आरटीइ के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेना होगा मुश्किल, 419 में से केवल 208 स्कूलों ने अपना ऑनलाइन इंटेक फॉर्म भरा स्कूल संचालकों ने कहा- शिक्षा विभाग के कर्मियों व अधिकारियों की मनमानी से सरकार से निर्धारित अनुदान नहीं मिलता
419 में से आधे से भी कम निजी विद्यालयों ने भरी इंटेक डिटेल, गरीब बच्चों के दाखिले पर संकटप्रतिनिधि, नवादा कार्यालय शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा देना अनिवार्य है. इसी के तहत बिहार शिक्षा परियोजना से प्रस्वीकृत जिले के सभी 419 निजी विद्यालयों में पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों का नामांकन अनिवार्य है. इसके लिए ज्ञानदीप पोर्टल पर दो जनवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गयी है. हालांकि जिले के अधिकांश निजी विद्यालयों ने विभागीय निर्देश के अनुसार अपने यहां उपलब्ध रिक्त सीटों की जानकारी अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं की है. इसका सीधा असर आवेदन करने वाले अभिभावकों और बच्चों पर पड़ रहा है. पोर्टल पर निजी स्कूलों में सीटों की जानकारी उपलब्ध नहीं होने से अभिभावक यह नहीं जान पा रहे हैं कि किस विद्यालय में कितनी सीटें खाली हैं.अधूरी रह सकती है सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाई का अवसर देने की सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जिले में अधूरी रह सकती है. विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक आधे से भी कम निजी विद्यालय संचालकों ने विभागीय निर्देशों का अनुपालन किया है. प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से आरटीइ के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि शिक्षा विभाग के कर्मियों और अधिकारियों की मनमानी के कारण स्कूल संचालकों को नहीं मिल पा रही है. इसी कारण विरोध स्वरूप इस वर्ष आरटीइ के तहत नामांकन नहीं लेने की घोषणा की गयी है. उन्होंने कहा कि यदि पुराने बकायों का भुगतान नहीं किया गया तो निजी विद्यालय आरटीइ के तहत एडमिशन नहीं लेंगे.इसका खामियाजा सीधे तौर पर स्थानीय अभिभावकों और बच्चों को भुगतना पड़ सकता है.31 जनवरी तक होगा ऑनलाइन आवेदन
सरकारी घोषणा के अनुसार आरटीइ के तहत नामांकन के लिए ज्ञानदीप पोर्टल पर 31 जनवरी तक आवेदन किया जा सकता है. विभागीय जानकारी के अनुसार तीन जनवरी से 2 फरवरी तक सभी प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की जांच की जायेगी. जांच के बाद छह फरवरी को ऑनलाइन विद्यालय आवंटन किया जायेगा. चयनित छात्रों का नामांकन सात से 21 फरवरी तक संबंधित विद्यालयों में होगा.अब तक की स्थिति
जिले में कुल 419 निजी विद्यालयों में से अब तक केवल 208 विद्यालयों ने ही इंटेक डिटेल ऑनलाइन भरी है. अब तक 156 बच्चों ने आवेदन किया है.अधिक से अधिक बच्चों के आवेदन सुनिश्चित कराने के लिए जीविका और आंगनबाड़ी से सहयोग लिया जा रहा है. शिक्षा विभाग की इस योजना के तहत सत्र 2026-27 के लिए सभी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का नामांकन लिया जायेगा. छठी कक्षा में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है. एससी-एसटी वर्ग के लिए वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम और सामान्य वर्ग के लिए दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के बच्चों को आवेदन का अवसर मिलेगा. दो अप्रैल 2018 से 1 अप्रैल 2020 के बीच जन्मे बच्चे आवेदन के पात्र हैं. आवेदन के समय जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य है.क्या कहती हैं अधिकारी
आरटीई के तहत नामांकन की प्रक्रिया सभी विद्यालयों में नियमानुसार पूरी करनी है. निजी विद्यालयों को पोर्टल पर अपने यहां की सीटों की संख्या अपलोड करने के लिए निर्देश दिया गया है. यदि किसी प्रकार की समस्या है तो उसे दूर किया जायेगा.वर्षा, डीपीओ, समग्र शिक्षा अभियान
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