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लंबी बीमारी के बाद पूर्व मंत्री कामेश्वर पासवान का निधन, राजकीय सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार

Updated at : 28 May 2018 12:03 PM (IST)
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लंबी बीमारी के बाद पूर्व मंत्री कामेश्वर पासवान का निधन, राजकीय सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार

पटना : लंबे समय से बीमार चल रहे जनसंघ से जुड़े रहे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री कामेश्वर पासवान का निधन सोमवार की सुबह हो गया. हाल ही में वह दिल्ली से इलाज करा कर पटना लौटे थे. अपने पीछे वह भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. विधानसभा और भाजपा कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देने के […]

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पटना : लंबे समय से बीमार चल रहे जनसंघ से जुड़े रहे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री कामेश्वर पासवान का निधन सोमवार की सुबह हो गया. हाल ही में वह दिल्ली से इलाज करा कर पटना लौटे थे. अपने पीछे वह भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. विधानसभा और भाजपा कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद देर शाम खाजेकलां घाट पर उनका आज अंतिम संस्कार किया जायेगा.

जानकारी के मुताबिक, जनसंघ से जुड़े रहे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री कामेश्वर पासवान का सोमवार की सुबह पटना सिटी के भीतरी बेगमपुर स्थित आवास पर निधन हो गया. 77 वर्षीय कामेश्वर पासवान लंबे समय से बीमार चल रहे थे. बीती 25 मई को वह गुरुग्राम स्थित मेदांता से इलाज करा कर लौटे थे. उनके घर में 65 वर्षीया पत्नी सिंहासनी देवी, बेटा राजू पासवान और दो बेटियां गायत्री देवी व पुष्पा कुमारी हैं. उनकी दोनों बेटियों की शादी अभी करनी है. अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव को शरीर को दिन में 12 बजे विधानसभा लाया जायेगा. इसके बाद पार्थिव शरीर को भाजपा कार्यालय ले जाया जायेगा. वहां से खाजेकलां घाट ले जाया जायेगा, जहां अंतिम संस्कार किया जायेगा.

भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे कामेश्वर पासवान का जन्म वर्ष 1941 में हुआ था. वह बिहार में मंत्री रहने के अलावा राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य भी चुने गये थे. वर्ष 1972 में मात्र 31 वर्ष की आयु में वह पहली बार भारतीय जनसंघ के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. उसके बाद वह वर्ष 1977 में दूसरी बार फिर विधानसभा पहुंचे और वर्ष 1979 तक बिहार सरकार में श्रम मंत्री रहे. उसके बाद कामेश्वर पासवान वर्ष 1990-96 तक राज्यसभा के सदस्य रहे. राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने पर वह नवादा से लोकसभा लड़े और जीत दर्ज की. कामेश्वर पासवान एससी-एसटी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं.

पेशे से शिक्षक रहे कामेश्वर पासवान ने मुजफ्फरपुर स्थित लंगट सिंह कॉलेज से स्नातकोत्तर किया था. वह जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी सक्रिय थे. कांग्रेस सरकार द्वारा देश में आपातकाल लगाये जाने के बाद वह गिरफ्तार भी किये गये. इस दौरान वह करीब 19 माह तक जेल में भी रहे.

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व सांसद कामेश्वर पासवान के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि वह एक प्रख्यात राजनेता एवं प्रसिद्ध समाजसेवी थे. उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने स्व. कामेश्वर पासवान के पुत्र से दूरभाष पर बात कर उन्हें सांत्वना दी. कामेश्वर पासवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. वहीं, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी पूर्व मंत्री, सांसद तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता कामेश्वर पासवान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों, शुभचिंतकों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है.

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