जेल जाने के बाद भी सोशल मीडिया में बने रहेंगे लालू, जानें... हर हफ्ते कितने लोगों से कर सकते है मुलाकात

पटना : जेल जाने के बाद भी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सोशल मीडिया में बने रहेंगे. उनका ट्विटर एकाउंट पहले की तरह ही काम करेगा. लालू प्रसाद ने इसकी तैयारी कर रखी है. सोमवार को उनके एकाउंट से ट्वीट ने समर्थकों की दुविधा को दूर करने की कोशिश की. लालू प्रसाद के ट्विट में लिखा […]
पटना : जेल जाने के बाद भी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सोशल मीडिया में बने रहेंगे. उनका ट्विटर एकाउंट पहले की तरह ही काम करेगा. लालू प्रसाद ने इसकी तैयारी कर रखी है. सोमवार को उनके एकाउंट से ट्वीट ने समर्थकों की दुविधा को दूर करने की कोशिश की.
प्रिय साथियों, कारागार प्रवास के दौरान मेरे ट्विटर हैंडल का संचालन मेरा कार्यालय और परिवार के सदस्य करेंगे।समय-समय पर मुलाक़ातियों के मार्फ़त कार्यालय को संदेश पहुँचेगा जो आपके पास ट्विटर या अन्य विधा से पहुँच जाएगा। संगठित रहिए, सचेत रहिए।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 25, 2017
लालू प्रसाद के ट्विट में लिखा गया है कि जेल में रहने के दौरान उनके ट्विटर एकाउंट को उनके परिवार और कार्यालय से स्टाफ चलायेंगे. जेल में उनसे मिलने वाले लोगों के माध्यम से ट्विट के लिए संदेश पहुंचाया जायेगा. ट्विट के जरिये उन्होंने अपने समर्थकों को संगठित और सचेत रहने की नसीहत दी है.
जेल में हर हफ्ते पसंद के तीन लोगों से ही मिल सकेंगे लालू
चारा घोटाले के आरसी 64 ए/96 मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से हर सप्ताह सिर्फ तीन ही लोग मिल सकेंगे. सोमवार को उनसे मिल ने जेल पहुंचे झारखंड व बिहार के राजद नेताओं को जेल प्रशासन ने इसका फरमान सुनाया. जेल प्रशासन का कहना है कि जेल मैनुअल के अनुसार, लालू प्रसाद से मिलने के लिए सप्ताह में सिर्फ तीन लोगों को ही अनुमति दी जा सकती है.
किससे मिलना है और किससे नहीं, लालू प्रसाद ही तय करेंगे. इसके लिए अलग रजिस्टर तैयार किया गया है. जो लोग उनसे मिलने चाहेंगे उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर लालू के पास भिजवाया जायेगा. इनमें से लालू प्रसाद जिन तीन नामों पर सहमति देंगे, उन्हें ही जेल के अंदर उनसे मिलने भेजा जायेगा. खाने-पीने की कोई सामग्री लालू प्रसाद के लिए लेकर आयेगा, तो उसका भी ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया जायेगा. सामग्री की पहले जांच की जायेगी, इसके बाद ही उसे लालू प्रसाद के पास भेजा जायेगा.
काफी मशक्कत के बाद मिल सके पांच लोग
काफी मशक्कत करने के बाद सोमवार को सिर्फ पांच लोगों को ही लालू से मिलने की अनुमति दी गयी. इसके बाद झारखंड प्रदेश राजद की अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी, बिहार के राजद विधायक भोला यादव, एमएलसी रणविजय सिंह, पूर्व विधायक अवध बिहारी और वकील प्रभात कुमार ने जेल में जाकर लालू प्रसाद से मुलाकात की. करीब 20 मिनट तक सभी जेल के अंदर रहे. अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि जेल के अंदर राजद सुप्रीमो के स्वास्थ्य की लगातार जांच की जा रही है. वह पहले से बेहतर हैं. जेल में बना खाना ही खा रहे हैं. उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाये रखने की अपील की है. किसी प्रकार का आंदोलन या हंगामा नहीं करने की बात कही है.
2013 में कहां था नियम
चारा घोटाले में लालू प्रसाद 2013 में भी जेल गये थे. उस समय बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के बाहर मेले से दृश्य होता था. हर रोज दो दर्जन से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता लालू से मिलते थे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उस वक्त जेल मैनुअल नहीं था. अगर हां, तो फिर उस वक्त जेल मैनुअल के विपरीत काम क्यों हुआ. यह सवाल राजद के कुछ नेता उठा रहे थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




