31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को जमानत, लेकिन अभी जेल में ही रहेंगे सांसद

Updated at : 10 Feb 2026 3:03 PM (IST)
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Pappu Yadav

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Pappu Yadav: तीन दिन की न्यायिक हिरासत, कड़ी सुरक्षा और राजनीतिक सरगर्मी के बाद आखिरकार पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बड़ी राहत मिल गई है. पटना की MP/MLA कोर्ट ने 31 साल पुराने मामले में उन्हें जमानत दे दी.

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Pappu Yadav: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन को पटना की MP/MLA कोर्ट से जमानत मिल गई है. गर्दनीबाग थाना से जुड़े वर्ष 1995 के एक पुराने आपराधिक मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद बीते तीन दिनों से वे न्यायिक हिरासत में थे.

अदालत के इस फैसले के साथ ही सियासी और कानूनी हलकों में चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है.

तीन दिन की हिरासत के बाद कोर्ट से राहत

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को तीन दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था. शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया था. उनकी तबीयत को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे. सोमवार को MP/MLA कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें गर्दनीबाग मामले में जमानत दे दी.

क्या है 31 साल पुराना गर्दनीबाग मामला

पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना में दर्ज है. आरोप है कि शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उस पर कब्जा कर लिया गया. इस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी धाराएं लगाई गई थीं. लंबे समय तक कोर्ट में उपस्थिति नहीं रहने के कारण पहले जारी जमानत बॉन्ड रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई.

पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने सिविल कोर्ट के बाहर बताया कि अदालत ने गर्दनीबाग कांड संख्या 552/95 में उनके मुवक्किल को जमानत दे दी है. उन्होंने कहा कि यह मामला बेल बॉन्ड टूटने से जुड़ा था और कोर्ट ने सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद बेल मंजूर की है. वकील के मुताबिक न्यायिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पप्पू यादव को बाहर आना था, लेकिन एक अन्य केस के कारण फिलहाल रिहाई नहीं हो सकी.

बुद्धा कॉलोनी थाना में एक और मामला दर्ज

गर्दनीबाग मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव की कानूनी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. उनके खिलाफ पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़ा एक और मामला दर्ज है. इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अलग से चलेगी.

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को रोकने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में एक नया मामला दर्ज किया गया था. इस केस में पप्पू यादव समेत 20 अज्ञात अभियुक्तों को नामजद किया गया है. यही मामला इस वक्त उनकी रिहाई में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.

बुद्धा कॉलोनी थाना में दर्ज मामले की सुनवाई कल होनी है. इस सुनवाई के बाद यह साफ हो पाएगा कि पप्पू यादव को इस केस में भी जमानत मिलती है या उन्हें कुछ और समय जेल में रहना पड़ेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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