नवादा में छापा मारने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, रेंजर-फारेस्टर व ड्राइवर को बंधक बना पीटा, JCB छीन ले गए

नवादा के रजौली में हरदिया पंचायत के कुंभियातरी गांव के समीप जोरा सिमर व खिड़किया कला के जंगलों में अवैध खनन में संलिप्त जेसीबी मशीन को जब्त कर लौट रहे रेंजर, फोरेस्टर व ड्राइवर को बंधक बनाकर जमकर पिटाई कर दी. इसके बाद जबरन जेसीबी को छुड़ा ले गये.
नवादा के रजौली में हरदिया पंचायत के कुंभियातरी गांव के समीप जोरा सिमर व खिड़किया कला के जंगलों में अवैध खनन में संलिप्त जेसीबी मशीन को जब्त कर लौट रहे रेंजर, फोरेस्टर व ड्राइवर को बंधक बनाकर जमकर पिटाई कर दी. इसके बाद जबरन जेसीबी छीन ले गये. घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ संजीव रंजन वन कार्यालय पहुंचकर घायलों का जायजा लिया. यह घटना बुधवार की बतायी जा रही है.
बुधवार के दिन में जोरासिमर एवं खिड़किया कला के समीप अवैध खनन को लेकर गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए रेंजर मनोज कुमार, फोरेस्टर राजकुमार पासवान एवं चालक नरेश कुमार के अलावा अन्य वनरक्षी बल छापेमारी करने पहुंचे. इस दौरान अवैध खनन में संलिप्त एक जेसीबी को जब्त किया गया. जेसीबी को वन कार्यालय परिसर लाया जा रहा था. इस दौरान देर संध्या को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने वनकर्मियों पर हमला बोल दिया. इस दौरान रेंजर, फोरेस्टर व ड्राइवर को बंधक बना लिया गया. अचानक हुए हमले से वनरक्षी घबरा कर इधर-उधर जान बचाकर भाग निकले. साथ हीं हमलावर ग्ररामीणों ने जब्त जेसीबी मशीन को छुड़ा ले गये.
डीएफओ ने बताया कि सभी ग्रामीण इतने उग्र थे कि वनकर्मियों को जान से मार दो कहकर हल्ला-हंगामा कर रहे थे. डीएफओ ने बताया कि इस मारपीट में रेंजर व फोरेस्टर के पैरों व हाथों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गम्भीर चोटें आयी है. रेंजर व फोरेस्टर की स्थिति काफी गंभीर है. उन्हें कहीं बाहर इलाज के लिए भेजना उचित प्रतीत नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय टीम को वन कार्यालय परिसर में बुलाकर प्राथमिक इलाज कराया गया है. बेहतर इलाज के लिए निजी या सरकारी अस्पताल में भेजने की बात कहीं है. ड्राइवर का सिर फट गया है. इसे अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.अस्पताल में ड्यूटी में रहे चिकित्सक अर्जुन चौधरी ने बताया कि घायल वन विभाग के ड्राइवर नरेश कुमार के रूप में हुई है.
चिकित्सक ने बताया कि घायल ड्राइवर का प्राथमिक इलाज कर जरुरी दवाइयां दी गयी है. डीएफओ ने बताया कि घटना को लेकर वनकर्मियों द्वारा पर्याप्त मात्रा में फोटो व वीडियो बनाया गया है. इससे आरोपियों की पहचान की जा रही है. उन्होंने बताया कि अबतक इस घटना में खनन माफिया विजय सिंह, सोमर सिंह, मुरारी साव व मोहन साव की पहचान की जा चुकी है. सोमर सिंह के द्वारा ग्रामीणों को भड़काकर वनकर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट किया गया व जब्त जेसीबी को छुड़ा लिया गया.
मामले की हो रही छानबीन
डीएफओ ने बताया कि घटना को लेकर छानबीन की जा रही है. आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध पुलिस केस व वन अधिनियम के सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी बताते चलें कि इससे पूर्व भी दर्जनों बार वनकर्मियों व पुलिस बलों से अवैध खनन में जब्त जेसीबी मशीन, माइका लदे ट्रकों आदि को छुड़ाने की घटनाएं घटी है. हालांकि प्रशासनिक दवाब के बाद संलिप्त लोगों में कुछ की गिरफ्तारी भी की हुई थी. फिर मामला ठंडा होने पर खनन माफिया पुनः प्रशासन पर हावी होता हुआ दिखाई देता है.
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