आठ दुकानों में हुइ चोरी

आठ दुकानों में हुइ चोरीकाशीचक. हफ्ते भर अपहरण की चर्चा से दो चार होते बाजारवासियों को अपराधियों कि कारगुजारीयों का शिकार होना पड़ा शुक्रवार की रात स्टेशन रोड व बीच बजार स्थित आठ मिठाई दुकानों व होटल में चोरो ने हाथ साफ किया वह भी तब जबकी दिनेश प्रसाद के अगवा पुत्र धिरज की तलाष […]
आठ दुकानों में हुइ चोरीकाशीचक. हफ्ते भर अपहरण की चर्चा से दो चार होते बाजारवासियों को अपराधियों कि कारगुजारीयों का शिकार होना पड़ा शुक्रवार की रात स्टेशन रोड व बीच बजार स्थित आठ मिठाई दुकानों व होटल में चोरो ने हाथ साफ किया वह भी तब जबकी दिनेश प्रसाद के अगवा पुत्र धिरज की तलाष में स्थानीय प्रषासन सक्रिय दिख रही है. चोरो के शिकार बने दुकानदारों से कहीं ज्यादा आम जनों को घटना का मलाल है. दषक भर पूर्व अपराध के कारण सुर्खियों में रहने वाला उक्त प्रखंड हालिया दिनों में चैन का सांस ले रहा था. मगर पहले अपहरण फिर सिल-सिलेवार चोरी कि घटना लोगों के दिलो दिमाग में पुराने दिनो कि याद ताजा कर गया बताया जाता है कि स्टेशन रोड स्थित मुशन चाय दुकान पंकज मिठाई दुकान मेन चौक स्थित राजेश मिठाई दुकान, कारू हलवाई, शकर प्रसाद, गैनु होटल, नवल होटल, में चोरो ने कहीं नगद व कहीं बर्तनों पर भी हाथ मारा वंही षंकर प्रसाद के घर से 900 सौ नगद एवं नाती के जन्मदिन पर आए 15 जोड़े चांदी का कंगन समेंत सोने के बाली व मंगल सुत्र कुल मिला लगभग 40 हजार का सामान उड़ाने में चोरों को कामयाबी मिली सबांद प्रेषन तक मामले कि प्रथमिकी दर्ज नही कि जासकी थी. लेकिन शंकर प्रसाद द्वारा चोरी के मामले का ज्ञापन दिया जा चुका है. थाने से महज 100 गज की दुरी पर हुई चोरी पुलीष गस्ती की पोल खोलती नजर आ रही है.अपहृत धीरज का नही मिला सुरागकाशीचकविगत शनिवार को चाय दुकानदार दिनेश प्रसाद का पुत्र धीरज के अपहरण का एक हपता गुजर जाने के बावजुद पुलिस मंजील से कोषों दुर नजर आ रही है. ऐसे में चर्चा का बाजार गर्म है, वही आहत परिजनो का पुलिस प्रषासन से विषवास उठता जा रहा है वहीं अपहृत धीरज के परिजनों भगवान के दरवार में मनंत व मनौतियों में तल्लिन हैं. आप जनों कि षक्रियता से बाजार वासियों का विश्वास हासिल कर 9 सितम्बर को हुइ बाजार बंद के पश्चात सक्रिय हुइ पुलिस के हाथ अपहरण कर्तायों के गरदन तक नही पहुॅच सके हैं, वहीं दिनेष प्रसाद कि र्दुदशा देख कर बाजार वासी धीरज की सकुषल वापसी के लिए धरना व प्रर्दषन का विचार बना रहें है. अपहृत के पिता का बयानआहत दिनेश प्रसाद ने बताया 5 सितम्बंर 4:30 बजे दुकान से घर जाने क्रम में धीरज का अपहरण किया गया और 6 सितम्बर लगभग 1:30 अज्ञात फोन न0 7274889787 से किसी अज्ञात लोगों ने कहा आप दिनेष जी हैं आपका बच्चा मेरे पास है अगर इसकी सुचना पुलिस को दिया तो अंजाम बुरा होगा. इतने में दिनेष प्रसाद थाने में इसकी सुचना दि व अज्ञात लोगों के उपर एफआइआर किया 7,8,9 सितंबर तक अपहृताओं द्वारा 8 लाख से 3 लाख तक डिमांड किया जाता रहा हैरत अंगेज कि बात तो यह है कि अपहृत के पिता दिनेश प्रसाद जहॉ भी जाते या उनके घर में जो व्यक्ति पहुॅचतें इसकी सुचना अपहृताओं को तुंरत मिल जाती है. वह घंटे दो घंटे में दिनेष प्रसाद को अपहृताओं का फोन आ जाता कि तुम अमुक व्यक्ति के पास क्यों गया वह पुलिस में रिपार्ेट क्यों कराई अब तुम्हे दोनो बेटा से हाथ धोना पड़ेगा वहीं 9 सितम्बर के बाद किसी भी तरह का फोन अपहृताओं द्वारा नहीं की गई है.
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