प्रतिनिधि, नवादा कार्यालयअवैध बालू खनन को लेकर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाये गये छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस व खनन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. इस दौरान एक जेसीबी मशीन, अवैध बालू लदे तीन ट्रैक्टर और तीन ट्रैक्टर की डाला जब्त किये गये हैं. वहीं मौके से एक विधि विरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य शातिर धंधेबाज फरार हो गये. जानकारी के अनुसार कादिरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गुप्त सूचना के आधार पर खनन विभाग व स्थानीय पुलिस के सहयोग से सकरी नदी के जमुआवां इलाके में छापेमारी की गयी. इस दौरान अवैध बालू खनन कर परिवहन कर रहे दो ट्रैक्टरों को घेराबंदी कर रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन ट्रैक्टर चालक तेज रफ्तार में वाहन लेकर भागने लगे. खनन टीम का पीछा होता देख चालक व धंधेबाज ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गये. मौके से पुलिस ने दोनों ट्रैक्टरों को जब्त कर थाने में खड़ा कराया. इधर, नारदीगंज थाना क्षेत्र में खनन विभाग के सहयोग से पंचाने नदी के कुझा गांव स्थित अवैध बालू खनन स्थल पर छापेमारी की गयी. कार्रवाई के दौरान एक अवैध बालू लदा ट्रैक्टर व तीन ट्रैक्टर का डाला जब्त किया गया. घेराबंदी होता देख सभी धंधेबाज ट्रैक्टर का इंजन लेकर फरार हो गये.वहीं वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के सकरी नदी स्थित दरियापुर इलाके से अवैध बालू खनन में प्रयुक्त एक जेसीबी मशीन को जब्त किया गया. इस दौरान पुलिस ने एक विधि विरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य धंधेबाज फरार हो गये.
अवैध बालू खनन पर रोक लगाना पुलिस और खनन विभाग दोनों के लिए चुनौती
इस संबंध में खनन निरीक्षक संतोष प्रकाश झा ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है. सूचना मिलने पर खनन पदाधिकारी प्रत्यय अमन के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित कर संबंधित क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है. अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के आरोप में जब्त वाहनों व उनके मालिकों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.उन्होंने बताया कि सभी जब्त ट्रैक्टरों पर अवैध खनन संशोधित अधिनियम के तहत प्रति ट्रैक्टर 1.05 लाख रुपये की दर से जुर्माना लगाया गया है, जिससे कुल जुर्माना राशि छह लाख रुपये से अधिक हो गया है. वहीं वारिसलीगंज थाना क्षेत्र से जब्त जेसीबी मशीन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. गौरतलब है कि जिले की विभिन्न नदियों से लगातार हो रहे अवैध बालू खनन के कारण बालू घाटों की बंदोबस्ती लेने से संवेदक हाथ खड़े कर रहे हैं. अवैध बालू खनन पर रोक लगाना पुलिस और खनन विभाग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. इसके चलते खनन विभाग को लगातार राजस्व क्षति भी उठानी पड़ रही है.
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