घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को किया जागरूक, आर्थिक आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
महिलाओं को जागरूक करती वन स्टॉप की महिलाएं
Nawada News : घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को किया जागरूक, आर्थिक आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
Nawada News : महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत शनिवार को जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन एवं सखी वन स्टॉप सेंटर की ओर से संजीविनी जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, मातुक बिगहा में सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों, घरेलू हिंसा से बचाव और आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया.
घरेलू हिंसा के विभिन्न स्वरूपों की दी जानकारी
कार्यक्रम में लैंगिक विशेषज्ञ मयंक प्रियदर्शी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा केवल मारपीट तक सीमित नहीं है. शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, मौखिक और आर्थिक प्रताड़ना भी इसके दायरे में आती है. उन्होंने महिलाओं से हिंसा की स्थिति में चुप नहीं रहने और समय पर सहायता लेने की अपील की.
बचत और डिजिटल लेन-देन को लेकर किया जागरूक
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमन कुमार ने महिलाओं को आय-व्यय का हिसाब रखने, बचत, बैंकिंग, ऋण, बीमा और डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक किया. उन्होंने महिलाओं को वित्तीय मामलों में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि ओटीपी, एटीएम पिन और यूपीआई पिन समेत किसी भी गोपनीय जानकारी को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए.
सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की दी जानकारी
केस वर्कर दीपा चौधरी ने सखी वन स्टॉप सेंटर की ओर से उपलब्ध करायी जाने वाली सहायता सेवाओं और महिला हेल्पलाइन 181 के बारे में जानकारी दी. उन्होंने महिलाओं से किसी भी तरह की हिंसा या परेशानी की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ लेने की अपील की.
शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बताया सशक्तीकरण का आधार
लैंगिक विशेषज्ञ पंकज कुमार ने शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और अधिकारों की जानकारी को महिला सशक्तीकरण का आधार बताया. उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की बात कही.
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की विभिन्न जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान किया गया. उन्हें महिला एवं बाल विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की जानकारी देते हुए पात्रता के अनुसार उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना रहा.
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