हैचरी फार्म से लापता मजदूर की मौत का सनसनीखेज खुलासा आरोपितों ने साक्ष्य मिटाने के लिए पत्थर के नीचे दबाया था शव मध्य प्रदेश के लापता मजदूर का 11वां दिन मिला शव, आरोपित गिरफ्तार जनवरों के शिकार करने के लिए बिछाया था हाइटेंशन तार, जिसकी चपेट में आया मजदूर फोटो कैप्शन- गिरफ्तार अभियुक्त के साथ एसडीपीओ व पुलिस बल प्रतिनिधि, रजौली रजौली अनुमंडल अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र के जयपुर गांव स्थित एक हैचरी फार्म से बीते 31 दिसंबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता मध्य प्रदेश के मजदूर सत्यराज साकेत के मामले का पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है. इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब फार्म के मालिक पंकज कुमार वर्मा ने थाली थाने में आवेदन देकर बताया था कि 31 दिसंबर की रात मजदूरों के बीच आपसी विवाद और हाथापाई हुई थी. इसके बाद तीन मजदूर फार्म से भाग निकले थे. इनमें से दो मजदूर तो वापस लौट आये, लेकिन सत्यराज साकेत का कोई पता नहीं चला. पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार के निर्देश पर रजौली अंचल निरीक्षक के नेतृत्व में गठित एसआइटी ने तकनीकी अनुसंधान किया, तो यह साधारण गुमशुदगी के बजाय एक दर्दनाक हादसे और साक्ष्य छिपाने की बड़ी साजिश निकली. एसडीपीओ ने घटना के बाद शव बरामदगी पर प्रेसवार्ता कर जानकारी दी. बताया कि पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि अकबरपुर थाना क्षेत्र के छपरा निवासी विक्रम कुमार और उसके साथियों ने जंगली जानवरों के शिकार के लिए जंगल के समीप 11,000 वोल्ट की हाइटेंशन लाइन से अवैध टोका लगाकर नंगा तार फैलाया था और इसी हाइ वोल्टेज करेंट की चपेट में आने से मजदूर सत्यराज साकेत की मौके पर ही मौत हो गयी थी. कानूनी कार्रवाई के डर से आरोपितों ने शव को प्लास्टिक में बांधकर कड़री डोम क्षेत्र स्थित पहाड़ी ट्रेंच में पत्थरों के नीचे दबा दिया था. पुलिस कर रही छापेमारी पुलिस ने मुख्य आरोपित 19 वर्षीय विक्रम कुमार को गिरफ्तार किया, तो उसकी निशानदेही पर राजपुर जंगल से मजदूर का शव बरामद कर लिया है. वर्तमान में पुलिस फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए थाली थानाध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में लगातार छापेमारी कर रही है.
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