150 चेकडैम बनेंगे
Updated at : 23 Apr 2017 12:39 AM (IST)
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मुहिम. पथरौरा, डुमरावां,नोहसा,एकसारा जगहों पर काम शुरू चेक डैम के प्रति ग्रामीण भी हो गये है जागरूक बिहारशरीफ : जिले में चेक डैम बनाये जाने की डिमांड बढती जा रही है. प्रोजेक्ट जलसंचय के दूसरे चरण पर काम शुरू हो गया है. ग्रामीणों स्वयं चेक डैम का प्रपोजल लेकर कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया है. […]
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मुहिम. पथरौरा, डुमरावां,नोहसा,एकसारा जगहों पर काम शुरू
चेक डैम के प्रति ग्रामीण भी हो गये है जागरूक
बिहारशरीफ : जिले में चेक डैम बनाये जाने की डिमांड बढती जा रही है. प्रोजेक्ट जलसंचय के दूसरे चरण पर काम शुरू हो गया है. ग्रामीणों स्वयं चेक डैम का प्रपोजल लेकर कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया है. यही कारण है कि 150 स्थानों पर चेक डैम बनाये जाने का प्रपोजल ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा तैयार कर लिया गया है. वैसे प्रोजेक्ट जलसंचय के चेक डैम प्रपोजल की संख्या और अधिक हो सकता है. जिला ग्रामीण विकास विभाग को मिला है.
कुछ स्थानों पर ले आउट से लेकर काम भी शुरू कर दिया गया है.कुछ स्थानों के लिए जगह का स्टडी किया जा रहा है. जिले के राजगीर के पथरौरा, बिहारशरीफ के डुमरावां,बेन के नोहसा,मैजरा,एकसारा, अस्थावां के मालती बिंद के जामसारी, सिलाव के नीरपुर में काम को शुरू करा दिया गया है. प्रोजेक्ट जलसंचय के तहत छह तरह का प्रोजेक्ट बनाया गया था. इसके तहत पहले चरण में जिले के 16 स्थानों पर चेक डैम बनाये जा चुके हैं.
लोग बताते है कि 16 चेक डैम बनाये जाने से 130 गांव 14662 किसानों को लाभ हुआ है. नये 150 चेक डैम बनने से भूमिगत जल कस स्तर बढेगा. प्रोजेक्ट के तहत जिले के 537 योजनाओं के जरिये 416 किलोमीटर पइन की उड़ाही भी करायी गयी. इससे 14870 लाख लीटर जलसंचय हुआ. प्रोजेक्ट के तहत 1000 पोखर-खेत बनाने का संकल्प है. इसके तहत प्रथम चरण में 202 पोखर भी बनाये गये है. सभी कार्य मनरेगा से कराये जा रहे है.
जबकि कुछ साल मनरेगा का मतलब सिर्फ लूटखसोट माना जाता था. विभाग ने कार्य को बरसात से पहले बनाये जाने का लक्ष्य रखा गया है. सिलाव के नीरपुर मरयाली नदी में चेक डैम बडे़ प्रोजेक्ट का होने के कारण कई विभाग के सहयोग कराये जायेंगे. इसमें मनरेगा, कृषि, सिंचाई, लघू सिंचाई विभाग प्रमुख है. इसका प्रोजेक्ट भी बनाया जा रहा है.
मनरेगा में आवंटन मिलना शुरू
भारत सरकार के ग्रामीण विकास की संयुक्त सचिव अपराजिता सारंगी कुछ दिन पहले नालंदा के प्रोजेक्ट जल संचय के कार्यो का भौतिक सत्यापन करने के लिये आयी थी. कार्यो का भौतिक सत्यापन के बाद काफी प्रशंसा उन्होंने की थी. जलसंचय के किये गये सभी छह प्रोजेक्ट चेक डैम, आहर पैन की उड़ाही, खेत पोखरी एवं परंपरागत तालाबों का जीर्णोद्धार, वॉटर हावेस्टिंग संरचना, सघन वृक्षारोपन का अवलोकन किया गया था.निरीक्षण के दौरान यह जानकारी अधिकारी को मिला कि आवंटन के अभाव में मजदूरी भुगतान मजदूरों को नहीं हो रहा है.
इस पर वे दिल्ली बात की थी, और आश्वासन भी दिया गया था कि एक सप्ताह में आवंटन मिलना शुरू हो जायेगा. इससे पहले ही नालंदा को आवंटन मिलना शुरू हो गया है.
करनी होगा जल खेती
जल संचय के लिए जिले में जल खेती की जरूरत है. जल समस्या को देखते हुए चेक डैम, आहर पइन की उड़ाही, करने से लेकर जल संचय के सभी उपाय पर काम करना जरूरी है. चेक डैम बनाये जाने का प्रपोजल अब ग्रामीण लेकर आ रहे है साथ ही नक्शा भी स्वयं ही बनाने लगे है.
कुंदन कुमार, डीडीसी नालंदा
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