नवादा: शिक्षा क्षेत्र में अग्रगामी सोच के लिए हमेशा याद रहेंगे अश्विनी बाबू, संचालकों ने दी श्रद्धांजलि

Author Vishal kumar|Edited by Vikash Jha
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श्रद्धांजलि सभा में शामिल विभिन्न जिला भर के स्कूलों के संचालक | Prabhat Khabar Network

श्रद्धांजलि सभा में शामिल विभिन्न जिला भर के स्कूलों के संचालक | Prabhat Khabar Network

नवादा के प्रतिष्ठित 'द दीक्षा स्कूल' के संस्थापक अश्विनी बाबू के असामयिक निधन पर जिले के सभी निजी स्कूल संचालकों ने एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और प्रगतिशील सोच को याद कर सभी ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी.

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Nawada News: नवादा के प्रतिष्ठित 'द दीक्षा स्कूल' के संस्थापक अश्विनी बाबू के असामयिक निधन पर जिले के समस्त अशासकीय (निजी) विद्यालय संचालकों द्वारा एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. बुधौल बस स्टैंड के समीप स्थित ब्राइट कैरियर अकादमी स्कूल में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिले भर के विभिन्न नामचीन शिक्षण संस्थानों के संचालक, शिक्षाविद और शिक्षक मुख्य रूप से शामिल हुए. सभी ने उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया.

अश्विनी बाबू की सोच ने दी शिक्षा को नई दिशा

ब्राइट कैरियर अकादमी संस्थान के संयोजक अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित स्कूल संचालकों ने द दीक्षा के संस्थापक अश्विनी बाबू के व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति उनके कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की. मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डॉ. अनुज सिंह, जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल ग्रुप के डॉ. आर. पी. साहू तथा ब्राइट कैरियर के कार्यानंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अश्विनी बाबू की अग्रगामी (प्रोग्रेसिव) सोच ने नवादा में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति को बढ़ावा दिया था.

संस्कार और प्रकृति का अनूठा समन्वय

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि अश्विनी बाबू ने केवल किताबी ज्ञान तक विद्यार्थियों को सीमित नहीं रखा, बल्कि अंग्रेजी माध्यम से आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण प्रेम, गौ सेवा, कड़ा अनुशासन और नैतिक संस्कार जैसे मानवीय गुणों से भी विद्यार्थियों को ज्ञान की दीक्षा दी. उन्होंने नवादा में अंग्रेजी शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रकृति और आधुनिक शिक्षा का एक अद्भुत व अनूठा समन्वय स्थापित किया था, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा.

जिले भर के पचास से अधिक संचालक रहे मौजूद

श्रद्धांजलि सभा के दौरान विभिन्न स्कूलों के संचालकों ने स्वर्गीय अश्विनी बाबू के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. इस सभा की मेजबानी कार्यानंद शर्मा ने की. इस दुखद मौके पर मुख्य रूप से अरविंद कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, वारसलीगंज से विवेकानंद स्कूल के राजू जी, सेंट जॉन्स स्कूल के विपिन सिंह, सिरदला से बी. पी. मंडल, हिसुआ से राजीव कुमार, विक्रम कुमार, नरहट से उषा जी के अलावा द दीक्षा स्कूल से अश्विनी बाबू के छोटे भाई बॉबी जी सहित जिले के 50 से अधिक निजी स्कूलों के संचालकों ने उपस्थित होकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं.


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