में देरी को लेकर मरीजों को हो रही परेशानी का सवाल उठाया.
फ्लाईओवर के नीचे से हटेगा अतिक्रमण : केदार नाथ पांडेय के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर देते हुए पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि पटना शहर के फ्लाईओवर के नीचे तथा उसके आसपास इलाके में अतिक्रमण हटाने को लेकर विभाग सजग है. इसको लेकर पटना के प्रमंडलीय आयुक्त और जिला प्रशासन को अनुरोध किया गया है. उन्होंने बताया कि समय-समय पर अभियान चला कर अतिक्रमण हटाये जाते रहे हैं.
सरकार आरोपितों को बचा रही : राबड़ी
मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ दुराचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सीबीआई जांच की मांग की है. राबड़ी देवी पहली बार इस मामले में न केवल बोलीं, बल्कि सरकार को आरोपितों का संरक्षक साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
राबड़ी देवी ने कहा कि मुजफ्फरपुर में बच्चियों-किशोरियों के उत्पीड़न की घटना ने साबित कर दिया है कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाये रखने में फेल है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनेे की जगह मुख्यमंत्री जांच के नाम पर मामले को दबा रहे हैं.
मास्टरमाइंड की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. राबड़ी देवी ने मांग की कि घटना की सीबीआई से जांच करायी जानी चाहिए. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव का भी कहना था कि सीबीआई जांच नहीं होने पर मामला दब जायेगा. उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो सीबीआई की जांच की जरूरत नहीं समझ रहे हैं, वह यह बताएं कि इतने बड़े मामले की जांच सीबीआई से क्यों नहीं होनी चाहिए.
ब्रेथ एनालाइजर से हो विधानसभा में भी जांच : तेजस्वी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद संशोधन विधेयक 2018 को पुलिस की कमाई का हथियार बताया है. सदन में इस विधेयक के पारित हाेने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने के बाद ही प्रवेश देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री स्वीकारते हैं कि उन्होंने पहला वाला कानून अहंकारवश बनवाया था. वह कानून गलत था. आंकड़े बताते हैं कि शराबबंदी में अब तक एक लाख 40 हजार लोग गिरफ्तार हुए हैं. लेकिन सीएम यह बताएं कि इनके अनुपात में कितने प्रशासनिक अधिकारी बर्खास्त हुए हैं. अगर शराबबंदी के दो साल बाद भी शराब पीने वाला दोषी है तो क्या उसी जुर्म में पुलिस अधिकारी बराबर के भागीदार नहीं हैं.
मुजफ्फरपुर रेप मामला, विपक्ष का हंगामा, तख्ती लेकर वेल में बैठे
विधान परिषद में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेपकांड का मामला उठाते हुए इस पर कार्रवाई में लापरवाही की बात कही. आक्रोशित कई सदस्य सरकार से जवाब की मांग करते हुए वेल तक पहुंच गये और पोस्टर लेकर बैठ गये.
हालांकि, बाद में सभापति के आश्वासन पर सदस्य अपनी सीट पर लौटे. मुद्दे पर बात रखते हुए डॉ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना से प्रदेश की छवि खराब हुई है.
सूबे में हर दिन बच्चियों से गैंगरेप, अपहरण आदि घटनाएं हो रही हैं. इस घटना का क्लाइमेक्स मुजफ्फरपुर में हुआ, जहां बालिका गृह से 12 लड़कियां लापता हैं. उन्होंने कहा कि यह बालिका गृह एक बड़े व्यक्ति के संरक्षण में चल रहा है और इसी सत्र में इस पर सरकार का जवाब आना चाहिए. इस पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आश्वस्त किया कि सरकार ध्यानाकर्षण में जवाब देगी. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर का मामला विपक्ष ने नहीं उठाया, बल्कि टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा करायी गयी जांच में सामने आया है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष एक भी नाम बता दे, जिसको बचाने का काम किया गया. आगे भी कोई मरव्वत नहीं होगी. स्पीडी ट्रायल चला कर ऐसे मामलों में कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि सभ्य समाज के लिए विपक्ष को भी सहयोग करना होगा. राजवल्लभ हो या कोई, महिलाओं की इज्जत पर हाथ डालने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जायेगा.
