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लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए पटना में विपक्षी दलों की बैठक, 500 सीट पर साझा उम्मीदवार संभव

Updated at : 23 Jun 2023 4:00 AM (IST)
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लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए पटना में विपक्षी दलों की बैठक, 500 सीट पर साझा उम्मीदवार संभव

Patna: TMC chief and West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee with TMC National General Secretary Abhishek Banerjee meets RJD President Lalu Prasad Yadav and RJD leaders Rabri Devi and Tejashwi Yadav, in Patna, Thursday, June 22, 2023. (PTI Photo)(PTI06_22_2023_000252B)

पटना पहुंचने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाम राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की. ममता ने कहा कि पटना की बैठक में जो भी तय होगा, वह विपक्ष के सभी पार्टियों के लिए मान्य होगा. माना जा रहा है कि दिन के करीब 12 बजे बैठक आरंभ होगी.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर भाजपा के खिलाफ अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में साझा प्रत्याशी उतारने सहित कई महत्वपूर्ण रणनीतिक मसलों को लेकर करीब 18 पार्टियों के नेता शुक्रवार को पटना में मंथन के लिए जुट रहे हैं. नीतीश कुमार के निमंत्रण पर मुख्यमंत्री आवास में हो रही इस बैठक में भाग लेने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेता पटना पहुंच गये हैं.

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पटना पहुंचने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाम राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की. ममता ने कहा कि पटना की बैठक में जो भी तय होगा, वह विपक्ष के सभी पार्टियों के लिए मान्य होगा. माना जा रहा है कि दिन के करीब 12 बजे बैठक आरंभ होगी.

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विपक्षी दलों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव,जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, एनसीपी के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, भाकपा माले के दीपंकर भट्टाचार्य, सीपीआइ के डी राजा और जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती एवं पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्लाह शामिल होंगे.

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शुक्रवार की सुबह विशेष विमान से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन,यूपी के पूर्व सीएम एवं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी एवं महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्ध ठाकरे पटना पहुंचेंगे.

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विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेने आ रहे राहुल गांधी कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एक घंटे रहेंगे. दिन के 10 बजे पटना पहुंचने के बाद वे सीधे सदाकत आश्रम जायेंगे. ठीक 11 बजे आश्रम से मुख्यमंत्री आवास के लिए निकलेंगे. राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व केसी वेणुगोपाल भी होंगे.

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तीनों नेताओं के आगमन को लेकर सदाकत आश्रम को पूरी तरह से सजाया गया है. आश्रम के चप्पे-चप्पे पर सभी नेताओं ने विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने को लेकर स्वागत के बड़े बैनर लगे हैं. सदाकत आश्रम आनेवाली सड़कों पर कांग्रेस नेताओं की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी है. सदाकत आश्रम में गहमागहमी बढ़ गयी है.

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राहुल गांधी के स्वागत की तैयारी को लेकर आश्रम के पिछले हिस्से में बड़ा पंडाल तैयार किया गया है. यहां पर कौन कहां बैठेगा और कैसे राहुल गांधी मंच तक पहुंचेंगे, इसकी तैयारी की गयी. उनके संबोधन को लेकर साउंड सिस्टम की जांच होती रही. कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं के बैठने की जगह का निर्धारण किया गया है. मीडिया के लिए भी अलग से गैलरी तैयार की गयी है. पंडाल तक पहुंचने के लिए नयी पक्की सड़क का निर्माण का काम शाम तक जारी था.

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विपक्षी नेताओं की महाबैठक में शामिल होने को लेकर पटना पहुंची पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात करने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद सर्किट हाऊस पहुंचे. दोनों नेताओं में करीब पंद्रह मिनट बातचीत हुई, फिर नीतीश कुमार वापस लौट आये. मुख्यमंत्री देर शाम भाकपा माले के कदमकुआं स्थित राज्य कार्यालय जाकर दीपंकर भट्टाचार्य से मुलाकात की.

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तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि लालू प्रसाद स्वस्थ दिख रहे हैं. उनको देख कर मैं खुश हूं. वे तगड़े (स्वस्थ ) दिख रहे हैं. वे भाजपा के खिलाफ अभी भी लड़ सकते हैं. पटना में दस सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी आवास पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मिलने के बाद उन्होंने यह बात कही .

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शुक्रवार को होने वाली विपक्षी दलों की प्रस्तावित बैठक में भाग लेने आयीं तृणमूल नेता ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि लालू प्रसाद से मेरे संबंध हमेशा से मधुर रहे हैं. उन्होंने लोकसभा का एक रोचक किस्सा सुनाते हुए कहा कि मैं और लालू प्रसाद दोनों सांसद थे. जब वे सदन में आलू और प्याज की महंगाई पर भाषण दे रहे थे. वस्तुओं के भाव गिना रहे थे.

