खुलासा : बिहार के शहरी मर्द हो रहे एनीमिया के शिकार, काम में नहीं लग रहा मन, जंक फूड और लाइफ स्टाइल बन रहा कारण

Published at :21 Jul 2018 3:13 PM (IST)
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खुलासा : बिहार के शहरी मर्द हो रहे एनीमिया के शिकार, काम में नहीं लग रहा मन, जंक फूड और लाइफ स्टाइल बन रहा कारण

पटना : अक्सर आपने सुना होगा कि महिलाओं व लड़कियों में खून की कमी अधिक पायी जाती है. पुरुषों में खून की कमी मामले में हालात काफी बेहतर हैं. लेकिन, एक सर्वे ने इस धारणा की पोल खोल दी है और पता चला है कि पटना सहित पूरे बिहार में ऐसे पुरुषों की संख्या अधिक […]

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पटना : अक्सर आपने सुना होगा कि महिलाओं व लड़कियों में खून की कमी अधिक पायी जाती है. पुरुषों में खून की कमी मामले में हालात काफी बेहतर हैं. लेकिन, एक सर्वे ने इस धारणा की पोल खोल दी है और पता चला है कि पटना सहित पूरे बिहार में ऐसे पुरुषों की संख्या अधिक होती जा रही है, जो एनीमिक है और उनमें खून की कमी है. बिहार पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन व इंडियन डायग्नोस्टिक एसोसिएशन की संयुक्त टीम ने दो साल तक किये एक सर्वे में इस बात का खुलासा किया है. इसमें बताया गया है कि बिहार के शहरी इलाकों में रहनेवाले कुछ ऐसे पुरुष भी हैं, जो एनीमिक है. सर्वे में शहरी इलाकों में रहनेवाले करीब 15 प्रतिशत ऐसे पुरुष हैं, जो खून की कमी से ग्रस्त हैं.

ग्रामीण इलाकों के पुरुषों की हालत बेहतर : शहरी पुरुषों के अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले पुरुष इस मामले में काफी बेहतर स्थिति में हैं. इसको देखते हुए डॉक्टरों ने खासकर शहरी पुरुषों को अलर्ट जारी किया है और उनको खान-पान बेहतर रखने के साथ ही हीमोग्लोबिन की जांच समय पर कराने का निर्देश जारी किया है. डॉक्टरों ने खून की कमी की बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड अधिक खाना और आयरन की कमी बताया है. सर्वे में पाया गया है कि शरीर में आयरन की कमी और बवासीर रोग होने के बाद अधिक ब्लीडिंग के कारण शरीर में खून की कमी हो रही है. वहीं, डॉक्टरों की मानें, तो ग्रामीण इलाकों के अधिकांश पुरुष खान-पान के साथ लाइफ स्टाइल को मेंटेन किये हैं.

15 से 49 साल के लोग अधिक एनीमिक : पटना सहित पूरे बिहार में 15 से 49 साल के पुरुष सबसे अधिक एनीमिक हैं. युवाओं में अधिक समस्या देखने को मिल रही है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हो चुका है. प्रदेश में मामूली रूप से एनीमिक, मध्यम दर्जे के एनीमिक और हालत गंभीर वाले भी एनीमिक हैं. पुरुष स्वास्थ्य के मामले में तुलनात्मक रूप से ग्रामीण इलाकों के पुरुष बेहतर, जबकि शहरी इलाकों में रहनेवाले पुरुष की स्वास्थ्य में सुधार लाने को डॉक्टरों ने सुझाव दिये हैं.

शरीर में खून की कमी के लक्षण

आलस्य

जल्दी थक जाना

काम में ध्यान न लगना

दिल की धड़कन का बढ़ना

नींद ज्यादा आना

स्किन का पीला पड़ना

बाल झड़ना

इसलिए हो रही खून की कमी

पीएमसीएच की मेडिकल डायरेक्टर डॉ रूपम ने बताया कि एनिमिया वह अवस्था है, जिसमें किसी व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है. पौष्टिक व विटामिन युक्त भोजन न मिलने सहित अन्य कारणों से किसी को एनिमिया हो सकता है. एनिमिया से ग्रसित व्यक्ति थका हुआ व कमजोर दिखायी देता है. इसके अलावा ऐसे लोगों की स्कीन पीला होना, सीने में दर्द, सिर दर्द तथा हाथ व पांव व अन्य भागों की तुलना में ठंडा होने की शिकायत होती है. इन समस्याओं से ग्रसित लोग एनीमिक कहलाते हैं.

क्या कहते हैं डॉक्टर

पैथोलॉजिस्ट विशेषज्ञ डॉ प्रभात रंजन ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल व जंक फूड का अधिक सेवन करने के चलते शहरी पुरुषों में अधिक खून की कमी देखने को मिल रही है. ताजा सर्वे में यह मामला सामने आ चुका है. खासकर 15 से 49 साल के अधिक पुरुष खून की कमी का दर्द झेल रहे हैं. यही वजह है कि वह जहां अपने को थका व कमजोर महसूस कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर उनका काम में भी मन नहीं लगता है. ऐसे में पुरुषों को चाहिए कि समय-समय पर हीमोग्लोबिन, ब्लड आदि पैथोलॉजी जांच जरूर करा लें.

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