सब्जी विक्रेता सुखल पासवान को आखिरकार न्याय मिल गया
Updated at : 01 Jul 2018 6:02 AM (IST)
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पटना : सब्जी विक्रेता सुखल पासवान को आखिरकार न्याय मिल ही गया. उनका नाबालिग बेटा चौबीस घंटे के अंदर न्यायिक हिरासत से बाहर आ जायेगा. एसएसपी मनु महाराज ने अपनी सुपरविजन रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी है. सीआरपीसी की धारा 196 के तहत भेजी गयी रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि बाइक […]
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पटना : सब्जी विक्रेता सुखल पासवान को आखिरकार न्याय मिल ही गया. उनका नाबालिग बेटा चौबीस घंटे के अंदर न्यायिक हिरासत से बाहर आ जायेगा. एसएसपी मनु महाराज ने अपनी सुपरविजन रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी है. सीआरपीसी की धारा 196 के तहत भेजी गयी रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि बाइक लूट केस में शामिल होने और अपराधियों से मिले होने की पुष्टि नहीं हुई है.
इसलिए नाबालिग को रिमांड रूम से रिहा किया जायेगा. इसके लिए पुलिस की तरफ से कोर्ट में आवेदन भी दे दिया गया है. एसएसपी की इस रिपोर्ट से सब्जी विक्रेता के परिवार में खुशियां आ गयी हैं. पिता का कहना है कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं, बेटे को झूठे केस में फंसाये जाने का दुख जरूर है, लेकिन देर से ही सही न्याय मिलने से अपार खुशी है. उन्होंने मीडिया का आभार व्यक्त किया है.
24 घंटे में न्यायिक हिरासत से होगा बाहर
कैसे भेजा जेल, जल्द आयेगी रिपोर्ट
एसएसपी की पहली सुपरविजन रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि सब्जी विक्रेता का नाबालिग बेटा लूट कांड में शामिल नहीं था. उसके साथ दो अन्य अपराधी जो पकड़े गये थे उनके साथ संबंध या जान पहचान होने की पुष्टि भी नहीं हुई है. इसलिए सुपरविजन रिपोर्ट में उसे निर्दोष बताया गया है. अब दूसरी सुपरविजन रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें बाईपास थाने ने उसे नाबालिग होने के बावजूद बेऊर जेल भेजा. मेडिकल जांच क्यों नहीं हुई, उसके आधार कार्ड पर मौजूद उम्र को क्यों नहीं देखा गया, इन बिंदुओं पर जांच के बाद एसएसपी अपनी सुपरविजन रिपोर्ट देंगे.
दो पुलिसकर्मियों का होना है बयान
नाबालिग के खिलाफ बाईपास थाने में एक और अगमकुआं में दो केस दर्ज हैं. जोनल आईजी के निर्देश पर पटना के एसएसपी तीनों केसों की जांच खुद कर रहे हैं. एसएसपी की मानें, तो दो पुलिसकर्मी अब तक उनके सामने नहीं आये हैं, जिनका बयान बाकी है. इनमें से एक पुलिसकर्मी केस का इंवेस्टिगेशन ऑफिसर है, जबकि दूसरा वैशाली के राघोपुर का थानेदार है.
क्या है मामला
गौरतलब है कि महात्मा गांधी चौक के पास सब्जी दुकान लगाने वाला सुखल पासवान का बेटा बाइक लूट कांड में जेल भेजा गया था. सीएम नीतीश कुमार ने संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच पटना के जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान को सौंपी थी. अपनी जांच में जोनल आईजी ने आरोपों को सही पाया था. इसके बाद ही बाईपास और अगमकुआं थाने में तैनात 12 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था.
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