बिहार : यहां चलता था डिजिटल सेक्‍स रैकेट, वाट्सअप पर होता था फोटो सिलेक्ट, ऑनलाइन पेमेंट और 1 घंटे में लड़की हाजिर

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
पटना : श्रीकृष्णापुरी पुलिस ने बोरिंग रोड में किताब भवन लेन गली में मकान संख्या 21 में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया. यह रैकेट वाट्सअप के माध्यम से चलाया जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने संचालक सुनील कुमार, दो ग्राहक पिंटू कुमार व अर्नव अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया है.
वहां से दो महिलाओं को भी मुक्त कराया गया. उक्त मकान के फ्लैट के अंदर से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गयी है. पुलिस द्वारा पकड़े गये ग्राहक पिंटू व अर्नव अनिसाबाद के रहने वाले है और बीएड के छात्र हैं. पुलिस को यह जानकारी हाथ लगी है कि ये दोनों पूर्व में भी कई बार वहां आ चुके हैं. पुलिस को जब इस बात की भनक लगी तो पुलिस के जवान ग्राहक के वेश में पहुंचे और मामले का सत्यापन करने के बाद उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
लिये जाते थे प्रति ग्राहक से 25 सौ रुपये : बताया जाता है कि वहां प्रति ग्राहक से मात्र दो घंटे रुकने का 25 सौ रुपया लिया जाता था.
इसके अलावा अगर ग्राहक द्वारा कुछ खाने-पीने का सामान मंगवाने पर अतिरिक्त राशि ली जाती थी. सुनील कुमार ने उक्त मकान के फ्लैट को किराये पर लिया था और इसमें सेक्स रैकेट चला रहा था. इस काम के लिए उसने कई महिलाओं को अपने कांटेक्ट में रखा था. ग्राहक के आने पर सुनील कुमार द्वारा उनसे संपर्क कर बुलाया जाता था.
फ्लैट भी किराये पर दिया जाता था
पुलिस ने छापेमारी के दौरान संचालक सुनील कुमार के मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे खंगालने में लगी है. इसमें अब कई सफेदपोश की गर्दन भी फंस सकती है, क्योंकि वे लोग भी सुनील कुमार के वाट्सअप से जुड़े हुए थे. इसके अलावा मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के फोटो मिले है.
यह लोगों को उनके वाट्सअप पर कई लड़कियों के फोटो भेजताथा और उसे वे लोग सेलेक्ट करते थे. इसके बाद कीमत बतायी जाती थी और अगर ग्राहक मान जाता था तो फिर उन लोगों के बताये गये स्थान पर एक घंटे के अंदर सुनील लड़कियां सप्लाई करवाता था. इसके अलावा अगर किसी के पास अपनी जगह नहीं है तो उसे अपने फ्लैट पर बुलाता था.
शहर के पॉश इलाके व अपार्टमेंट में चलता रहा है सेक्स रैकेट
पटना. शहर में अब पॉश इलाके व अपार्टमेंट के फलैट में सेक्स रैकेट का धंधा फल-फूल रहा है. इस तरह के लगातार मामले सामने आ रहे है. आरपीएस रोड में परमानंद पैलेस में सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था और उसके बाद फिर से रूपसपुर थाने के महुआबाग में प्लूटस अपार्टमेंट में गोरखधंधा चल रहा था. पुलिस ने गुप्त सूचना मिलने पर छापेमारी की और वहां से गिरोह को संचालित करने वाले तीन सदस्य दिलीप उर्फ दीपक (परसा), ब्रजेश गिरी (नौतन, बेतिया) व संजीत कुमार (नौतन बलुआ, बेतिया) को पकड़ लिया और जबरन इस धंधे में डाली गयी दो नाबालिग युवतियों को छुड़ा लिया था.
ये दोनों ही युवतियां बेतिया की रहने वाली थी और ब्रजेश व संजीत ने नौकरी का झांसा देकर पटना लाया था. दिलीप का काम ग्राहकों को लाना था. हालांकि गिरोह का सरगना सुरेश गिरी फरार होने में सफल रहा. जिसे बाद में पकड़ा गया था. इसी प्रकार अगमकुआं में भूतनाथ रोड, एमआइजी फ्लैट आदि इलाकों में कई बार सेक्स रैकेट का पटना पुलिस पर्दाफाश कर चुकी है. ये रैकेट चलाने वाले फ्लैट की मुंहमांगा रेंट देते है और धंधा शुरू कर देते है. ये वैसे इलाके है, जहां सभ्रांत लोग रहते है और किसी को शक भी नहीं होता है.
नौकरी का झांसा देकर लाते थे पटना और फ्लैट में कर देते हैं कैद : सेक्स रैकेट चलाने वाले गरीब युवतियों को नौकरी देने का झांसा देकर पटना लाते हैं. उसके बाद उन्हें अपार्टमेंट के फ्लैट में कैद कर दिया जाता था. इसके बाद डरा-घमका कर उन्हें सेक्स रैकेट के दलदल में ढ़केल दिया जाता है. इसके बाद उनके काम के लिए प्रति माह कुछ पैसे भी दिये जाते थे, जिसे वे अपने घर भेज सकती थीं.
ऑनलाइन पेमेंट की भी व्यवस्था
खास बात यह है कि लड़की पसंद आने के बाद ऑर्डर देने के समय ही ऑनलाइन पैसे भी एकाउंट में देने की व्यवस्था थी. अगर ऑन लाइन नहीं दिया तो फिर जो लड़का लड़की को लेकर जायेगा, उसे उसी समय निर्धारित राशि दे देना होता था. इसके बाद समय सीमा पूरा होने पर फिर से लड़की को लाने के लिए एक युवक पहुंच जाता था. जिसके साथ लड़की लौट जाती थी.
पूर्व में भी वाट्सअप के माध्यम से सेक्स रैकेट संचालित होने का मामला राजीव नगर थाने के फ्रेंड्स कॉलोनी में सामने आया था. इस दौरान पुलिस ने राहुल कुमार व उसकी पत्नी को पकड़ा था और पांच लड़कियों व महिलाअों को मुक्त कराया गया था. इन लोगों के साथ ब्रजेश कुमार उर्फ अनिल गिरि व अभय कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था.
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें