आंदोलन में भूमिगत रहे या जेल के बाहर संघर्ष करने वालों को मिलेगा सम्मान : मोदी
पटना : जेपी स्वतंत्रता सेनानी रहे उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जेपी आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे, जो भूमिगत हो गये थे.
कुछ लोगों ने जेल के बाहर रहकर आंदोलन को तेज करने या इसे हर तरह से सहयोग देने का काम किया था. कई लोग कुछ दिन के लिए ही जेल गये थे, लेकिन उनकी भूमिका बेहद अहम है. ऐसे सभी लोगों को राज्य सरकार सम्मान देगी. इन्हें प्रशस्ति-पत्र दिया जायेगा. उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में जेपी सेनानी योजना से संबंधित सलाहकार पर्षद के अंतर्गत जिलों में नामित त्रिस्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जेपी सेनानियों के लिए चिकित्सीय, परिवहन समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.
जल्द ही इससे संबंधित फैसला ले लिया जायेगा. सभी लोगों को पेंशन देना संभव नहीं है. इस वजह से सरकार ने एक मानक तय कर रखा है. इसके तहत छह महीने या इससे ज्यादा सजा काटने वालों को 10 हजार प्रति महीने तथा एक महीने से ज्यादा एवं छह महीने से कम महीने तक सजा काटने वालों को पांच हजार प्रति महीने पेंशन दी जा रही है. यह पेंशन नहीं जेपी सेनानियों के प्रति सम्मान स्वरूप दी जाने वाली राशि है.
चिकित्सा, परिवहन समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने पर हो रहा विचार
मोदी ने कहा कि राज्य में अब तक 121 करोड़ रुपये इनकी पेंशन पर खर्च किये जा चुके हैं. सालाना औसतन 25 करोड़ रुपये पेंशन देने में खर्च किया जाता है. राज्य में जेपी सम्मान पेंशन पाने वालों की संख्या दो हजार 677 है.
इसमें 961 लोगों को 10 हजार और 1716 लोगों को पांच हजार प्रति महीने पेंशन दी जा रही है. 182 सेनानी ऐसे हैं, जिनकी मौत हो गयी है और यह पेंशन उनकी पत्नी को मिलनी चाहिए थी, लेकिन महज 80 का ही जिलों से घोषणा-पत्र प्राप्त हुआ है.
इसके अलावा 58 विधवाओं को घोषणा पत्र जमा करना था, जिनके जमा नहीं करने के कारण पेंशन रुकी हुई है. डिप्टी सीएम ने त्रि-स्तरीय सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों या क्षेत्रों में ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें पेंशन दिलाने में मदद करें. इसी तरह गृह विभाग के पास 18 हजार 112 लोगों का आवेदन आया, जिन्हें पेंशन नहीं मिल रही और वे इसके लिए हर तरह से पात्र हैं. इसमें 15 हजार 133 आवेदन जिलों को भेजे गये जांच के लिए, लेकिन महज एक हजार 933 ही आये हैं.
डिप्टी सीएम ने कहा कि जेपी सेनानियों के लिए तैयार वेबसाइट को ज्यादा बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे सभी जानकारी ऑनलाइन ही मिल सकेगी. योजना एवं विकास मंत्री ललन सिंह ने कहा कि जिला स्तर पर कमेटी का गठन करने का मकसद है, जेपी सेनानियों को आसानी से इसका लाभ मिल सके.
जिला समिति जल्द लंबित आवेदनों का सत्यापन कराकर भेजें. गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि स्व-घोषणा पत्र बैंक के बजाय कोई भी सेनानी किसी राजपत्रित अधिकारी से अपना आवेदन अनुमोदन करवाकर सीधे गृह विभाग को डाक या अन्य किसी माध्यम से भेज सकते हैं.

