को-ऑपरेटिव बैंक को दुधारू गाय की तरह तेजस्वी परिवार ने किया इस्तेमाल : सुशील कुमार मोदी
Updated at : 24 May 2018 7:07 AM (IST)
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पटना :उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि ‘कवाब मंत्री’ के रूप में ख्यात राजद के पूर्व एमएलसी अनवर अहमद के आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में नोटबंदी के बाद 10 लाख रुपये जमा कराने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से सीबीआई की पूछताछ से यह साफ हो गया है कि आखिर राबड़ी-तेजस्वी नोटबंदी […]
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पटना :उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि ‘कवाब मंत्री’ के रूप में ख्यात राजद के पूर्व एमएलसी अनवर अहमद के आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में नोटबंदी के बाद 10 लाख रुपये जमा कराने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से सीबीआई की पूछताछ से यह साफ हो गया है कि आखिर राबड़ी-तेजस्वी नोटबंदी का क्यों विरोध कर रहे थे.
तेजस्वी परिवार के संरक्षण में दुधारू गाय के रूप में फलने-फूलने वाले इस बैंक के जरिये कालेधन को सफेद करने के एवज में राजद ने अनवर अहमद को एमएलसी बनाया. लालू प्रसाद (बैंक खाता संख्या–6040) और राबड़ी देवी (बैंक खाता संख्या–6851) के अलावा शायद ही किसी अन्य दल के राजनेताओं का आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में खाता होगा. आमतौर पर लोग राष्ट्रीयकृत व बड़े बैंकों में ही खाता रखते हैं.
मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव बताएं कि नोटबंदी के बाद आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में राबड़ी देवी ने बड़े पैमाने पर 500 व 1000 के नोट क्यों जमा कराये. फिर कुछ ही दिनों के बाद चेक के जरिये जमा राशि क्यों निकाल ली गयी.
जिस डिलाइट कंपनी का 750 करोड़ का पटना में मॉल बन रहा था नोटबंदी के चार दिन बाद ही उसका नाम बदल कर ‘लारा’ क्यों कर दिया गया. तेजस्वी परिवार ने खोखा कंपनियों के माध्यम से जो दर्जनों प्लॉट खरीदा उनमें से करीब आधे दर्जन का भुगतान आवामी को-ऑपरेटिव बैंक के जरिये ही क्यों दिखाया गया है.
तेजस्वी यादव बताएं कि नोटबंदी के बाद उनका परिवार और कहां-कहां पैसा जमा कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में मजदूरों व कर्मियों के नाम पर 41 फर्जी खाते खोल कर 70 लाख 46 हजार रुपये के पुराने नोट जमा कराये गये. जांच के बाद सीबीआई ने बैंक के चैयरमैन अनवर अहमद के बेटे व बैंक के निदेशक अरशद अहमद तथा उनके स्कूल मदर इंटरनेशनल एकेडमी की प्राचार्य सुप्रिया चटर्जी को कालेधन को सफेद करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
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