बिहार में निकोटिन मिले पान मसाला और गुटखा पर एक साल के लिए बढ़ाया गया प्रतिबंध

Updated at : 18 Sep 2020 5:26 PM (IST)
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बिहार में निकोटिन मिले पान मसाला और गुटखा पर एक साल के लिए बढ़ाया गया प्रतिबंध

पटना: बिहार में गुटखा और निकोटिन युक्त पान मसाला की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग पर बैन को बढ़ा दिया गया है. राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त ने एक आदेश जारी करते हुए प्रतिबंध को अगले एक साल के लिए बढ़ा दिया है. बड़ी बात यह है कि फूड सेफ्टी एक्ट 2011 के रेगुलेशन (2.3.4) के तहत किसी भी खाद्य पदार्थ में निकोटिन की मिलावट प्रतिबंधित है. राज्य में पहले ही निकोटिन युक्त पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध था. जिसे अगले आदेश तक के लिए एक साल के आगे बढ़ा दिया गया है.

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पटना: बिहार में गुटखा और निकोटिन युक्त पान मसाला की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग पर बैन को बढ़ा दिया गया है. राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त ने एक आदेश जारी करते हुए प्रतिबंध को अगले एक साल के लिए बढ़ा दिया है. बड़ी बात यह है कि फूड सेफ्टी एक्ट 2011 के रेगुलेशन (2.3.4) के तहत किसी भी खाद्य पदार्थ में निकोटिन की मिलावट प्रतिबंधित है. राज्य में पहले ही निकोटिन युक्त पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध था. जिसे अगले आदेश तक के लिए एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है.

फूड सेफ्टी एक्ट 2011 के तहत फैसला

राज्य खाद्य संरक्षा आयुक्त के आदेश में फूड सेफ्टी एक्ट 2011 के रेगुलेशन का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ में निकोटिन की मिलावट प्रतिबंधित है. सर्वोच्च न्यायालय ने 2013 में ही सभी राज्य सरकारों को निकोटिन युक्त पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध का निर्देश दिया था. इसी आदेश को ध्यान में रखते हुए राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त हर साल प्रतिबंध लगाते रहे हैं. पुराने आदेश का समय पूरा होने के बाद फिर से गुटखा और निकोटिन युक्त पान मसाला पर एक साल के लिए लगे प्रतिबंध को अगले एक साल तक के लिए बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है.

पान मसाला, गुटखा से बीमारी का खतरा

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि बिहार की करीब 2 करोड़ की आबादी पान मसाला, गुटखा, जर्दा, खैनी का सेवन करती है. कोरोना वायरस संकट को देखते हुए यह राज्य के लिए काफी बड़ी मुश्किल बन सकती है. दरअसल, संक्रमण वाले रोग के कीटाणु थूकने से फैलते हैं. इसके कारण कई गंभीर बीमारी जैसे कोरोना, टीबी, इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है. राज्य खाद्य संरक्षा आयुक्त के आदेश में लोगों के स्वस्थ जीवन को प्राथमिकता देने की बात की गई है. इसको देखते हुए राज्य में गुटखा और निकोटिन युक्त पान मसाला पर प्रतिबंध को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है.

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