गंदे तालाब में कैसे होगा अर्घ

Updated at : 10 Nov 2015 6:50 PM (IST)
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गंदे तालाब में कैसे होगा अर्घ

गंदे तालाब में कैसे होगा अर्घ सफाई के नाम पर हर बार होती है खानापूर्तिफोटो-7प्रतिनिधि, पकरीबरावां छठ जब भी आता है मुख्यालय के लोग यह सोचने को विवश हो जाते हैं कि कैसे अर्घ दिया जायेगा. गौरतलब है कि प्रखंड मुख्यालय स्थित बड़ी तालाब मोहल्ले के समीप एक मात्र तालाब है, जो असुविधाओं की दंश […]

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गंदे तालाब में कैसे होगा अर्घ सफाई के नाम पर हर बार होती है खानापूर्तिफोटो-7प्रतिनिधि, पकरीबरावां छठ जब भी आता है मुख्यालय के लोग यह सोचने को विवश हो जाते हैं कि कैसे अर्घ दिया जायेगा. गौरतलब है कि प्रखंड मुख्यालय स्थित बड़ी तालाब मोहल्ले के समीप एक मात्र तालाब है, जो असुविधाओं की दंश झेल रहा है. उक्त तालाब में ही मोहल्ले के लोग अपना नाली बहाते हैं, जिससे तालाब का जल अस्वच्छ हो गया है. उक्त पानी में स्नान करने से चर्म संबंधी कई प्रकार की बीमारी होने के होने के आसार हैं. तालाब के एक छोर के आधे भाग पर घाट का निर्माण किया गया है, जहां अधिक से अधिक लोग अर्ध देना चाहते हैं. घाट का निर्माण नहीं कराये जाने से प्रत्येक वर्ष कई प्रकार की समस्याओं का सामना छठ व्रतियों के अलावा श्रद्धालुओं को करना पड़ता है. घाट निर्माण से लेकर तालाब की सफाई का जिम्मा लेने के लिए न तो विकास का दंभ भरने वाले यह अधिकारी सामने आते दिखाई पड़ते हैं और न ही समाज के बीच बड़ी-बड़ी बाते करने वाले समाजसेवी. घाट की सफाई का जिम्मा कई वर्षों से उठा रहे बाल विकास क्लब के सदस्यों नें बताया कि सिर्फ गांव के लोगों के सहयोग से तालाव की सफाई नहीं की जा सकती इसके लिये प्रशासन से लेकर मुख्यालय के लोगों के सहयोग की आवश्यक्ता है. गौरतलब है कि विगत वर्ष तालाब की इस हालात को देखते हुए कुछ समाजसेवियों व बीडीओ नौशाद आलम सिद्दीकी ने आपसी सहयोग से तालाब की सफाई का जिम्मा उठाया था. छठ आते ही तत्कालीन बीडीओ नौशाद आलम सिद्दीकी की याद लोगों के लिये एक बार फिर ताजा हो गयी है. पिछले वर्ष घाट सफाई के लिए श्री सिद्दीकी ने अपने निजी मद से 10 हजार रुपये नकद देकर एक उदाहरण पेश किया था.क्या कहते हैं ग्रामीण कई बार डीएम से लेकर सांसद तक को घाट निर्माण व इसकी सफाई के लिए लिखा गया है. निर्माण कार्य से लेकर सफाई शून्य है. पानी के गंदा होने के कारण छठ वर्ती तालाव में प्रवेश करना अपनी मजबूरी समझते हैं. समाजसेवी ईश्वरी सावतालाब की सफाई व घाट का निर्माण होना अती आवश्यक है. इसके लिए विभागीय पहल के साथ साथ समाजसेवियों को आगे आने की जरूरत है. – अंंजूम खानइस तालाब की सफाई के साथ आलाअधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ठ करने का कई बार प्रयास किया गया. परंतु, प्रशासनिक पहल नहीं किये जानें से स्थिति जस की तस बनी है. – विभूति कुमार गुप्ता

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