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हिंदी के संवर्धन और प्रसार की जिम्मेदारी नयी पीढ़ी की है : मो फैयाज

Updated at : 22 Sep 2025 6:44 PM (IST)
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हिंदी के संवर्धन और प्रसार की जिम्मेदारी नयी पीढ़ी की है : मो फैयाज

NAWADA NEWS.जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डायट में हिंदी पखवारा समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ. समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर की गयी.

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डायट में हिंदी पखवारा समारोह का आयोजन

हिंदी पखवारा समारोह से ज्ञान और साहित्य की अलौकिक आभा का हुआ संचार

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डायट में हिंदी पखवारा समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ. समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर की गयी. इसके साथ ही वातावरण में ज्ञान और साहित्य की अलौकिक आभा का संचार हुआ. संस्थान परिसर में उपस्थित छात्र-छात्राओं व व्याख्याताओं ने हिंदी भाषा के महत्व और गौरव को आत्मसात किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य मो फैयाज आलम ने की. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और यह देश की आत्मा की अभिव्यक्ति करती है. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हिंदी के संवर्धन और प्रसार की जिम्मेदारी नयी पीढ़ी की है. हिंदी केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता का सूत्र है.कार्यक्रम का संयोजन डॉ नीतिश रंजन ने किया. उन्होंने हिंदी पखवारे की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी भाषा हमें आत्मीयता, सादगी और अपनत्व का भाव प्रदान करती है. साहित्य, पत्रकारिता, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्र में भी हिंदी ने अपनी मजबूत पहचान बनायी है.

साहित्यिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन :

हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विविध साहित्यिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इनमें निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, क्विज, रोल प्ले, पोस्टर निर्माण एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता प्रमुख रूप से शामिल रहीं. इन प्रतियोगिताओं में संस्थान के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने हिंदी के महत्व और राष्ट्रीय एकता में इसकी भूमिका विषय पर विचार प्रस्तुत किये. कविता रचना प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को साहित्यिक रंग से सराबोर कर दिया. व्याख्याता राकेश कुमार ने कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल साहित्य तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में भी आवश्यक है. प्रीति सिन्हा व कनीय अभियंता पंचम जॉर्ज की सक्रिय भागीदारी रही. आयोजनकर्ता ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को साहित्य, संस्कृति और मातृभाषा से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं. हिंदी भाषा की समृद्धि में हर व्यक्ति का योगदान आवश्यक है और इसी से हमारी पहचान सुरक्षित रह सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VISHAL KUMAR

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