अहिल्याबाइ होल्कर ने राष्ट्र रक्षा व परोपकार को बनाया था अपना धर्म

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अहिल्याबाइ होल्कर ने राष्ट्र रक्षा व परोपकार को बनाया था अपना धर्म

लोकमाता अहिल्याबाइ होल्कर की मनायी गयी जयंती

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नवादा कार्यालय. जिला वरीय नागरिक संघ नवादा कार्यालय में डॉ सुबोध कुमार की अध्यक्षता में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनायी गयी. डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि अहिल्याबाई कम उम्र में विधवा होने पर भी होल्कर राजवंश संभाली. कुशल प्रशासन और न्याय प्रियता की देवी थीं. परोपकार उनका धर्म था. उनके शासन काल में अनेकों मंदिर बनवाये गये. वरीय नागरिक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गया विष्णुपद मंदिर एवं काशी विश्वनाथ मंदिर उन्हीं की देन हैं. वे एक धर्म परायण महिला थीं. कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि महिला मान सम्मान को जिस प्रकार से 300 वर्ष पहले इन्होंने स्थापित किया हुआ, आज भी मिसाल है. इनके द्वारा चलायी गयी शासन व्यवस्था आज के समय में भी अनुकरणीय है. रोजगार सृजन से लेकर आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए महिला, गरीब और जरूरतमंद की आवश्यकता पूर्ति के उनके प्रयोग काफी बेहतर रहे. उक्त अवसर पर रामस्नेही सिंह, अवध किशोर प्रसाद, सिंह प्यारेलाल, प्रमोद कुमार, दामोदर सिंह, अर्जुन प्रसाद यादव, सृष्टि कुमारी, मोना कुमारी व अन्य वरीय नागरिक शामिल थे. सभी उपस्थित वरीय नागरिकों ने उन्हें नमन कर श्रद्धासुमन अर्पित किया.

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