नवादा: सिम अपग्रेडेशन के नाम पर शिक्षक से 2.59 लाख की ठगी, रिश्तेदारों से भी मांग रहे पैसे

Author Ashutosh kumar|Edited by Vikash Jha
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साइबर थाना, नवादा, फाइल फोटो।

साइबर थाना, नवादा, फाइल फोटो।

नवादा में सिम अपग्रेडेशन और मोबाइल पोर्टिंग के नाम पर साइबर ठगों ने एक शिक्षक को निशाना बनाया है. ठगों ने शिक्षक के दो बैंक खातों से 2.59 लाख रुपये पार कर दिए और उनका व्हाट्सएप भी हैक कर लिया.

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Nawada News: नवादा जिले में सिम अपग्रेडेशन और मोबाइल नंबर पोर्टिंग के नाम पर शातिर साइबर अपराधियों ने एक बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है. अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से एक स्थानीय शिक्षक के दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंधमारी करते हुए 2.59 लाख रुपये की भारी रकम पार कर दी है. इस हाई-टेक चोरी से पूरे इलाके के वेतनभोगी कर्मचारियों और शिक्षकों में भारी हड़कंप मच गया है.

व्हाट्सएप हैक कर मांगी रकम

नवादा के इस गंभीर मामले में शातिर ठगों ने न सिर्फ शिक्षक के दोनों खाते पूरी तरह साफ किए, बल्कि उनके डिजिटल अस्तित्व पर भी कब्जा जमा लिया है. अपराधियों ने पीड़ित का पर्सनल व्हाट्सएप अकाउंट पूरी तरह हैक कर लिया है. ठग अब उनके करीबियों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों को लगातार मैसेज भेजकर तथा ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए अवैध क्यूआर कोड भेजकर पैसों की मांग कर रहे हैं.

साइबर थाने में मामला दर्ज

नवादा जिले के नवनिर्मित विशेष साइबर थाने में इस सनसनीखेज धोखाधड़ी को लेकर एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस को दिए गए आवेदन में पीड़ित ने अपनी पूरी आपबीती बताई है. मूल रूप से पड़ोसी जिले गया के वजीरगंज निवासी पीड़ित शिक्षक मुकेश कुमार वर्तमान में नवादा के भदोखरा उच्च माध्यमिक विद्यालय में गरिमामयी पद पर पदस्थापित हैं.

अचानक गायब हुआ मोबाइल नेटवर्क

नवादा के शिक्षक के साथ हुई इस घटना की शुरुआत बीते 29 अप्रैल की आधी रात को हुई जब उनके मोबाइल का नेटवर्क अचानक पूरी तरह गायब हो गया. पीड़ित ने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा और कई दिनों तक इंतजार किया. इसके बाद जब वे आगामी 5 मई को भगत सिंह चौक स्थित मोबाइल कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर पहुंचे, तो वहां सच जानकर उनके होश उड़ गए.

चोरी छिपे कराया सिम पोर्ट

नवादा के सर्विस सेंटर के कर्मियों ने जांच के बाद पीड़ित शिक्षक को बताया कि उनका चालू मोबाइल नंबर किसी अज्ञात व्यक्ति ने गुपचुप तरीके से नकली दस्तावेजों के सहारे दूसरी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट करवा लिया है. सिम का पूरा कंट्रोल और ओटीपी (OTP) का एक्सेस अपने हाथ में लेते ही अपराधियों ने नंबर से लिंक दो बड़े राष्ट्रीयकृत बैंकों में डिजिटल सेंधमारी कर दी.

एक ही रात में दो खाते साफ

नवादा पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार ठगों ने पीड़ित के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते से 1,06,414 रुपये की अवैध निकासी की. इसके तुरंत बाद अपराधियों ने उनके एचडीएफसी बैंक (एचडीएफसी) के खाते में सेंध लगाकर 1,53,374 रुपये उड़ा लिए. पीड़ित को इस भारी ठगी का अहसास तब हुआ जब वे 6 मई को बैंक से पैसे निकालने शाखा पहुंचे थे.

सब-इंस्पेक्टर को सौंपी कमान

नवादा जिला पुलिस महकमे में इस हाई-टेक धोखाधड़ी के बाद हड़कंप मचा हुआ है. राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद नवादा साइबर थाने में कांड दर्ज किया गया है. वरीय पुलिस अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तेजतर्रार सब-इंस्पेक्टर अक्षय कुमार गुप्ता को इस जटिल केस के वैज्ञानिक अनुसंधान की पूरी कमान सौंपी है.

डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही पुलिस

नवादा साइबर सेल की विशेष पुलिस टीम वर्तमान में अपराधियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स, आईपी एड्रेस और सिम पोर्टिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों को गहराई से खंगाल रही है. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मोबाइल नंबर के जिस नए सिम कार्ड पर ओटीपी मंगाया गया था, उसकी लोकेशन और बैंक ट्रांसफर के रूट के जरिए जल्द ही अपराधियों को दबोच लिया जाएगा.

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