नौ कर्मचारियों की बदौलत दौड़ती हैं 25 बसें
Updated at : 22 Feb 2017 6:45 AM (IST)
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अनदेखी. सरकारी उदासीनता का दंश झेल रहा पथ निगम, भवन व बस पार्किंग बदहाल चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के भरोसे टिका है निगम का काम नवादा कार्यालय : अखंड बिहार में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों के परिचालन में मुगलसराय जंकशन के नाम से प्रसिद्ध नवादा बस डिपो आज बदहाली का आंसू रो रहा है. […]
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अनदेखी. सरकारी उदासीनता का दंश झेल रहा पथ निगम, भवन व बस पार्किंग बदहाल
चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के भरोसे टिका है निगम का काम
नवादा कार्यालय : अखंड बिहार में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों के परिचालन में मुगलसराय जंकशन के नाम से प्रसिद्ध नवादा बस डिपो आज बदहाली का आंसू रो रहा है. राज्य के हरेक हिस्से में परिवहन की सुविधा देनेवाला बस अड्डा आज वीरान नजर आता है. दिन के प्रत्येक घंटे में खुलने वाली बसों की संख्या कुछेक वाहनों तक सीमित हो गयी हैं. सरकारी उदासीनता का दंश झेल रहा निगम दो दिन पहले तक मात्र पांच बसों का परिचालन कर रहा था. फिलहाल मात्र नौ कर्मचारियों के भरोसे लगभग 25 बसों का परिचालन हो रहा है. पानी, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था जैसे बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझते बस डिपो की पड़ताल करती प्रभात खबर की रिपोर्ट
राज्य के हर कोने से पहुंचती थीं बसें नवादा के अनुमंडल रहने के दौरान ही सन 1959 में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के नवादा प्रतिष्ठान का उद्घाटन हुआ था. सन 1976 के आते-आते डिपो देशभर में अपने परिचालन के लिए खास तौर पर जाना जाता था. नवादा प्रतिष्ठान से 46 मार्गों पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध करायी जाती थी. 24 घंटे गाड़ियों का तांता लगा रहता था. कटिहार, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, टाटा, रांची, बोकारो जैसे स्थानों के लिए रात्रि बसें भी चलती थीं. आधी रात तक लोग प्रतिष्ठान के प्रतीक्षालय में बसों का इंतजार करते थे. लेकिन, आज उपेक्षित पड़े प्रतिष्ठान के भवन बदहाल हो चुके हैं. बसों के लिए बना शेडिंग ढहने के कगार पर हैं. निगम की चहारदीवारी कई जगह से टूटी है. पूरा परिसर जंगली झाड़ियों व पेड़ पौधों से भरा पड़ा है. देर रात तक यात्रियों से गुलजार रहनेवाला प्रतिष्ठान आज शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता हैं. प्रतिष्ठान के सुनहले दिन आज इतिहास में सिमट कर रह गये हैं.
वर्कशॉप, डीजल पंप सहित टायर हाउस बढ़ाते थे प्रतिष्ठान की शोभा
नवादा प्रतिष्ठान से खुलनेवाली बसों के अलावे अन्य प्रतिष्ठानों से आयी बसों में आयी खराबी के लिए वर्कशॉप काम करता था. इसके लिए वेल्डिंग प्लांट, टायर हाउस सहित मरम्मत वर्कशॉप था. बसों की मरम्मत व गड़बड़ी को ठीक करने के लिए मिस्त्री व सहायक होते थे. लेकिन बीतते समय के साथ यह भी बंद हो गया. निगम की चलनेवाली बसों के लिए डीजल की व्यवस्था भी प्रतिष्ठान से की जाती थी. इसके लिए पंप हुआ करता था. लेकिन 2013 से बसों को मिलनेवाला डीजल भी अब बंद हो गया हैं. निगम की बसें अब निजी पेट्रोल पंपों से तेल लेती हैं.
24 घंटे रहता था गुलजार 24 घंटे गुलजार रहनेवाला निगम का प्रतिष्ठान बिजली की चकाचौंध से दमकता रहता था. आज बिजली विभाग ने डिपो की बिजली आपूर्ति बंद रखी है. लगभग चार लाख 50 हजार बकाया रकम के भुगतान नहीं होने पर डिपो की बिजली बंद कर दी गयी. प्रतिष्ठान के अधीक्षक कामाख्या नारायण शर्मा ने बताया कि बिजली विभाग से मध्यस्थता करके आपूर्ति की अपील की गयी. बावजूद विभाग जनता से जुड़ी समस्या को सुलझाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा हैं. इससे देर रात प्रतिष्ठान में पहुंचनेवाली बसों के यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ती है.
कर्मचारियों की किल्लत से जूझ रहा निगम नवादा प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारी धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं. इससे यात्रियों को टिकट उपलब्ध करानेवाले चार-चार काउंटर बंद पड़े रहते हैं. निगम के कार्यों के निबटाने के लिए चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों से प्रधान सहायक का काम लिया जाता है. नयी बहाली के अभाव में निगम में कर्मचारियों की जबरदस्त कमी हैं. पिछले साल यहां 16 कर्मचारी कार्यरत थे. अब मात्र नौ कर्मचारी काम कर रहे हैं. 28 फरवरी को भी विभाग के दो कर्मचारी की सेवानिवृत्ति मिल रही हैं. ऐसे में मात्र सात कर्मचारियों के भरोसे लगभग 25 बसों का परिचालन मुश्किलों से भरा होगा. निगम को लगभग 50 कर्मचारियों की आवश्यकता है. सरकारी उपेक्षा के कारण जैसे-तैसे काम को निबटाया जाता हैं.
बिजली के अभाव में अंधेरे में डूबा रहता है बस डिपो
प्रतिष्ठान में उपलब्ध संसाधनों से पब्लिक को सुविधा पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. बसों के चालकों व कंडक्टर को दैनिक वेतन पर रख कर बसें चलायी जा रही हैं. आनेवाले समय में निगम से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी.
कामाख्या नारायण शर्मा, प्रतिष्ठान अधीक्षक
सरकार बिहार राज्य पथ परिवहन निगम को फिर से सवांरने में जुटी हैं. इसके तहत सभी प्रमंडलों में प्रतिष्ठानों से नयी बसें सेवा देने के लिए चलवायी जा रही हैं. आज नवादा प्रतिष्ठान को छह नयी बसें विभिन्न मार्गों पर चलने के लिए उपलब्ध करायी गयी है. आनेवाले समय में यात्री सुविधा में भी बढ़ोतरी की जायेगी.
उल्लास कुमार दत्त, प्रमंडलीय प्रबंधक, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम
निजी बसों को भी अनुबंध पर चला रहा है निगम
नवादा प्रतिष्ठान से सिर्फ पांच बसें पटना के लिए उपलब्ध थी. इनमें पांच पटना, दो मुंगेर व एक जमुई से पटना के लिए सेवा देती है. सात अनुबंधित निजी बसें पटना के लिए सेवा देती है. जबकि गया के लिए एक, कौआकोल के लिए एक, गोविंदपुर के लिए दो व जमुई के लिए एक बस भी चलनी शुरू हुई है.
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