नवादा के इंटर विद्यालय आंती में साइबर सुरक्षा और बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

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जागरूकता अभियान में शामिल बच्चे

Nawada News : नवादा के इंटर विद्यालय आंती में साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. छात्रों को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई.

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Nawada News : कादिरगंज थाना के निर्देशन में इंटर विद्यालय आंती में विधिक पालक युवा जन-जागरूकता अभियान के तहत साइबर सुरक्षा एवं उसके खतरों और प्रेम प्रसंग के नाम पर बाल तस्करी जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग और डिजिटल गोपनीयता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. कादिरगंज थाना प्रभारी अवध किशोर ने शिक्षकों से कहा कि थाने में साइबर अपराध से संबंधित कई शिकायतें आ रही हैं. ऐसे में साइबर अपराध से बचाव को लेकर जन-जागरूकता की शुरुआत विद्यालयों के बच्चों से होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान आवश्यक सावधानी बरत सकें.

गुड टच-बैड टच और पॉक्सो एक्ट की दी जानकारी

शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम निषेध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा बच्चों के विधिक अधिकारों की जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी असामान्य या संदिग्ध स्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की अपील की.

प्रेम प्रसंग के नाम पर बाल तस्करी से बचने की अपील

अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बताया कि जिले के कई विद्यालयों से छात्राओं के लापता होने से संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने प्रेम प्रसंग के नाम पर होने वाली बाल तस्करी के खतरे से विद्यार्थियों को सावधान रहने की अपील की. वक्ताओं ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सूझबूझ से काम लेना चाहिए.

पासवर्ड और ओटीपी साझा नहीं करने की दी सलाह

विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी अथवा संदिग्ध लिंक साझा नहीं करें. सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने को कहा गया. साइबर ठगी या किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई.

हेल्पलाइन नंबरों की भी दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान आपातकालीन सेवा के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई. विद्यार्थियों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है.

डिजिटल युग में कानूनी अधिकारों की जानकारी जरूरी

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रबोध कुमार पांडे ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों को साइबर सुरक्षा और अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से बच्चों को साइबर अपराध तथा अन्य जोखिमों से सुरक्षित रखा जा सकता है.

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