‘नव अस्तित्व फाउंडेशन’ की पहल पर बिहार में बना पहला सेनेटरी नैपकिन बैंक
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पटना : ‘नव अस्तित्व फाउंडेशन’ की पहल पर बिहार में पहले सेनेटरी नैपकिन बैंक की स्थापना की जा रही है. फाउंडेशन की संस्थापक अमृता सिंह ने बताया कि ‘स्वच्छ बेटियां, स्वच्छ समाज’ अभियान के तहत हम बैंक की स्थापना कर रहे हैं. आज इस बैंक की स्थापना के लिए बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल में कार्यक्रम […]
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पटना : ‘नव अस्तित्व फाउंडेशन’ की पहल पर बिहार में पहले सेनेटरी नैपकिन बैंक की स्थापना की जा रही है. फाउंडेशन की संस्थापक अमृता सिंह ने बताया कि ‘स्वच्छ बेटियां, स्वच्छ समाज’ अभियान के तहत हम बैंक की स्थापना कर रहे हैं. आज इस बैंक की स्थापना के लिए बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस मौके पर अमृता सिंह ने बताया कि भविष्य में सेनेटरी नैपकिन बैंक की स्थापना बिहार के 38 जिलों में की जायेगी, लेकिन फिलहाल राज्य के छह जिलों में इस योजना की शुरुआत की जा रही है. बैंक के बारे में अमृता ने बताया कि महिलाओं और लड़कियों को पासबुक इश्यू किया जायेगा, जिसके जरिये उन्हें हर महीने सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने बताया कि बैंक के जरिये बाजार की कीमत से बहुत कम मूल्य पर सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराया जायेगा. इस बैंक में लोग सेनेटरी नैपकिन दान भी कर सकेंगे.
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चूंकि महिलाओं को पासबुक के जरिये नैपकिन मिलेगा, इसलिए फाउंडेशन महिलाओं के बारे में जानकारी एकत्र कर सकेगा और बाद में महिलाओं की काउंसिलिंग भी की जायेगी. काउंसिलिंग के दौरान उन्हें पीरियड्स के वक्त साफ-सफाई रखने और सेनेटरी नैपकिन यूज करने के तरीकों और फायदों के बारे में बताया जायेगा. उन्होंने कहा कि सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल ना करने और साफ-सफाई ना रखने से महिलाएं किस तरह पीड़ित होती हैं, यह बात जगजाहिर है. साथ ही यह बात भी एक सच है कि अधिकतर महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल इसलिए नहीं करतीं, क्योंकि उनके सामने पैसे की समस्या रहती है. इसलिए हमने काफी कम कीमत पर नैपकिन उपलब्ध कराने का सोचा है.
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हमारे देश में माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता की काफी कमी है, अधिकतर लोग घरेलू पैड का प्रयोग करते हैं, आंकड़ों की मानें तो 20 प्रतिशत महिलाएं भी सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग नहीं करती हैं. जिसके कारण उन्हें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति से महिलाओं को निकालने के लिए देशभर में कई जगह पर सेनेटरी नैपकिन बैंक की स्थापना की जा रही है. महाराष्ट्र में डॉ. भारती लावेकर ने एनजीओ टी फाउंडेशन के जरिये आदिवासी इलाके की औरतों एवं जरूरतमंद लड़कियों के लिए सेनेटरी पैड बैंक की स्थापना की है. यह पहला ऐसा सेनेटरी बैंक है, जिसके जरिये समाज में पीरियड को लेकर लेकर लोगों में जागरूकता लायी जायेगी.
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