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उस समय मैंने पूछा था कि ‘राबड़ी जी’ का क्या भाव है, तो उन्होंने कहा था कि ‘सबसे महंगा’ है. तृणमूल नेता बनर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बिहार में आकर मुझे अच्छा लगता है. मैं बिहार की जनता को धन्यवाद देती हूं. मुझे बिहार में मधुबनी पसंद है. नालंदा पसंद है. यहां की मिठाई पसंद है. लालू प्रसाद की मैं बहुत इज्ज्त करती हूं.

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उन्होंने कहा कि वे देश के बड़े व वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें बहुत दिन जेल में रखा गया. वे अस्पताल में रहे. उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन अब वे स्वस्थ हैं. ममता बनर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम सभी लोग चुनाव एकजुट होकर लड़ेंगे. उन्होंने दो टूक कहा कि शुक्रवार की मीटिंग में जो भी बात होगी, वह सबके लिए होगी. इसके लिए कल तक का इंतजार करना होगा.

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ममता बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर लालू प्रसाद और उनके परिवार से मुलाकात की. सबसे पहले वे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को गुलदस्ता भेंट कर मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने लालू प्रसाद के पैर छूए. इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को शॉल भेंट कर सम्मानित किया. लालू प्रसाद के परिवार ने उनकी आत्मीय मेजबानी की. गर्मजोशी से स्वागत किया ममता बनर्जी के साथ उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी भी पटना आये हैं.

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को पटना में आयोजित विपक्षी दलों की बैठक को लेकर कहा है कि विपक्ष को साझा कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ना होगा. यह बैठक किसी चेहरे के चुनाव को लेकर आयोजित नहीं की गयी है. उन्होंने दावा किया कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर 2024 का लोकसभा चुनाव साथ लड़ेंगे, तो भाजपा 100 से भी कम सीटों पर सिमट कर रह जायेगी. बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा-विरोधी मोर्चे की रूपरेखा तैयार करने के लिए विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की शुक्रवार को अहम बैठक आयोजित की गयी है.

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उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित करने का मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है. यह जरूरी है कि विपक्षी पार्टियां जल्द एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करें और इसके आधार पर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्षी एकता का मुख्य स्तंभ है. विपक्ष की बैठक में राजनीतिक दलों के बीच छोटे-मोटे मतभेदों को दूर कर लिया जायेगा. उनका कहना था कि सभी नेता साथ बैठेंगे तो सौहार्दपूर्ण परिणाम निकलेगा. उन्होंने कहा कि 2004 में डाॅ मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं थे और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद के चेहरे के बिना एक गठबंधन के साथ भाजपा को हराया था और डाॅ सिंह 10 साल तक प्रधानमंत्री पद पर रहे.

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा ने कहा है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार बेटी सांसद सुप्रिया सुले एवं पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल के साथ पटना पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो ने हर कठिन परिस्थितियों में देश को एक नयी दिशा दी है. आज भी देश में लोकतंत्र बचाने का संकट है. ऐसे में विपक्ष के सबसे वरिष्ठ नेता के रूप में शरद पवार लोकतंत्र बचाने और विपक्षी एकता की एकजुटता में सहयोग करने के लिए पटना आ रहे हैं. बिहार प्रदेश अध्यक्ष राणा रणवीर सिंह ने कहा कि विपक्षी एकता की बैठक के बाद शरद पवार पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी के बिहार प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक में प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे.

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जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने विपक्षी एकता की बैठक के बारे में गुरुवार को कहा है कि प्रसन्नता के साथ यह पूरे प्रदेश के लिए यह गौरव का भी विषय है. पटना में विपक्षी दलों की महाबैठक को लेकर बिहार की जनता में खासा उत्साह है. 23 जून की बैठक में जो निर्णय लिये जायेंगे उसका तो ऐतिहासिक महत्व तो होगा ही, लेकिन उससे पहले अपने आप में यही बड़ी उपलब्धि है कि देश के प्रमुख विपक्षी दल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर बिहार में एकजुट हो रहे हैं. जिस विपक्षी एकता को भाजपा वाले असंभव बता रहे थे, वो अब साकार होता दिख रहा है. 12 जून की बैठक कुछ आकस्मिक कारणों से स्थगित की गयी थी, तब कुछ लोगों ने विपक्षी दलों की एकता पर ही प्रश्नचिह्न लगाना शुरू कर दिया था मगर आज वही लोग घबराहट और बेचैनी में हैं.

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श्री कुशवाहा ने कहा कि इस बैठक के बाद भाजपा की नींद पूरी तरह उड़ने वाली है. उसकी तानाशाही के दिन अब पूरे हो चुके हैं. लिहाजा ये लोग विपक्षी दलों की बैठक से डरे हुए हैं. केंद्र की भाजपा सरकार ने संविधान और लोकतंत्र की बहुत धज्जियां उन्होंने उड़ा लीं. महंगाई और बेरोजगारी से देश बहुत बेहाल हो लिया. अब देश में परिवर्तन का सूरज बहुत करीब दिख रहा है. प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इतिहास को टटोलने पर मालूम पड़ता है कि बिहार ने अब तक कई बड़े राजनीतिक परिवर्तनों की नींव रखी है. भाजपा से देश को बचाने के लिए 23 जून की बैठक में एक बार फिर वैसी ही नींव रखी जाने वाली है. उसके बाद भाजपामुक्त भारत का अभियान और तेज हो जायेगा.

