नहीं हुए जरूरी काम
Updated at : 01 Mar 2017 8:48 AM (IST)
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10 सूत्री मांगों को लेकर किया प्रदर्शन जिले के 128 बैंकों के कर्मचारियों ने किया आंदोलन सरकार की भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ हुआ धरना-प्रदर्शन नवादा नगर : 10 सूत्री मांगों के समर्थन में सभी बैंकों में ताले लटके रहे तथा कर्मचारियों ने सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया. ग्रामीण एवं सामान्य बैंकों […]
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10 सूत्री मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
जिले के 128 बैंकों के कर्मचारियों ने किया आंदोलन
सरकार की भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ हुआ धरना-प्रदर्शन
नवादा नगर : 10 सूत्री मांगों के समर्थन में सभी बैंकों में ताले लटके रहे तथा कर्मचारियों ने सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया. ग्रामीण एवं सामान्य बैंकों की पेंशन दर में भारी असमानता, लेवर लॉ में किये गये परिवर्तन आदि के खिलाफ मंगलवार को बैंकों में पूर्व से घोषित हड़ताल के तहत सभी बैंकों में काम-काज ठप रहा. जिले में संचालित बैंकों में तालाबंदी करके कर्मचारियों ने बैंक परिसर के आगे नारे भी लगाये. यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल में कामकाज ठप कर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भारत सरकार की दोरंगी नीति के कारण बैंक के कर्मचारी खास कर ग्रामीण बैंककर्मी त्रस्त एवं आंदोलनरत हैं.
सरकार के साथ हुए समझौतों को अब तक पूर्णत: लागू नहीं किया गया है. नयी श्रम नीति का हम पूर्णत: विरोध करते हैं. एटीएम से पैसे निकालने गये लोगों को भी निराशा हाथ लगी़ एटीएम, तो खुले रहे, लेकिन पैसे निकासी के तमाम प्रोसेस होने के बाद भी उसमें से रुपये नहीं निकले. कइयों ने बताया कि उनके मोबाइल पर पैसे िनकासी से संबंधित मैसेज भी आ गये हैं. शहर के तमाम एटीएम पर लोग पैसे के लिए दौड़ लगाते रहे.
सरकार के िखलाफ हुई नारेबाजी
संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, गोपाल कृष्ण, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह आदि के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया़ संघ के अधिकारियों ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों को बढ़ावा देकर कर्मचारियों को उपेक्षित रखे हुए है. बड़े बकायेदारों से वसूली नहीं हो पा रही है, जबकि छोटे बकायेदारों को परेशान किया जा रहा है.
पार्ट टाइम वर्कर, जो डेली वेजेज पर काम करनेवाले हैं, उन्हे रेगुलर करने के बजाय प्रबंधन उन्हें हटाने पर अमादा है. हड़ताल के बाद भी यदि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला, तो आगे बड़े आंदोलन करने को बाध्य होंगे. हड़ताल को सफल बनाने में एसपी सिंह, विनोद कुमार सिंह, गोपाल कृष्ण झा, प्रमोद प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कुमार, हेमंत, विकास, मोहम्मद इरफान, पंकज धीर, संजय कुमार आदि लगे रहे़
काम रुके, व्यवसाय पर पड़ा प्रभाव
पिछले दो दिनों की बंदी के बाद सोमवार को बैंक खुला, लेकिन मंगलवार को हड़ताल के कारण बैंक फिर से बंद हो गया. बैंक हड़ताल के कारण आम लोग परेशान रहे. लगन का मौसम होने के कारण लोग रुपये निकालने के लिए परेशान दिखे. जरूरी काम होने के बाद भी लोग रुपये को जमा निकासी नहीं कर सके. एटीएम ने भी सुबह के बाद रुपये देना बंद कर दिया. बैंक में रुपये निकालने पहुंचे गोंदापुर निवासी सुरेश प्रसाद ने कहा कि घर में शादी है, रुपये निकालने के लिए बैंक आये हैं, लेकिन बैंक ही बंद है़ ऐसे में काम को अब कल ही किया जा सकेगा. कुछ इसी प्रकार की समस्या सरिता देवी ने बतायी़ बैंक कर्मियों की हड़ताल का असर व्यापारियों पर भी पड़ा़
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