बिहार : बालू रखने के लिए सरकार ने सभी जिलों के डीएम से मांगी पांच एकड़ जमीन

Updated at : 22 Oct 2017 6:11 AM (IST)
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बिहार : बालू रखने के लिए सरकार ने सभी जिलों के डीएम से मांगी पांच एकड़ जमीन

एक दिसंबर से होगी थोक बिक्री, तय होगी सही कीमत पटना : प्रदेश में उपभोक्ताओं को उचित दर पर बालू उपलब्ध करवाने के लिए एक दिसंबर से इसका थोक कारोबार बिहार राज्य खनन कॉरपोरेशन लिमिटेड करेगी. इससे पहले बालू भंडारण और गोदाम की व्यवस्था के लिए सरकार ने सभी जिले के डीएम से पांच-पांच एकड़ […]

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एक दिसंबर से होगी थोक बिक्री, तय होगी सही कीमत
पटना : प्रदेश में उपभोक्ताओं को उचित दर पर बालू उपलब्ध करवाने के लिए एक दिसंबर से इसका थोक कारोबार बिहार राज्य खनन कॉरपोरेशन लिमिटेड करेगी. इससे पहले बालू भंडारण और गोदाम की व्यवस्था के लिए सरकार ने सभी जिले के डीएम से पांच-पांच एकड़ जमीन की व्यवस्था करने के लिए कहा था. जिन जिलों में यह उपलब्ध करवाई गई है वहां के डीएम से इसका भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है. इसके साथ ही बिक्री की अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं.
सभी डीएम से सरकार ने कहा है कि इन जमीनों की भौतिक सत्यापन कर फोटो सहित यह बताएं कि यह कितनी खुली और कितनी घेरी हुई है. इसके आसपास कितने वाहन खड़े किए जा सकते हैं. ट्रक और ट्रैक्टर के लिए गोदाम तक पहुंचने का रास्ता कितना उपयुक्त है. निजी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर भाड़े पर जमीन लेने का निर्देश दिया गया है. इसका भाड़ा निगम देगी. इन सभी जगहों पर निगम या विभाग का बोर्ड लगाने और भवन निर्माण विभाग से वहां अस्थायी भवन निर्माण करवाने का अधिकारियों को निर्देश दिया गया है. वहां जब्त की गयी बालू, मिट्टी और पत्थर रखे जायेंगे.
राज्य खनन कॉरपोरेशन लिमिटेड को जिम्मा
बालू का दर निर्धारित करने के लिए सभी जिलों से इस साल जून और सितंबर महीने में बाजार में चल रहे बालू का दर पूछा गया था. इसकी उचित कीमत तय करने की प्रक्रिया चल रही है. विभाग ने स्पष्ट कहा है कि मिट्टी एक लघु खनिज है. इसलिये इसके खनन और व्यवसाय के लिए भी परमिट लेना आवश्यक है. इसके लिए व्यवसायी और जमीन मालिक को निबंधन करवाना होगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
जीएसटी में निबंधन
सभी ट्रांसपोर्टर और बंदोबस्तधारियों से कहा गया है कि वे एक महीने में जीएसटी में अपना निबंधन करवा लें. जो वाहन जीएसटी में निबंधित नहीं होंगे ऐसे वाहनों से बालू और पत्थर की ढुलाई करवाने से बंदोबस्तधारियों को मना कर दिया गया है. इनकी ढुलाई के समय इन्हें तारपोलिन से ढकना अनिवार्य है जिससे कि सड़क पर ये न गिरें. साथ ही ई-चालान व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गयी है.
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