सुखाड़ पर कार्यस्थगन प्रस्ताव नामंजूर
सोमवार को विधान परिषद में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया, जिसे सभापति ने नामंजूर कर दिया. सुबोध कुमार ने चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में सूबे की गंभीर स्थिति पर सदन में चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि इसकी वजह से 1.15 करोड़ किसान परेशान हैं. राजद के डॉ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि सदन चालू होने पर लोकहित की कोई घोषणा सदन में होनी चाहिए, लेकिन संसदीय परंपरा का पालन नहीं करते हुए मुख्यमंत्री समारोह आयोजित कर पत्रकारों को इसकी जानकारी दे रहे हैं. यह घोषणा भी तब की गयी, जब विपक्ष ने दोनों सदनों में इस गंभीर मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया. इस पर सभापति हारूण रशीद ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही मुझे इसकी जानकारी दे दी थी. अासन की ओर से सदन को आज सूचित किया जा रहा है. सरकार सूखे की स्थिति को लेकर चिंतित है. इसलिए इस मुद्दे पर कार्यस्थगन की जरूरत नहीं है.
मैथिली के विकास के लिए सरकार प्रयासरत : ललन सिंह
बिहार विधान परिषद में प्रदेश सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सोमवार को कहा है कि राज्य में मैथिली, भोजपुरी, अंगिका, मगही आदि भाषाएं बहुसंख्यक आबादी द्वारा बोली जाती हैं. इनके विकास के लिए सरकार और शिक्षा विभाग प्रयासरत है.
उन्होंने कहा कि मैथिली को राजभाषा के सरकारी कामकाज के लिए कानूनी मान्यता प्रदान करने में कठिनाई है. ऐसा करने पर राज्य के लोगों में एक अलग तरह की प्रतिस्पर्द्धा शुरू हो जायेगी. वे विधान परिषद सदस्य सुमन कुमार के संकल्प प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे. सुमन कुमार ने मैथिली को बिहार की राजभाषा के सरकारी कामकाज के लिए कानूनी मान्यता प्रदान करने की राज्य सरकार से मांग की.
उन्होंने सदन को बताया कि इस भाषा को राज्य के 22 लोकसभा क्षेत्रों के लोग बोलचाल के रूप में प्रयोग करते हैं. इसका प्रयोग बहुसंख्यक आबादी करती है. संविधान की आठवीं अनुसूची में भी यह शामिल है. वहीं, इस चर्चा में भाग लेते हुए बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने मिथिला को अलग राज्य घोषित करने की मांग की.
पटना : राज्य में व्याप्त सूखे को लेकर पूरा विपक्ष सोमवार को विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर हमलावर रहा. जहां विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया. लेकिन इसके नियमानुसार नहीं होने के कारण विधानसभाध्यक्ष ने इसे नामंजूर कर दिया.
इस पर नाराज विपक्ष वेल में जाकर नारेबाजी करने लगा. ऐसे में अध्यक्ष ने भोजनावकाश तक सदन का कार्यवाही स्थगित कर दी. सरकार की तरफ से उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार सूखे के सवाल पर गंभीरता से काम कर रही है. डीजल अनुदान की राशि बढ़ायी गयी है. बिजली दर में कटौती की गयी है. मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर तीन बैठक कर चुके हैं. सरकार सदन में भी इस पर चर्चा को तैयार है. इसके पहले राजद व माले के सदस्यों ने विधानसभा के बाहर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ पोस्टर लेकर नारेबाजी की.
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सूखे का मुद्दा उठाते हुए इस पर चर्चा कराने का अनुरोध विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से किया. उन्होंने कहा कि पूरा राज्य सूखे की चपेट में है. सरकार अब जाकर गंभीर हुई है, फिर भी राज्य को सूखाग्रस्त घोषित नहीं कर रही है. सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश होने पर स्वत: ही इसे सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाना चाहिए था.
सुखाड़ पर विशेष वाद-विवाद कल
विधानसभा में बुधवार को सुखाड़ पर विशेष वाद-विवाद होगा. इसके लिए अलग से दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है. सुबह नौ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक सुखाड़ पर चर्चा होने के बाद सरकार की ओर से जवाब दिया जायेगा. सोमवार को विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया.
विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने बैठक बुलायी थी. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार आदि शामिल हुए.
चीनी मिलों से जल्द होगा छोआ का उठाव : मोदी
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को विधानसभा में भाजपा के राघव शरण पांडे के तारांकित प्रश्न के उत्तर में कहा कि चीनी मिलों से जल्द ही छोआ का उठाव हो जायेगा. दूसरे राज्य में इसको भेजने की दिशा में सरकार कार्रवाई कर रही है. अगले पेराई सीजन से पहले उठाव हो जायेगा. गन्ना किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी.
टेक्निकल पदों पर बहाली तकनीकी आयोग करेगा
राज्य में डॉक्टरों, इंजीनियर व टेक्निकल पदों पर बहाली बिहार तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग करेगा. विधानसभा में बिहार तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग संशोधन विधेयक 2018 ध्वनि मत से पारित हो गया. प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया.
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