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विपक्षी एकता को लेकर शुक्रवार को एक अणे मार्ग में बैठक होगी. बैठक में शामिल होने के लिए नेताओं के आगमन को लेकर वीआइपी इलाके में आम लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी. जानकारों के अनुसार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं के सुबह 11:30 बजे आने की संभावना है. इस वजह से जू गेट नंबर दो, एक अणे मार्ग, राज भवन, सर्कुलर रोड की तरफ आम लोगों के आने-जाने पर रोक रहेगी. सचिवालय से लेकर जू गेट नंबर दो के आसपास, राजभवन से बेली रोड जानेवाली सड़क के आसपास पुख्ता इंतजाम रहेंगे.

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बैठक के दिन इस इलाके में आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा. इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गयी है. आधिकारिक सूत्र ने बताया कि इस इलाके में जानेवाले बगैर पहचान पत्र के नहीं जा सकते हैं. पहचान पत्र नहीं होने पर लोगों को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. पटना में होनेवाली बैठक को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये है. इसलिए विधि व्यवस्था को लेकर लगभग सौ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बल लगाये गये हैं. वहीं, गुरुवार को भी पुराना सचिवालय, लोहिया पथ चक्र से राजभवन तरफ, एयरपोर्ट से जू के गेट नंबर 2 तरफ जाने के रास्ते को बंद कर दिया गया था.

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विपक्षी दलों की महाबैठक के संबंध में राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य एवं बिहार जदयू के पूर्व अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि परिवर्तन की भूमि कहा जाने वाला बिहार एक बार फिर एक बड़ी राजनीतिक क्रांति का सूत्रपात करने जा रहा है. श्री सिंह ने कहा कि विपक्ष के बड़े और प्रभावशाली नेताओं का पटना में एक साथ उद्देश्यपूर्ण जुटान अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और बिहार के लिए गौरव की बात है और इसका एकमात्र श्रेय नीतीश कुमार को जाता है. यह नीतीश कुमार की विश्वसनीयता और उनके समावेशी व्यक्तित्व का भी परिचायक है.

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बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि यह चुनावी सत्य है कि भारत की बहुसंख्यक लगभग 63 पर्सेंट आबादी मोदी सरकार के विरोध में है. यह आबादी किसी मजबूत विकल्प के लिए व्याकुल है. दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी के झूठे चुनावी वादे और आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर सरकार की ऐतिहासिक विफलता से लोग त्रस्त हैं. ऊपर से देश में संविधान और संघीय मूल्यों की जिस तरह धज्जियां उड़ाई जा रहीं, उससे पूरा देश आंदोलित और क्षुब्ध है. देश की आम जनता को इस दुरवस्था से मुक्ति दिलाने और लोगों को एक मजबूत प्रगतिशील विकल्प देने का जो बीड़ा नीतीश कुमार ने उठाया है वह इतिहास में लिखा जायेगा.

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राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री वही बनेगा, जिसके पीछे सर्वानुमति होगी. राजद प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार में विपक्षी दलों का संयोजक बनने की योग्यता है, लेकिन सब की सहमति से आगे कार्य किये जायेंगे. फिलहाल सभी विपक्षी दल भाजपा को हटाने के लिए एकमत हैं. 23 जून को पटना में आयोजित होने जा रही 18 विपक्षी दलों की बैठक से एक दिन पहले एक सवाल के जवाब में राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि भाजपा के खिलाफ एक विपक्षी दलों की तरफ से एक प्रत्याशी उतारा जा सकता है,लेकिन यह पहले से तय नहीं हो सकता है.

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उन्होंने कहा कि बिहार के निमंत्रण पर सभी आ रहे हैं. इस तरह बिहार की धरती एक बार फिर परिवर्तन की भूमि बनने जा रही है. श्री सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद कभी निष्क्रिय नहींं रहे. उन्हें जेल में डाल कर निष्क्रिय करने की कोशिश की गयी थी. उन्होंने लालू प्रसाद को गांधी और जेपी की की कड़ी का व्यक्ति बताया. कहा कि वे खतरे में पड़ी आजादी के मूल्यों को बचाने के लिए लालू प्रसाद ने बड़ी मेहनत की है.उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ही हैं, जिन्होंने देवगौड़ा और गुजराल को प्रधानमंत्री बनाया. लालू प्रसाद ने हमेशा विपक्ष को सहयोग किया है. उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ सभी एकजुट हो रहे हैं. उन्मादी राजनीति करने वालों ने संविधान को खतरे में डाल दिया है. संविधान और राष्ट्र के प्रतीकों को खत्म किया जा रहा है.

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