भीषण गर्मी में डॉक्टरों से सलाह लेना जरूरी, साफ पानी व बेहतर आहार सेहत के लिए फायदेमंद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 May 2019 7:44 AM

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नवादा : इन दिनों गर्मी के बेतहाशा प्रकोप से कई प्रकार के रोगों में बढ़ोत्तरी हो गयी है. ऐसे मौसम में मियादी बुखार यानि टाइफायड के मरीजों की भी संख्या में इजाफा हो जाता है. अन्य बुखारों की अपेक्षा मियादी बुखार अधिक गंभीर रोग की श्रेणी में आता है. सही समय पर बेहतर प्रबंधन के […]

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नवादा : इन दिनों गर्मी के बेतहाशा प्रकोप से कई प्रकार के रोगों में बढ़ोत्तरी हो गयी है. ऐसे मौसम में मियादी बुखार यानि टाइफायड के मरीजों की भी संख्या में इजाफा हो जाता है. अन्य बुखारों की अपेक्षा मियादी बुखार अधिक गंभीर रोग की श्रेणी में आता है. सही समय पर बेहतर प्रबंधन के अभाव में इससे जान जाने का भी खतरा बढ़ जाता है.

जीवाणुओं की वृद्धि तेज हो जाती है खाद्य पदार्थों को छह डिग्री सेल्सियस से नीचे या 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रखने पर जीवणुओं के संक्रमण से खाद्य पदार्थों को सुरक्षित किया जा सकता है.
कच्चे फल, मीट, मछली या अन्य कच्चे खाद्य पदार्थों को खाने से दूर रखना चाहिए क्योंकि इनमें जीवाणुओं की संख्या अधिक होती है. खाने के साथ रखने से जीवाणुओं का खाने में संक्रमण फैलने की पूरी संभावना होती है. सभी कच्चे फल ,सब्जी, मीट या मछली को अच्छी तरह साफ पानी में धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए. वर्तमान मौसम में हो रही शरीर पर कुप्रभाव को लेकर सदर अस्पताल के चिकित्सक डाॅ प्रभाकर सिंह ने कई जानकारियां दी.
क्या है मियादी बुखार ? : चिकित्सक बताते हैं कि मियादी बुखार यानी टायफायड फीवर सालमोनेला टायफी नामक बैक्टीरिया से फैलता है. यह बैक्टीरिया सामान्यता दूषित पानी एवं संक्रमित खाद्य पदार्थों में ही पनपते हैं. साथ ही यह बैक्टीरिया पानी में लम्बे समय तक जीवित रहने में समर्थ भी होते हैं.
जिसके कारण दूषित पानी या संक्रमित भोजन सेवन करने से व्यक्ति मियादी बुखार से ग्रसित हो जाते है. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में प्रतिवर्ष 1 से 2 करोड़ लोग मियादी बुखार के शिकार होते हैं, जिनमें लगभग 13 लाख से 16 लाख लोगों को सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो जा रही है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
मियादी बुखार होने का मुख्य कारण दूषित पानी व संक्रमित आहार के सेवन से होता है. साफ पानी व ताजा भोजन का सेवन कर इस रोग से बचा जा सकता है. मियादी बुखार को लक्ष्णों के आधार पर पहचाना जा सकता है. तेज बुखार के साथ दस्त व उल्टी, बदन दर्द, कमजोरी, सिर दर्द, पेट दर्द, भूख न लगना, बच्चों में दस्त की शिकायत एवं बुखार के साथ बड़ो में कब्ज की शिकायत आदि लक्षण मियादी बुखार का प्रमाण हैं.
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए. इलाज के तौर पर ऐसे मरीजों को एंटीबायोटिक की डोज दी जाती है, जिसके बाद मरीज को लगभग दो हफ्तों तक दवा खानी होती है. मरीज घर पर ही रहकर संतुलित व सुपाच्य भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में नारियल का पानी व फलों के जूस सेवन के साथ दवा का सेवन कर सकते है.
डाॅ प्रभाकर सिंह, डॉक्टर, सदर अस्पताल, नवादा
कैसे करें बचाव
दूषित पानी व संक्रमित या बासी भोजन खाने से बचें.
बाहर का खाना खाने से बचें.
ठेले पर बिकनेवाले खाद्य पदार्थों व पेय पदार्थों का सेवन नहीं करें.
फल या सब्जी को हमेशा साफ पानी से धोएं.
बाहर मिलनेवाले बर्फ का इस्तेमाल ना करें.
खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं.
नियमित बुखार के साथ उल्टी या दस्त होने पर डॉक्टर से जरूर मिलें.
बिना चिकित्सकीय सलाह के बुखार की दवा नहीं खाएं.
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