बिहार : 2030 तक सरकारी स्कूलों नहीं बचेगा कोई स्थायी शिक्षक, रोजाना 10 शिक्षक हो रहे हैं रिटायर

Updated at : 21 Jul 2022 8:05 AM (IST)
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बिहार : 2030 तक सरकारी स्कूलों नहीं बचेगा कोई स्थायी शिक्षक, रोजाना 10 शिक्षक हो रहे हैं रिटायर

प्रदेश में जिला संवर्ग के औसतन 10 शिक्षक रोजाना रिटायर हो रहे हैं. पिछले दो सालों 31 मार्च, 2020 से 31 मार्च, 2022 तक में सात हजार से अधिक शिक्षक रिटायर हो चुके हैं. अगर शिक्षकों के रिटायर करने की दर ऐसी ही रही, तो वर्ष 2030 के पहले तक सभी सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षक रिटायर हो जायेंगे.

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राजदेव पांडेय. पटना. प्रदेश में जिला संवर्ग के औसतन 10 शिक्षक रोजाना रिटायर हो रहे हैं. पिछले दो सालों 31 मार्च, 2020 से 31 मार्च, 2022 तक में सात हजार से अधिक शिक्षक रिटायर हो चुके हैं. अगर शिक्षकों के रिटायर करने की दर ऐसी ही रही, तो वर्ष 2030 के पहले तक सभी सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षक रिटायर हो जायेंगे. अपर प्राइमरी, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में तो जिला संवर्ग के शिक्षक अगले चार-पांच साल में ही सेवा मुक्त हो जायेंगे.

मात्र 89 हजार स्थायी शिक्षक ही बचे

जानकारी के मुताबिक प्राइमरी, अपर प्राइमरी, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी कक्षाओं में मात्र 89 हजार स्थायी शिक्षक ही रह गये हैं. यह सभी अगले 10 साल के पहले रिटायर हो जायेंगे. ऐसे में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी नियोजित शिक्षकों के कंधे पर आ जायेगी. सूत्रों के मुताबिक जिला संवर्ग के सभी पद मरणशील घोषित किये जा चुके हैं. इन पदों पर इस संवर्ग के सभी पदों पर दोबारा नियुक्तियां नहीं होंगी.

प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर रहा विभाग 

इन शिक्षकों के अवकाश प्राप्त करने के बाद उन शिक्षकों के हाथों में कक्षाओं की कमान होगी, जो बिना टीइटी परीक्षा या बीपीएससी परीक्षा दिये सीधे नियुक्त किये गये हैं. हालांकि विभाग इनकी कुशलता बढ़ाने के लिए तमाम प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर रहा है. मालूम हो कि वर्ष 2012 में टीइटी से शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हई. इसके बाद अब भी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है. हालांकि ये सभी जिला संवर्ग के नहीं हैं. यह सभी शिक्षक नियोजित श्रेणी के है.

जिला संवर्ग के शिक्षकों के 11,151 पद ही बचे

हायर सेकेंडरी कक्षाओं में जिला संवर्ग के शिक्षकों के स्वीकृत पद 35,443 हैं. इनमें से 11,151 पद ही बचे हैं. अपर प्राइमरीवर्ग के 53,438 स्वीकृत पद में से केवल 1398 और माध्यमिक में स्वीकृत 45,243 में से केवल 23,763 शिक्षक अभी पढ़ा रहे हैं. जिला संवर्ग के अभी सबसे ज्यादा शिक्षक प्राइमरी के हैं. 1,28,553 स्वीकृत पदों में से अभी 52,390 शिक्षक पढ़ारहे हैं. इस तरह जिला संवर्ग के कुल स्वीकृत 2.62 लाख पदों में से 1.73 लाख से अधिक रिटायर हो चुके हैं. इस दिशा में अहम तथ्य यह है कि हाल ही में नव सृजित प्रधान अध्यापक के स्थान पर ”प्रधान शिक्षक ” की नियुक्तियां जिला संवर्ग में की जा रही हैं.

यह है स्थिति

कक्षा स्वीकृत पद कार्यरत

  • हायर सेकेंडरी 35,443 11,151

  • अपर प्राइमरी 53,438 1398

  • माध्यमिक 45,243 23,763

  • प्राइमरी 1,28,553 52,390

कुल 2.62 लाख 88,702

अंतिम बार 1999 में हुई थी स्थायी नियुक्ति

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 1994 और 1999 में जिला संवर्ग के शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति हुई थी. इसके अलावा इसी अवधि के दरम्यान अनुकंपा परजिला संवर्ग के शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. रिटायरमेंट के समय जिला संवर्ग के इन शिक्षकों का ग्रेड पे गजिस्ट्रेट अफसरों की प्रारंभिक ग्रेड पे की भांति हो गया था.

प्रधान शिक्षक और हेड मास्टर रह जायेंगे नियमित

राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किये जाने वाले करीब चालीस हजारप्रधान शिक्षक और हेड मास्टर ही नियमित शिक्षक के रूप में रह जायेंगे. प्राथमिक स्कूलों के लिए इनकी नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा की जा रही है.

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