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सौ साल की हुई बिहार, ओड़िशा एवं झारखंड के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत-ए-शरिया

Updated at : 05 Jul 2018 1:31 PM (IST)
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सौ साल की हुई बिहार, ओड़िशा एवं झारखंड के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत-ए-शरिया

फुलवारीशरीफ : बिहार, ओड़िशा एवं झारखंड के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत-ए-शरिया ने अपनी स्थापना के एक सौ साल के सफर को पूरा कर लिया है. धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में बढ़-चढ़ कर सेवा देने में लगी इमारत-ए-शरिया, फुलवारीशरीफ का स्थापना दिवस समारोह अल-महदुल आली काजी नगर के सेमिनार हॉल में मनाया […]

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फुलवारीशरीफ : बिहार, ओड़िशा एवं झारखंड के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत-ए-शरिया ने अपनी स्थापना के एक सौ साल के सफर को पूरा कर लिया है. धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में बढ़-चढ़ कर सेवा देने में लगी इमारत-ए-शरिया, फुलवारीशरीफ का स्थापना दिवस समारोह अल-महदुल आली काजी नगर के सेमिनार हॉल में मनाया गया. समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाने सहित आईटीआई और मौलाना सज्जाद मेमोरियल अस्पताल इमारत-ए-शरिया की आम लोगों में पहचान बनाने में काफी कारगर रहा है.

इमारत-ए-शरिया के महासचिव मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक मसलों की देखरेख करनेवाली इमारत-ए-शरिया की स्थापना अल्पसंख्यक समुदाय के पिछड़ेपन को देख कर आज से सौ वर्ष पूर्व की गयी थी. उन्होंने कहा कि इमारत-ए- शरिया अपने सौ साल इस लंबे सफर में केवल अल्पसंख्यकों के लिए ही नहीं, बल्कि मुल्क व सूबे बिहार, ओड़िशा व झारखंड समेत कई दूसरे राज्यों के वंचित तबके के लोगों के उत्थान व तरक्की के लिए अनेकों कार्यक्रम सफलतापूर्वक चला कर सेवा करती चली आ रही है.

मौलाना अनिसुर्रहमान कासमी ने कहा की इमारत-ए-शरिया ने धार्मिक, सामाजिक और शिक्षण के क्षेत्र में बहुत सारे कार्य किये हैं, जिसका एक सुनहरा इतिहास है. जब इमारत-ए-शरिया की स्थापना हुई, उस समय इमारत-ए-शरिया के संस्थापकों के पास कुछ भी नहीं था. मौलाना ने नौजवान लड़कों को अपने संबोधन में बताया कि सन 1957 में जो इमारत-ए-शरिया के चौथे अमीर शरीयत हजरत मौलाना सय्यद मिननतुल्लाह रहमानी साहब थे. उन्होंने अपने नेतृत्व में नौजवानों की टीम तैयार की और उनकी सहायता से इमारत-ए-शरिया की कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाया. मौलाना ने ये भी बताया कि इमारत-ए-शरिया ने शिक्षा के क्षेत्र में भी लोगों को आगे बढ़ाने का कार्य किया है. अभी हाल ही में वर्तमान अमीर शरीयत हजरत मौलाना मो वली रहमानी के नेतृत्व में झारखंड स्थित गिरिडीह एवं रांची में सीबीएससी स्कूल की स्थापना की गयी है. इस अवसर से जमीअत उलेमा-ए-बिहार के सचिव हाजी हुस्न अहमद कादरी, राजभाषा उर्दू बिहार सरकार के निदेशक इम्तियाज अहमद करीमी, मजलिस-उलेमा पटना सिटी के सचिव अमानत हुसैन, प्रसिद्ध पत्रकार एवं लेखक खुर्शीद अनवर आरफी, अमीर इमारत अहले हदीस बिहार खुर्शीद आलम मदनी सलफी, मौलाना डॉ अतिकुर रहमान, बिहार राब्ता कमेटी के सचिव फजल रब, मौलाना सोहेल अहमद नदवी उपसचिव इमारत-ए-शरिया, मुफ्ती सुहैल अहमद कासमी इमारत-ए शरिया, मौलाना मुफ्ती सनाउल होदा कासमी, मौलाना मो सोहराब नदवी उपसचिव इमारत-ए-शरिया, मौलाना मो शिबली अल-कासमी उपसचिव इमारत-ए-शरिया, मौलाना डॉ शकील अहमद कासमी, मौलाना मो आलम कासमी कन्वेनर आइम-ए-मसाजिद बिहार, मौलाना अब्दुस समद इमाम मस्जिद अली नगर आदि ने अपने सभा को संबोधित किया. सभा का संचालन इमारत-ए-शरिया के उपसचिव मौलाना मुफ्ती सनाउल होदा ने किया.

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