नालंदा में एक नींबू के लिए लाठियों से ताबड़तोड़ हमला, मासूम की मौत

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मासूम की मौत के बाद हंगामा करते परिजन

Nalanda news: नालंदा में एक नीबू के लिए मासूम के सिर पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर मौत की घाट उतार दिया. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया, जिसे नियंत्रित करने के लिए दर्जन भर थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा है।

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Nalanda News: (मुकुल नाथ सिन्हा की रिपोर्ट) नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरावा गांव में एक मामूली नींबू तोड़ने को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक 12 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राजकुमार पासवान के पुत्र के रूप में हुई है, जिसे गांव में लोग प्यार से ‘झगड़ू’ कहकर पुकारते थे। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है.

एक नींबू के लिए कर दी हत्या

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बालक पास ही में कंचे (गोली) खेल रहा था। इसी दौरान पेड़ से एक नींबू (काजी नींबू) नीचे गिरा, जिसे बालक ने उठा लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी गोरख मियां ने बच्चे पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बालक के सिर की हड्डी (ब्रेन) फट गई और उसकी स्थिति नाजुक हो गई। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर इलाज के लिए बिहारशरीफ की ओर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और ग्रामीण इंसाफ की मांग को लेकर उग्र हो गए।

पुलिस पर लग रहा पक्षपाती होने का आरोप

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शी राबड़ी देवी ने बताया कि जब ग्रामीण इस घटना का विरोध करने और आरोपी पक्ष से जवाब मांगने गए, तो मौके पर पहुंची पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने स्थिति संभालने के बजाय महिलाओं और ग्रामीणों पर लाठियां चटकायीं और उनके साथ मारपीट की। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि एक छोटे से नींबू के लिए बच्चे की जान ले ली गई और पुलिस का रवैया भी उनके प्रति दमनकारी रहा।

पुलिस माहौल को शांत कराने में लगी

सकरावा गांव छावनी में तब्दील हो चुका है। भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद माहौल अत्यंत तनावपूर्ण बना हुआ है। सदर डीएसपी नुरुल हक मौके पर कैंप कर रहे हैं और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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