गेमिंग एप के माध्यम से पैसा निवेश करने का झांसा देकर ठगी करने वाले 10 बदमाश पकड़ाये

Updated at : 21 Apr 2025 1:05 AM (IST)
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गेमिंग एप के माध्यम से पैसा निवेश करने का झांसा देकर ठगी करने वाले 10 बदमाश पकड़ाये

साइबर थाने की पुलिस ने गेमिंग एप के माध्यम से निवेश का झांसा देकर ठगी करने 10 साइबर बदमाशों को पकड़ा है.

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संवाददाता, पटना

साइबर थाने की पुलिस ने गेमिंग एप के माध्यम से निवेश का झांसा देकर ठगी करने 10 साइबर बदमाशों को पकड़ा है. इनमें मोकामा में एक पार्टी का नगर अध्यक्ष राहुल रंजन, बड़हैया निवासी कुणाल उर्फ राजीव व अन्य हैं. सूत्रों का कहना है कि इन दोनों की निशानदेही पर ही पुलिस टीम ने फ्रेजर रोड व पाटलिपुत्र स्टेशन इर्द-गिर्द स्थित होटलों में छापेमारी कर आठ साइबर बदमाशों को पकड़ा है. इनके पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन, पासबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किये हैं. कुणाल उर्फ राजीव गिरोह का सरगना है. इसे राहुल रंजन की निशानदेही पर पुलिस ने मोकामा से पकड़ा. कुणाल के पास से पुलिस ने दो आधार कार्ड बरामद किये हैं. एक कुणाल के नाम पर है और दूसरा राजीव के नाम पर है. कुणाल ने ही सभी बदमाशों का कमरा बुक कराया था. पुलिस अन्य बदमाशों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार साइबर बदमाश सहरसा, सीवान, गया, बाढ़ और बेगूसराय के रहने वाले हैं. इस मामले में पुलिस सोमवार को खुलासा कर सकती है. सूत्रों का कहना है कि कुणाल गेमिंग एप के माध्यम से निवेश कर लाखों कमाने का झांसा देकर ठगी करने का गिरोह चला रहा था. इस दौरान इसकी पहचान राहुल से हुई और उसे 10 करोड़ का एक करेंट अकाउंट की व्यवस्था करने पर दो लाख रुपये देने को कहा. इसके बाद राहुल ने भी सीवान के एक युवक को यह जिम्मेदारी दी. इसके बाद उस युवक ने निजी बैंक में 10 करोड़ क्रेडिट होने का करेंट अकाउंट खुलवा दिया और दे दिया. इस मामले में सीवान के उस युवक को भी पुलिस ने पकड़ लिया है और पूछताछ की जा रही है.

कैसे करते हैं ठगी

यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया पर गेमिंग एप का विज्ञापन देता है. विज्ञापन में ही अकाउंट नंबर और क्यूआर कोड होता है. लोगों को पहले गेम जीतने पर पहले तो पैसा लौटाया जाता है और फिर निवेश कराया जाता है. इसके बाद पैसों की ठगी कर ली जाती है. मालू हो कि हाल के दिनों में साइबर थाने की पुलिस ने गेमिंग एप पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उन लोगों से मिले इनपुट के आधार पर ही छापेमारी कर फिर से 10 को पकड़ा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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