सुशील मोदी की मांग पर बढ़ी रेलवे की ग्रुप-डी की भर्ती में अधिकतम उम्र सीमा, कहा- लाखों युवा होंगे लाभान्वित

पटना : रेलवे में ग्रुप-डी की भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा 28 से बढ़ा कर 30 वर्ष करने के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा. इस पर रेलमंत्री ने सुशील मोदी की मांग को तुरंत स्वीकार लिया. […]
पटना : रेलवे में ग्रुप-डी की भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा 28 से बढ़ा कर 30 वर्ष करने के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा. इस पर रेलमंत्री ने सुशील मोदी की मांग को तुरंत स्वीकार लिया. बिहार के उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि रेलवे की ग्रुप-डी की भर्ती में अधिकतम उम्र सीमा में दो साल की बढ़ोतरी किये जाने से देश भर के लाखों युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी.
रेलवे में ग्रुप-डी की भर्ती के लिए उम्र सीमा 28 से बढ़ाकर 30 वर्ष करने की बिहार के अभ्यर्थियों मांग हमने रेलमंत्री पीयूष गोयल के समक्ष रखी, जिस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर इसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया। उम्र सीमा में 2 साल की वृद्धि से देश भर के लाखों युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। pic.twitter.com/ABK0qng96O
— Sushil Kumar Modi (मोदी का परिवार ) (@SushilModi) February 19, 2018
विपक्ष पर बोला हमला
सुशील मोदी ने अन्य ट्वीट में कहा है कि बिहार की एनडीए सरकार ने गरीबों, पिछड़ों, दलितों और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काम करते हुए मात्र सात माह के भीतर विपक्ष को मुद्दाविहीन कर दिया. इसलिए वे कभी मानव श्रृंखला रोकने के लिए मौसम तो कभी कदाचार-मुक्त परीक्षा का विरोध करने के लिए छात्रों की चप्पल का सहारा ले रहे हैं. जिस दल का शीर्ष नेतृत्व चारा घोटाला, होटल के बदले जमीन और बेनामी संपत्ति के मामले में दागदार है, वह तो सामाजिक कुरीतियों और नकल का हिमायती ही होगा. वे बतायें कि क्या चरवाहा विद्यालय में जूता पहनना अनिवार्य किया गया था. मोदी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने संविधान में 107 बदलाव किये, 19 महीने तक आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला दबाया और 60 साल के शासन में 99 बार विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाकर निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किया, उसकी गोद में बैठे लोग बिहार में संविधान बचाने का नाटक करते घूम रहे हैं. लालू प्रसाद ने कभी जेल से शासन चला कर संविधान का मजाक ही उड़ाया था.
बिहार की एनडीए सरकार ने गरीबों-पिछड़ों-दलितों और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काम करते हुए मात्र सात माह के भीतर विपक्ष को मुद्दाविहीन कर दिया, इसलिए वे कभी मानव श्रृंखला रोकने के लिए मौसम तो कभी कदाचार-मुक्त परीक्षा का विरोध करने के लिए छात्रों की चप्पल का सहारा ले रहे हैं… pic.twitter.com/juBCyoOhss
— Sushil Kumar Modi (मोदी का परिवार ) (@SushilModi) February 19, 2018
जिस कांग्रेस ने संविधान में 107 बदलाव किये, 19 महीने तक आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला दबाया और 60 साल के शासन में 99 बार विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाकर निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किया, उसकी गोद में बैठे लोग बिहार में संविधान बचाने का नाटक करते घूम रहे हैं… pic.twitter.com/SoQuUercxf
— Sushil Kumar Modi (मोदी का परिवार ) (@SushilModi) February 19, 2018
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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