अब ज्यादा दिनों तक इंतजार करने के मूड में नहीं हैं नीतीश

Updated at : 26 Jul 2017 8:43 AM (IST)
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अब ज्यादा दिनों तक इंतजार करने के मूड में नहीं हैं नीतीश

तेजस्वी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कुछ भी बोलने से किया इनकार अंजनी कुमार सिंह नयी दिल्ली : राजद-जदयू के बीच चल रही तनातनी अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी. जदयू की ओर से राजद को स्पष्ट तौर पर बता दिया गया है. यदि राजद की ओर से समय रहते कोई पहल नहीं होती है, […]

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तेजस्वी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कुछ भी बोलने से किया इनकार
अंजनी कुमार सिंह
नयी दिल्ली : राजद-जदयू के बीच चल रही तनातनी अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी. जदयू की ओर से राजद को स्पष्ट तौर पर बता दिया गया है. यदि राजद की ओर से समय रहते कोई पहल नहीं होती है, तो मुख्यमंत्री अपने विशेषाधिकार का भी प्रयोग कर सकते हैं.
मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली आये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शांत दिखे. मीडिया से कुछ भी बोलने से परहेज किया. हालांकि, मीडिया से वह गर्मजोशी से मिले. जब मीडिया ने बार-बार उनसे इस मसले पर बोलने का अाग्रह किया, तो उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव केसी त्यागी की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस मामले के लिए वही अधिकृत हैं.
नीतीश कुमार खुल कुछ भी नहीं बोले, लेकिन उनकी इस चुप्पी के भी निहितार्थ निकाले गये. जानकाराें का कहना है कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मामले का जल्द ही समाधान निकलेगा. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की ओर से यह साफ संकेत दे दिया गया है कि इस मामले में वह महागठबंधन सरकार की बदनामी नहीं चाहते हैं.
वह 27 अगस्त की राजद की महारैली तक इंतजार करने के मूड में नहीं बताये जा रहे हैं.जदयू महासचिव केसी त्यागी ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि जदयू कार्यकारिणी और विधानमंडल दल की बैठक में मुख्यमंत्री ने नैतिकता के उच्च मानदंड बनाये रखने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि जिन पर आरोप लगे हैं, वह उन आरोपों का बिंदुवार जबाव देकर पाक-साफ होकर आएं. लेकिन, अब तक उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की ओर से वैसा जवाब नहीं दिया गया है. वह अपने वक्तव्यों में राजनीतिक शब्दावली का प्रयोग करते हैं. तेजस्वी जदयू के मंत्री होते, तो मुख्यमंत्री अब तक उनका इस्तीफा ले लिये होते. जदूय ने तेजस्वी के इस्तीफे की मांग नहीं की है, लेकिन उन पर जो आरोप लगे हैं, उन आरोपों पर उन्हें पाक-साफ होना पड़ेगा, क्योंकि नीतीश कुमार बहुत दिनों तक इस स्थिति में रहना नहीं चाहते हैं.
वहीं, राजद के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव की ओर से नीतीश कुमार को सब कुछ बता दिया गया है, फिर भी जदयू क्या चाहता है‍? भाजपा के आरोपों पर जदयू की ओर से बार-बार सफाई मांगना गठबंधन धर्म के विपरीत नहीं है‍. जदयू को भी अपना धर्म निभाना चाहिए.
दूसरी ओर पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद ने जिस तरह से लूटने का काम किया है, उसमें उनका पूरा परिवार शामिल रहा है.
तेजस्वी को आज नहीं, तो कल इस्तीफा देना ही पड़ेगा, क्योंकि कोई भी व्यक्ति जेल में रहते हुए मंत्री कैसे रह सकता है? उन पर जितने आरोप हैं, उन सब में उनकी सजा सुनिश्चित है. भ्रष्टाचारमुक्त शासन की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री कब तक इस्तीफा लेते हैं या बर्खास्त करते हैं, यह देखना है. भाजपा का स्टैंड साफ है. वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी.
आज पटना में रहेंगे कार्यकारी राज्यपाल
संसद के सेंट्रल हॉल में मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम नीतीश कुमार राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार रही मीरा कुमार की बगल में बैठे थे. मालूम हो कि नीतीश कुमार ने उनकी मुखालफत करते हुए रामनाथ कोविंद का समर्थन किया था.
अपने स्टैंड पर राजद भी अड़ा
मध्यावधि चुनाव मंजूर, पर तेजस्वी का इस्तीफा नहीं
सर्कुलर रोड स्थित लालू-राबड़ी आवास पर बुधवार की दोपहर 12 बजे राजद विधायक दल की बैठक होगी. इसमें उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के कैबिनेट से इस्तीफा नहीं देने के पूर्व के स्टैंड पर दोबारा मुहर लगायी जायेगी. बुधवार को ही दोपहर बाद लालू प्रसाद को चारा घोटाले में चल रही सुनवाई के दौरान मौजूद रहने के लिए रांची रवाना होना है. सूत्र बताते हैं कि राजद एक स्वर से तय कर चुका है कि किसी भी स्थिति में तेजस्वी का इस्तीफा नहीं होगा. इसके लिए पार्टी मध्यावधि चुनाव तक के लिए तैयार है.
निर्णायक समय
सीएम-डिप्टी सीएम पटना लौटे, सत्र 28 से
राजनीतिक गहमागहमी के बीच शुक्रवार 28 जुलाई से विधानमंडल का माॅनसून सत्र आरंभ हो रहा है. मंगलवार को राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना आ गये हैं. पिछले पांच दिनों से दिल्ली में जमे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भी राजधानी लौट आये हैं.
राजनीतिक हलकों में दो दिनों की चुप्पी के बाद किसी बड़े तूफान की आशंका जतायी जा रही है. इस बीच कार्यकारी राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी एक दिन के लिए पटना पहुंचे हैं. वे बुधवार को दिन भर सरकारी समारोहों में शामिल होने के बाद देर शाम कोलकाता रवाना हो जायेंगे. 28 जुलाई से आरंभ हो रहे विधानमंडल का मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि 27 जुलाई तक उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वह सदन को चलने नहीं देगी. तीन अगस्त तक चलने वाले सत्र में सरकार को वित्तीय और विधायी कामकाज निबटाने हैं. एक दिन पहले जदयू ने अपने प्रवक्ताओं को संयम बरतने की नसीहत दे रखी है. राजद के प्रवक्ता पहले से ही चुप हैं. सत्र के सुचारु रूप से चलने के लिए राजद विधायक दल की मंगलवार को बैठक होगी.
कब किस पार्टी के विधायक दल की बैठक
राजद : बुधवार, 10 सर्कुलर रोड, 12 बजे दिन
जदयू : बुधवार 1, अणे मार्ग, शाम 5:30 बजे
कांग्रेस : 28 जुलाई, शाम सात बजे सदानंद सिंह के सरकारी आवास पर भाजपा : बुधवार, 1, पोलो रोड, दिन के एक बजे
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