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बाजार का हाल : बिहार के निवेशकों के 500 करोड़ डूबे, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Updated at : 07 Feb 2018 8:42 AM (IST)
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बाजार का हाल : बिहार के निवेशकों के 500 करोड़ डूबे, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

शेयर बाजार में भारी गिरावट से दहशत में निवेशक पटना : वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन अच्छा नहीं रहा. बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स खुलते ही 1200 अंक तक गिर गया. निफ्टी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, 386 अंक गिरा था. इससे […]

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शेयर बाजार में भारी गिरावट से दहशत में निवेशक
पटना : वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन अच्छा नहीं रहा. बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स खुलते ही 1200 अंक तक गिर गया. निफ्टी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, 386 अंक गिरा था. इससे पटना समेत राज्य के लाखों निवेशकों जोरदार झटका लगा.
बाजार के जानकारों की मानें तो सूबे के निवेशकों को कम से कम 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. भारी गिरावट के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और हर निवेशक के चेहरे पर गिरावट का भय साफ झलक रहा था. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आज बाजार में भारी गिरावट की वजह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स, डाओ जोंस में हुई गिरावट और महंगी बॉन्ड यील्ड का बुरा असर हो रहा है. यहां यह जानना गौरतलब है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच चुका है. लगातार गिरावट के कारण अमेरिका सहित दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया. जानकारों की राय में 1200 अंक की गिरावट अंत नहीं है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आयेगी और गिरावट
फिलहाल यहीं नजर आ रहा है कि बाजार में और गिरावट आयेगी. इसलिए निवेशकाें को धैर्य के साथ बाजार की दिशा तय होने का इंतजार करना चाहिए. जब तक गिरावट का दौर थम न जायें निवेश के लिए इंतजार करना ही ठीक रहेगा. उन्होंने बताया कि बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के साथ ही लाभांश पर भी दस फीसदी टैक्स का प्रावधान किया गया है जिसका असर निवेशकों पर पड़ेगा. गिरावट क्रूड आॅयल का असर है.
विनोद कुमार झुनझुनवाला, पूर्व अध्यक्ष, मगध स्टॉक एक्सचेंज
डे ट्रेडर बाजार से दूर रहें
विशेषकर डे ट्रेडर बाजार से दूर रहे. निवेशक हर गिरावट में अच्छी-अच्छी कंपनियों में सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान की तरह लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते है.
पराग जैन, एलकेपी
अच्छा नहीं रहा है रिटर्न
बाजार के इतिहास में कभी भी बैक टू बैक दो साल तक लगातार अच्छा रिटर्न नहीं रहा है. पिछले साल शेयर बाजार ने 30 से 35 फीसदी रिटर्न दिया था, जो बहुत ही अच्छा रिटर्न माना जाता है. इससे देखते हुए इस साल फ्लैट या निगेटिव रिटर्न देना चाहिए. बॉन्ड यील्ड बढ़ी है जिसके कारण लोगों का आकर्षण इक्विटी मार्केट से निकल कर फिक्सड रिटर्न वाले मार्केट की ओर बढ़ रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है.
विकास बैरोलिया, इन्वेस्टमेंट प्लानर
गोल्ड में करते हैं निवेश
जब- जब बाजार में उथल-पुथल होता है तब निवेशक अपना पैसा शेयर से निकाल कर गोल्ड में निवेश करने लगते हैं. ताकि उनका पैसा सुरक्षित रहे.
राजीव लोचन पंकज, एडेलवाइज ब्रोकिंग लि
क्या कहते हैं निवेशक
जल्द सुधार आने की उम्मीद
अधिक लालच के कारण समय पर मुनाफा वसूली नहीं कर सका. इंतजार के चक्कर में इसलिए मुझे बहुत नुकसान हो रहा है. उम्मीद है कि जल्द से जल्द बाजार में सुधार आयेगा. इसके बाद नुकसान की भरपाई हो सकता है.
दिलीप कुमार, निवेशक
थोड़ा-थोड़ा करके किया निवेश
बाजार पिछले एक साल से चढ़ रहा था. बजट के पहले या बजट के बाद में भारी गिरावट की आशंका थी. इसलिए अपना प्रोफिट बुकिंग कर लिया था. निचले स्तर पर अच्छी कंपनियां में थोड़ा- थोड़ा निवेश कर रहा हूं. लेकिन नुकसान होने का भी डर है.
दामोदर प्रसाद, निवेशक
बाजार में तेजी का है इंतजार
निवेश के रूप में मेरा ध्यान मार्केट चढ़ने पर है क्योंकि पिछले कई दिनों से बाजार में गिरावट देखा जा रहा है. जैसे ही बाजार में तेजी आयेगी वैसे ही प्रॅाफिट बुक कर बाजार से निकल जाऊंगा और नीचे आने पर लंबी अवधि के लिए दुबारा निवेश करूंगा.
कौशल कुमार, निवेशक
निवेश करने का सही समय नहीं
शेयर बाजार में काफी दिनों बाद इतनी बड़ी गिरावट आयी है. अभी यह गिरावट और किस स्तर तक जायेगी, उसका इंतजार कर रहा हूं. बाजार की वर्तमान समय में तो हालात है यह निवेश करने का सही समय नहीं है. जब बाजार में ठहराव आयेगा तब निवेश का प्लान करूंगा.
श्रीकांत नारायण, निवेशक
बजट के विरोध में ऐपवा की जिला स्तरीय बैठक
पटना : ऐपवा बिहार राज्य कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक मंगलवार को हुई. बैठक में हाल भी पेश हुए बजट को महिला विरोधी बजट बताते हुए सरकार का विरोध करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में शामिल सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर 12 फरवरी को ऐपवा की जिला स्तर पर कार्यकर्ता के साथ बैठक का निर्णय लिया गया. साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने को लेकर भी सहमति जतायी गयी. ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि महिलाओं को अपनी मांगों के लिए संघर्ष तेज करना होगा. नफरत व हिंसा की राजनीति के खिलाफ सामाजिक सौहार्द व भाईचारा के लिए काम करना होगा. वहीं, पटना विवि में हो रहे चुनाव में छात्र संगठनों के पैनल को जिताने की बात कही.
बैठक को संबोधित करते हुए ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पेश बजट में बड़े-बड़े वादे किये गये हैं, लेकिन फंड का कोई ठोस आंकड़ा नहीं पेश किया गया है. जेंडर बजटिंग और निर्भया फंड के बारे में भी बजट मौन है.
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