बिहार : नोटबंदी से उबर चुके हैं कारोबार व उद्योग, हो रहा कैशलेस लेन-देन
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : देश में नोटबंदी के फैसले का आज एक साल पूरा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में भूचाल मच गया था. फैसले के एक साल पूरे होने पर व्यापारियों तथा उद्योग संघों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है. ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी ऑल इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डाॅ […]
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पटना : देश में नोटबंदी के फैसले का आज एक साल पूरा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में भूचाल मच गया था. फैसले के एक साल पूरे होने पर व्यापारियों तथा उद्योग संघों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है.
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी
ऑल इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डाॅ कुमार अरविंद ने कहा कि नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा करवाने में लोगों को भले ही परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार के इस फैसले के कारण जाली नोटों के कारोबार को झटका लगा है. नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ा है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नकद पर ही निर्भर है.
10-20 फीसदी ही कैशलेस
पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के संयुक्त सचिव डॉ प्रतीक गौरव ने कहा कि नोटबंदी का सर्राफा कारोबार पर व्यापारिक रूप से सीधा फायदा नजर नहीं आया. अभी तक इस कारोबार में अधिक लेनदेन नकद में ही हो रहे हैं. आम तौर पर जो भी डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं, तो वे बड़े ज्वेलरी शॉप में ही हो रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार 10 से 20 फीसदी काराेबार ही कैशलेस हो पा रहा है. अत: इसका सीधा फायदा नहीं है.
नोटबंदी पूरी तरह सफल
बिहार ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन कुमार सिंह ने कहा कि दवा कारोबार पर नोटबंदी का कुछ माह तक असर रहा था. अब लोग इससे पूरी तरह उबर चुके हैं. पहले 75 फीसदी थोक कारोबार नकद होता था, लेकिन अब 75 फीसदी काराेबार चेक या आटीजीएस से हो रहा है. अब रिटेलर भी आरटीजीएस, चेक या डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. नोटबंदी पूरी तरह सफल रही है.
सकारात्मक रहा फैसला
बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव रमेश चंद्र तलरेजा ने कहा कि तीन माह तक संकट का सामना करना पड़ा था. नोटबंदी के दौरान पेटीएम से भुगतान का चलन शुरू हुआ था. वह आज ठंडा हो गया है. महीने में एक-दो लोग ही पेटीएम या पीओएस मशीन से भुगतान करते हैं. किराना या जेनरल दुकानों में लेनदेन पूरी तरह कैशलेस नहीं हो सकता है. फिर भी काफी फैसला सकारात्मक रहा है.
बेहतर दूरगामी परिणाम
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि नोटबंदी से राज्य के उद्योग-धंधों पर कुछ समय के लिए असर रहा था, लेकिन इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम निकलेंगे. नोटबंदी की वजह से नकली नोट व उससे संबंधित अवैध कारोबार भी खत्म हो गये. सरकार को पुराने नोट जमा करने का एक मौका देना चाहिए. ग्रामीण इलाके में पुराने नोट अब भी पड़े हैं.
कैशलेस का चलन बढ़ा
पटना इलेक्ट्रीक ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रीक कारोबार पर एक माह तक असर देखा गया था. इस सेक्टर में कैशलेस का चलन बढ़ा है, लेकिन ग्राहक बैंक चार्ज नहीं देना चाहते हैं. इसे लेकर कारोबारियों और ग्राहकों के बीच नोंक-झोंक होना आम हो गया है. सरकार को इसके लिए कोई ठोस कदम उठना चाहिए. नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार पर उतना असर नहीं दिखा.
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