कॉलेज प्रबंधन पर कब्जे का विवाद गहराया

Updated at : 17 Dec 2016 8:14 AM (IST)
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कॉलेज प्रबंधन पर कब्जे का विवाद गहराया

मविवि कुमारी पदमा की ही कॉलेज कमेटी को मानती है सही बिहारशरीफ : नालंदा टीर्चस ट्रेनिंग कॉलेज एवं नालंदा महिला टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्रबंधन पर कब्जे को लेकर दो गुटो के बीच चली आ रही लड़ाई में अब यहां के छात्र-छात्राएं पिसने लगे हैं. स्थिति यह होती जा रही है कि यहां की जो […]

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मविवि कुमारी पदमा की ही कॉलेज कमेटी को मानती है सही
बिहारशरीफ : नालंदा टीर्चस ट्रेनिंग कॉलेज एवं नालंदा महिला टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्रबंधन पर कब्जे को लेकर दो गुटो के बीच चली आ रही लड़ाई में अब यहां के छात्र-छात्राएं पिसने लगे हैं. स्थिति यह होती जा रही है कि यहां की जो पढ़ाई की व्यवस्था पूरे बिहार में एक अलग स्थान रखती थी, उस पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है. इस कॉलेज की स्थापना जिस उद्देश को लेकर इसके संस्थापक शैलेंद्र कुमार ने की थी, उन्हीं के सपनों को चूर-चूर करने में यहां की एक स्वयंभू कॉलेज कमेटी लगी हुई है.
शैलेंद्र कुमार के अचानक निधन हो जाने के बाद से ही इस कॉलेज प्रबंधन पर कब्जे को लेकर जंग जारी है. हालंकि इन दोनों कॉलेजों के संस्थापक सचिव स्व. कुमार के बाद से ही उनकी पत्नी कुमारी पदमा बजापता कमेटी से इन दोनों कॉलेजों की सचिव हैं. इनके कार्यकाल में ही पिछले दो वर्षो से इन दोनों कॉलोजों का पढ़ाई सत्र सुचारू रूप से संचालित हो रहा हैं.
मगध विश्व विद्यालय भी इनदोनों कॉलेजों की सचिव कुमारी पदमा कमेटी को ही सही मानकर दो सत्रों का परीक्षा संचालन करा चुकी है और नामंकन भी स्वीकार किया जा रहा है. ऐसे में अचानक एक दूसरे गुट की दखल अंदाजी ने इस कॉलेज के माहौल को बिगड़कर रख दिया है. विरोधी गुट का कहना है कि उनकी ही कमेटी इन दोनों कॉलेजों की असली कमेटी है.
जबकि इनकी कमेटी से न तो इनका कोई शिक्षक पढ़ाते हैं और न ही कोई छात्र पढ़ते हैं यहां तक की इनके कमेटी से कोई परीक्षा यहां कन्डक्ट हुई है. यहां के छात्र- छात्राएं मानते है कि यह कमेटी दूसरी रूप से यहां काम कर रही हैं. जबकि सचिव कुमारी पदमा की कमेटी को सारे शिक्षक, कॉलेजकर्मी के साथ-साथ सभी छात्र-छात्राओं का का समर्थन प्राप्त है. बावजूद इस कॉलेज का अपने को सचिव होने का दावा कर रहे अरविंद कुमार और उनकी पत्नी नीलम सुजंती और कुछ सदस्य इन दोनों कॉलेजों के प्रबंधन पर जबरन काबिज होना चाह रहें हैं. यहां तक की इस कॉलेज परिसर में अरविंद कुमार और उनकी पत्नी जबरन रह भी रही हैं जिसके कारण इस कॉलेज में गुटबाजी चरम सीमा पर पहुंच गयी है. छात्रों को इस गुटबाजी से काफी परेशानी हो रही हैं.
ये दोनों कॉलेज जिले ही नहीं पूरे बिहार में अपनी बेहतर व्यवस्था के कारण जानी जाती है, लेकिन आज यहां की गुटबाजी ने कॉलेज की छवि को धूमिल कर दिया है. इस कॉलेज की सचिव कुमारी पदमा आज इस गुटबाजी के कारण असहाय हो गयी है और काफी क्षुब्ध है. उन्होंने बताया कि उनके पति ने जिस सपने को लेकर इस कॉलेज की स्थापना की थी, कुछ स्वार्थी तत्व आज इस भव्य कॉलेज को वीरान करने में तुले हुए हैं. उन्होंने बताया कि यहां तक की कॉलेज का रास्ता तक बंद कर दिया गया है. हमेशा इस कॉलेज में रह रहे उनके विरोधी गुट उन्हंंे तंग फजीहत कर रहे हैं.
साथ ही यहां पढ़ने वाले छात्राएं इस विरोधी गुट से अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सचिव कुमारी पदमा ने बताया कि अरविंद कुमार द्वारा जबरन इस कॉलेज में नामंाकन लेने वाले छात्र- छात्राओं को दिग्भ्रमित कर नामांकन फार्म भरवाया जा रहा है. कुछ छात्रों ने भी बताया कि यहां अरविंद कुमार द्वारा जबरन फार्म भरवाया गया है. जिस तरह से आज परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं की कॉपियां विरोधी गुटों के द्वारा फाड़ी गयीं, उसमें छात्रों का क्या कसूर था, जिसके कारण उनकी आज की परीक्षा रद्द हो गयी.
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