कैदी भी बनेंगे शिक्षित

Published at :24 Oct 2013 3:58 AM (IST)
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कैदी भी बनेंगे शिक्षित

– सूरज कुमार – – 170 पुरुष कैदियों के निबंधन का लक्ष्य – महिला कैदियों में भी शिक्षित होने का जज्बा – जेल में बंद 12 महिला कैदी देंगी महापरीक्षा – रविवार को होगी महापरीक्षा नवादा : जेल में रह रहे कैदियों को शिक्षित होने का मौका पहले भी मिलते रहा है, लेकिन शिक्षा ग्रहण […]

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– सूरज कुमार –

170 पुरुष कैदियों के निबंधन का लक्ष्य

– महिला कैदियों में भी शिक्षित होने का जज्बा

– जेल में बंद 12 महिला कैदी देंगी महापरीक्षा

– रविवार को होगी महापरीक्षा

नवादा : जेल में रह रहे कैदियों को शिक्षित होने का मौका पहले भी मिलते रहा है, लेकिन शिक्षा ग्रहण करने के बाद उनको किसी प्रकार का शैक्षणिक प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था. इस बार बिहार सरकार प्रेरणा कार्यक्रम के तहत जेल में बंद कैदियों की साक्षरता महापरीक्षा आयोजित करने जा रही है, जिसमें उत्तीर्ण होने पर उन्हें योग्यता के आधार पर शैक्षणिक प्रमाणपत्र दिया जायेगा.

बिहार मुक्त विद्यालय शिक्षण संस्थान द्वारा यह कार्यक्रम प्रायोजित है. साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन 27 अक्तूबर को होना है. इसके लिए बुधवार को मंडल कारा में रजिस्ट्रेशन के लिए निबंधन फॉर्म का वितरण किया गया, जिसे भर कर गुरुवार को सभी कैदी देंगे. नवादा मंडल कारा में दो सौ निबंधन फॉर्म जेलर के माध्यम से कैदियों को दिया गया है. इसमें पुरुषों के लिए कम से कम 170 फॉर्म भरने का लक्ष्य है. 12 महिला कैदियों द्वारा महा परीक्षा के लिए फॉर्म भरा जा रहा है.

ये कैदी लेंगे हिस्सा

जो कैदी मैट्रिक की परीक्षा देने वाले हैं, उन्हें इसमें भाग नहीं लेना है. नन मैट्रिक वाले हर वर्ग के कैदी इस परीक्षा में भाग लेंगे. इतना ही नहीं, जिसके पास किसी प्रकार का शैक्षणिक प्रमाणपत्र नहीं है. वह भी इसमें भाग ले सकेंगे. बिहार सरकार द्वारा निर्गत प्रश्न पत्र के आधार पर शैक्षणिक योग्यता का मूल्यांकन किया जायेगा.

इसमें जिस वर्ग के लायक जो कैदी रहेंगे उनको उसी वर्ग का प्रमाण पत्र दिया जायेगा. फिलवक्त मंडल कारा में 12 कैदी मैट्रिक परीक्षा देने वाले हैं, जो इस महा परीक्षा में भाग नहीं लेंगे.

कर रहे परीक्षा की तैयारी

जेल में बंद शिक्षित कैदियों द्वारा अशिक्षित नन मैट्रिक कैदियों को साक्षरता अभियान के तहत शिक्षित किया जा रहा है. इसके लिए जेल में पठनपाठन का सामग्री दी गयी है. इसके आधार पर कैदी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं. पूर्व में साक्षरता मिशन के तहत भी जेल के कैदियों को पढ़ाने का काम किया जाता रहा है. इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद कैदी आगे का पढ़ाई भी कर सकते हैं. सजा के बाद जेल से छूट कर नौकरी के लिए भी आवेदन दाखिल कर सकते हैं.

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