बिजली नहीं रहने पर अंधेरा कायम
Updated at : 12 Dec 2016 8:33 AM (IST)
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वारिसलीगंज : केजी रेलखंड के अति व्यस्त वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का टोटा है. न तो यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था है. बिजली नहीं रहने पर रेलवे स्टेशन परिसर में अंधेरा पसर जाता है. रात के समय स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की सुरक्षा […]
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वारिसलीगंज : केजी रेलखंड के अति व्यस्त वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का टोटा है. न तो यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था है.
बिजली नहीं रहने पर रेलवे स्टेशन परिसर में अंधेरा पसर जाता है. रात के समय स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है. स्टेशन के प्लेटफाॅर्म एक पर बना शौचालय में गंद्गी के कारण कोई यात्री जाना पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में ट्रेन का इंतजार करनेवाले यात्रियों खास कर महिलाओं को खुले में शौच जाने की विवशता होती है.
इंधन के अभाव में बंद रहता है जेनेरेटर: उचित मात्रा में इंधन की आपूर्ति विभाग से नहीं मिलता है, जो रूपये मिलते हैं उससे पैनल रूम का जेनेरेटर चलाने में ही परेशानी की बात अधिकारी बताते हैं. फलत: बिजली के भरोसे स्टेशन पर रोशनी की व्यवस्था टीकी रहती है. कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. कोहरे भरी रात में अगर कोई ट्रेन स्टेशन पर रूकती है, तो यात्री को मोबाइल की रोशनी में रास्ता ढुंढना पड़ता है. घने कुहासे के कारण रेलवे स्टेशन पर दिन में भी रात की तरह अंधेरा छाया रहता है.
ट्रेन का इंतजार करते यात्रियों को बैठने के लिए प्लेटफाॅर्म पर पर्याप्त कुरसी नहीं है. हालांकि, दोनों प्लेटफाॅर्म पर शेड बना हुआ है. इसमें बनी कुरसी भीड़ के समय कम पड़ती है. ठंड के इस मौसम में यात्री खुले में नीचे जमीन पर बैठ कर ट्रेन का इंतजार करते देखे जाते हैं.
बदतर है सफाई व्यवस्था : केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद देशभर में जो स्वच्छता अभियान की आवाज बुलंद हुई, उसका तनिक भी असर वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन पर नहीं दिखता है. स्टेशन परिसर पर बिखरी पड़ी गंदगी, पैनल रूम के आगे पसरा कचरा व प्लेटफाॅर्म पर बना शौचालय को देखने से सफाई व्यवस्था की कलाई खुल जायेगी.
हां, जब भी रेल के वरीय अधिकारियों के स्टेशन पर आने की सूचना होती है तब स्टेशन की सफाई व्यवस्था चकाचक कर दी जाती है. शौचालयों की सफाई व कीटरोधी दवा का छिड़काव कराया जाता है. कुल मिला कर वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन से राजस्व प्राप्ति की अपेक्षा यात्री सुविधा काफी कमजोर है. प्लेटफाॅर्म पर न तो प्राप्त कुरसियां उपलब्ध हैं और न ही बैठने के लिए अपेक्षित शेड है. शौचालय ऐसा है, जिसमें जाने पर उल्टी होना तय है.
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