चिकत्सिकों की कमी का दंश झेल रहा अनुमंडल अस्पताल

Updated at : 01 Nov 2015 7:02 PM (IST)
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चिकत्सिकों की कमी का दंश झेल रहा अनुमंडल अस्पताल

चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा अनुमंडल अस्पताल 75 बेड वाला अस्पताल में अब आने से भी कतराते हैं मरीज फोटो-1 प्रतिनिधि, रजौली चिकित्सकों की कमी का असर अनुमंडल अस्पताल में साफ देखने को मिल रहा है. खासकर, महिला चिकित्सक की तैनाती जरूरी हो गयी है. पिछले एक दशक से भी अधिक समय से […]

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चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा अनुमंडल अस्पताल 75 बेड वाला अस्पताल में अब आने से भी कतराते हैं मरीज फोटो-1 प्रतिनिधि, रजौली चिकित्सकों की कमी का असर अनुमंडल अस्पताल में साफ देखने को मिल रहा है. खासकर, महिला चिकित्सक की तैनाती जरूरी हो गयी है. पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चिकित्सकों की कमी का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. संसाधन के अभाव में भी कई सुविधाओं से यहां के लोग आज भी वंचित हैं. गरीब लोगों के पास इतना पैसे नहीं हैं कि अपना इलाज अच्छे व प्राइवेट अस्पताल में करा सकें. उनके बच्चे अच्छे अस्पताल में जन्म ले सके. नवजात बच्चे की स्थिति खराब हो तो उसे अच्छे इलाज के लिए बाहर ले जाया जा सके.अनुमंडल अस्पताल के चालू होने से यहां के लोगों के लिए यह संजीवनी बन सकता है. यहां जांच की सुविधा, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं है. मरीजों को अस्पताल में होनेवाली परेशानी पर वे कहां जाये कोई सलाह तक देने वाला नहीं है. करोड़ों रुपये की लागत से बने 75 बेड का अनुमंडल अस्पताल में अब मरीज आने से भी कतराते हैं. बताया जाता है करोड़ों रुपये की लागत से बना अनुमंडलीय अस्पताल का अबतक विधिवत शुभारंभ नहीं किया गया है. इसके कारण डॉक्टरों के खाली पद भरे नहीं जा सके हैं. डॉक्टरों के अलावा अन्य कर्मियों का भी यहां घोर अभाव है.

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