शिक्षा जगत ने दी अश्विनी कुमार को श्रद्धांजलि, विजनरी सोच और योगदान को किया याद

Author Manoj|Edited by Yuvraj Ratan
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अश्विनी बाबू के अग्रगामी सोच ने शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति को बढावा दिया : आरपी साहू

श्रद्धांजलि सभा में शामिल लोग

Nawada News : नवादा में द दीक्षा स्कूल के संचालक स्वर्गीय अश्विनी कुमार को शिक्षा जगत ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उनके दूरदर्शी सोच और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को विशेष रूप से याद किया गया.

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Nawada News : द दीक्षा स्कूल के संचालक स्वर्गीय अश्विनी कुमार के निधन पर सोमवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एजुकेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने उनके व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल की नवीन नगर शाखा में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर.पी. साहू ने की, जबकि संचालन संगठन के सचिव प्रमोद सिन्हा ने किया.

आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया जोर

वक्ताओं ने कहा कि अश्विनी कुमार की अग्रगामी सोच ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की. उन्होंने अंग्रेजी माध्यम की आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, गौ सेवा, अनुशासन, नैतिकता और संस्कार जैसे मूल्यों के विकास पर भी विशेष बल दिया. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना भी था.

शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति

कार्यक्रम में अरविंद सिंह, प्रमोद कुमार, रामचंद्र सोनी, मुकेश कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, चंद्रशेखर कुमार नौसे तथा अश्विनी कुमार के छोटे भाई बॉबी जी सहित कई लोगों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए. वक्ताओं ने कहा कि नवादा ने शिक्षा जगत का एक दूरदर्शी और समर्पित शिक्षाविद खो दिया है. उनकी कमी निकट भविष्य में पूरी कर पाना आसान नहीं होगा.

विजनरी सोच को किया याद

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि अश्विनी कुमार की विजनरी सोच के कारण उनके विद्यालय में कई ऐसे नवाचार शुरू किए गए, जिन्हें आज भी कई शिक्षण संस्थान पूरी तरह लागू नहीं कर सके हैं. सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.

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